₹1,300 करोड़ का Aditya infotech IPO पहले ही दिन हुआ पूरा सब्सक्राइब, रिटेल निवेशकों ने दिखाई जबरदस्त दिलचस्पी!

₹1,300 करोड़ का Aditya infotech IPO पहले ही दिन हुआ पूरा सब्सक्राइब, रिटेल निवेशकों ने दिखाई जबरदस्त दिलचस्पी!


देश की अग्रणी सीसीटीवी और सुरक्षा उत्पाद निर्माता कंपनी का Aditya infotech ipo (CP Plus ब्रांड के तहत) ₹1,300 करोड़ का पहले ही दिन यानी **29 जुलाई 2025** को पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। इस IPO को रिटेल निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिन्होंने अपने आवंटित हिस्से को **3.5 गुना से ज्यादा** सब्सक्राइब किया।

पहला दिन: सब्सक्रिप्शन का हाल


**रिटेल निवेशकों का दबदबा:** IPO के पहले दिन दोपहर तक रिटेल कटेगरी ने 3.5 गुना से लेकर 4.4 गुना तक आवेदन कर दिए। नॉन-इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की ओर से 1.4x से 1.7x सब्सक्रिप्शन हुआ, जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की भागीदारी अभी तक केवल 1% ही रही।

**ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP):** ग्रे मार्केट में Aditya infotech IPO के प्रति काफी उत्साह देखा जा रहा है, जहां शेयर का प्रीमियम **₹240 से ₹263** तक चल रहा है। यह प्रीमियम ऊपरी प्राइस बैंड **₹675** के मुकाबले देखा गया है, जिससे लिस्टिंग के समय करीब **39% तक** का मुनाफा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

**एंकर निवेशकों से शानदार रिस्पॉन्स:** Aditya infotech IPO खुलने से पहले ही कंपनी ने **₹582 करोड़** जुटा लिए थे। इनमें नाम शामिल हैं – **Government of Singapore, Goldman Sachs, HDFC Mutual Fund**, और **Abu Dhabi Investment Authority** जैसे दिग्गज निवेशकों का।

✅ Aditya infotech IPO की मुख्य विशेषताएं


**कुल आकार:** ₹1,300 करोड़
अ – ₹500 करोड़ — नया इक्विटी इश्यू
ब – ₹800 करोड़ — प्रोमोटर की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS)

**प्राइस बैंड:** ₹640–₹675 प्रति शेयर
**लॉट साइज:** 22 शेयर (लगभग ₹14,850 न्यूनतम निवेश)
**बोली की अवधि:** 29 जुलाई से 31 जुलाई तक
**लिस्टिंग की संभावित तारीख:** 5 अगस्त 2025
**लीड मैनेजर:** ICICI सिक्योरिटीज और IIFL कैपिटल

📈 निवेशकों के लिए क्यों खास है यह IPO?


**बाजार में अग्रणी स्थिति:** CP Plus ब्रांड के तहत आदित्य इंफोटेक सिक्योरिटी और निगरानी उत्पादों में भारत की प्रमुख कंपनी है। इसके उत्पादों का उपयोग सरकारी से लेकर व्यक्तिगत व औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से होता है।

**मजबूत वित्तीय प्रदर्शन:** कंपनी का मुनाफा पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है और इसके पास खुद की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को समर्थन देती है।

**भविष्य की संभावनाएं:** भारत में सुरक्षा की मांग बढ़ रही है – खासकर शहरीकरण, स्मार्ट सिटी योजनाओं और संवेदनशील इंफ्रास्ट्रक्चर में निगरानी बढ़ने के कारण।

**इरादा साफ – कर्ज घटाना:** Aditya infotech IPO से जुटाई गई राशि का अधिकांश हिस्सा कंपनी अपने कर्ज को कम करने में लगाएगी, जिससे बैलेंस शीट मजबूत होगी और विकास के लिए अधिक संसाधन मिलेंगे।

👥 निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें


**मांग ज्यादा, शेयर सीमित:** रिटेल श्रेणी में 3.5x से ज्यादा की सब्सक्रिप्शन के चलते कई छोटे निवेशकों को आंशिक या शायद कोई अलॉटमेंट न मिले।

**मूल्यांकन पर नज़र:** बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि कंपनी की स्थिति मजबूत है, लेकिन कुछ चेतावनी दे रहे हैं कि मूल्यांकन (Valuation) थोड़ा ऊँचा हो सकता है।

**ब्रोकरेज की राय:** ज़्यादातर वित्तीय सलाहकारों ने ‘**लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब करें**’ की सलाह दी है।

🧾 निष्कर्ष


Aditya infotech IPO दिन की शुरुआत में ही ओवरसब्सक्राइब होना भारतीय निवेशकों के बीच सुरक्षा तकनीकी कंपनियों के प्रति भरोसे को दर्शाता है। मजबूत वित्तीय स्थिति, बाजार में स्पष्ट लीडरशिप और उच्च GMP इस IPO को एक आकर्षक निवेश अवसर बना रहा है। 5 अगस्त को सूचीबद्ध होने से पहले यह IPO खुद ही एक सफल मुद्दा बन चुका है।

**निवेश से पहले, आवश्यक वित्तीय सलाह अवश्य लें।**

TCS Layoffs: Skill Gaps, AI Hype और प्रबंधन में बदलाव की अनकही कहानी!

TCS Layoffs: Skill Gaps, AI Hype और प्रबंधन में बदलाव की अनकही कहानी!


भारत की सबसे बड़ी IT सर्विस कंपनी, ने वित्तवर्ष 2025-26 में TCS Layoffs की घोषणा करके पूरे टेक उद्योग को चौंका दिया। इस फैसले के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल के कारण यह कदम उठाया गया। लेकिन अब कंपनी के CEO के. कृतिवासन ने इस मुद्दे पर चुप्पी तोड़ते हुए वास्तविक कारणों का खुलासा किया है।

TCS layoffs के पीछे क्या है असली वजह?


TCS layoffs: कंपनी ने बताया कि वह अपने वैश्विक वर्कफोर्स का लगभग 2% हिस्सा घटा रहा है, जो मुख्य रूप से मिड और सीनियर मैनेजमेंट स्तर के कर्मचारियों को प्रभावित करेगा। शुरुआती कयासों में इसे AI और ऑटोमेशन से जोड़कर देखा गया, लेकिन CEO कृतिवासन ने इसको गलत बताया।

> “यह फैसला AI से जुड़ी 20% उत्पादकता बढ़ोतरी के कारण नहीं लिया गया है। असल वजह स्किल mismatch और कर्मचारी की सही जगह तैनाती न हो पाना है,” — के. कृतिवासन, मनीकंट्रोल से बातचीत में।

स्किल्स की कमी एवं पुनर्नियोजन की दिक्कत



कृतिवासन के अनुसार, छंटनी का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि कुछ कर्मचारियों के पास कंपनी की नई तकनीक-आधारित जरूरतों के अनुसार कौशल नहीं था। खासकर सीनियर स्तर पर कुछ लोग नई टेक्नोलॉजी में खुद को अपग्रेड नहीं कर पाए, भले ही उन्हें इसके लिए प्रशिक्षित किया गया हो।

TCS ने अब तक 5.5 लाख से अधिक कर्मचारियों को AI की बेसिक ट्रेनिंग दी है और 1 लाख से अधिक को एडवांस AI में ट्रेंड किया है। बावजूद इसके, कुछ भूमिकाएं कंपनी की रणनीति में सामंजस्य नहीं बिठा पा रही थीं।

क्या AI पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं?



हालांकि CEO ने AI को सीधे छंटनी का कारण नहीं बताया, लेकिन यह जरूर माना जा रहा है कि बदलती तकनीक, स्वचालन और मशीन लर्निंग की वजह से IT सेक्टर की कार्य प्रणाली में व्यापक बदलाव आ रहा है। क्लाइंट्स अब तेजी, मूल्य और इनोवेशन की मांग कर रहे हैं—जिससे पुराने तरीके की भूमिकाएं कम होती जा रही हैं।

विशेषज्ञों की मानें तो AI अप्रत्यक्ष रूप से कर्मचारियों की जरूरतों को प्रभावित कर रहा है, और इससे संगठनों को अपने कार्यबल का पुन: मूल्यांकन करना पड़ता है।

चरणबद्ध और सहानुभूतिपूर्ण तरीका



TCS का कहना है कि छंटनी एक झटके में नहीं की जाएगी। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे पूरे वर्ष चलेगी ताकि प्रभावित कर्मचारियों को पुनर्नियोजन या अन्य समर्थन दिया जा सके। कंपनी ने वादा किया है कि जिनकी नौकरी जाएगी, उन्हें नोटिस पीरियड सैलरी, सेवरेंस पैकेज, हेल्थ इंश्योरेंस, काउंसलिंग और जॉब प्लेसमेंट जैसी सुविधाएं दी जाएंगी।

IT क्षेत्र का भविष्य क्या है?



TCS अब “फ्यूचर-रेडी” बनने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है, जिसमें कुशलता, आधुनिक टेक्नोलॉजी और ग्राहक की बदलती मांगें अहम भूमिका निभा रही हैं। CEO ने साफ किया कि AI से सीधे नौकरी नहीं गई, लेकिन टेक्नोलॉजी बदलाव और स्किल्स की जरूरतों का असर ज़रूर पड़ रहा है।

मुख्य बातें संक्षेप में:


**AI नहीं है सीधे जिम्मेदार:** CEO के मुताबिक, छंटनी AI से नहीं बल्कि स्किल गेप और पुनर्नियोजन में असफलता के कारण हुई है।
**अपस्किलिंग पर जोर:** TCS ने लाखों कर्मचारियों को AI ट्रेनिंग दी है, फिर भी कुछ लोग नई भूमिकाओं के लिए उपयुक्त नहीं हो पाए।
**बदलता इंडस्ट्री ट्रेंड:** TCS की रणनीति पूरी IT इंडस्ट्री में तकनीकी बदलाव को दर्शाती है।
**कर्मचारी हितों का ध्यान:** छंटनी को सहानुभूतिपूर्ण तरीके से लागू किया जाएगा, पूरी सहायता के साथ।

निष्कर्ष


TCS layoffs: कंपनी ने जो निर्णय लिया है वह दर्शाता है कि आज के दौर में IT कंपनियों को सिर्फ तकनीक के साथ नहीं बल्कि संसाधनों के सही उपयोग और भविष्य की जरूरतों के अनुसार खुद को ढालना पड़ रहा है।

CEO K. कृतिवासन के अनुसार, AI अभी नौकरियां ले जाने वाला नहीं बना, लेकिन यह साफ है कि भविष्य के लिए तैयार होना अब सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।

TCS में 12,000 कर्मचारियों की छुट्टी! जानिए कौन-कौन होंगे बाहर?

TCS में 12,000 कर्मचारियों की छुट्टी! जानिए कौन-कौन होंगे बाहर?


भारत की सबसे बड़ी आईटी सेवा प्रदाता कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने रविवार को घोषणा की कि TCS में 12,000 कर्मचारियों की छुट्टी होगी। वह वित्त वर्ष 2026 (अप्रैल 2025 से मार्च 2026) के दौरान अपने कुल कार्यबल में से 2% की कटौती करने की योजना बना रही है। यह छंटनी मुख्य रूप से मध्य और वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर केंद्रित होगी।

कर्मचारियों की कटौती का कारण क्या है?


कंपनी के अनुसार, यह निर्णय संगठनात्मक दक्षता बढ़ाने, स्वचालन (automation) को अपनाने और प्रबंधन स्तर को सरल करने की रणनीति के तहत लिया गया है। बदलती तकनीकी दुनिया में, टीसीएस अपने संचालन को अधिक चुस्त और प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए पुराने ढांचे में बदलाव कर रही है।

टीसीएस के एक प्रवक्ता ने बताया:


> “हम लगातार अपने संगठनात्मक ढांचे और प्रतिभा की आवश्यकताओं का मूल्यांकन करते रहते हैं। यह योजना ग्राहकों की बदलती जरूरतों, तकनीकी प्रगति और लागत प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।”

किन कर्मचारियों पर होगा सबसे अधिक असर?


इस बार की छंटनी में खास बात यह है कि यह प्रवेश स्तर (entry-level) के बजाय मध्य और वरिष्ठ प्रबंधन पर केंद्रित होगी। प्रभावित कर्मचारियों में प्रोजेक्ट मैनेजर, टीम लीड और अनुभवी प्रबंधन पदों पर कार्यरत लोग शामिल होंगे, जिनकी कंपनी में कई वर्षों की सेवा रही है।

टीसीएस अब पारंपरिक पदानुक्रम (hierarchy) से हटकर एक फ्लैट और कौशल-आधारित संरचना की ओर बढ़ रही है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज और सरल हो सके।

TCS में 12,000 कर्मचारियों की छुट्टी: कितने लोगों पर पड़ेगा प्रभाव?


टीसीएस वर्तमान में दुनिया भर में 6 लाख से अधिक कर्मचारियों को रोजगार देती है। 2% की कटौती का अर्थ है कि लगभग 12,000 कर्मचारियों को प्रभावित किया जा सकता है। हालांकि यह प्रक्रिया एक साथ नहीं होगी, बल्कि चरणबद्ध तरीके से पूरे वित्त वर्ष में लागू की जाएगी।

स्वैच्छिक रिटायरमेंट और पुनर्नियोजन का विकल्प


टीसीएस इस प्रक्रिया को संवेदनशील तरीके से लागू करना चाहती है। कंपनी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजनाएं (VRS) और पुनर्नियोजन (redeployment) के विकल्प प्रदान कर सकती है ताकि जबरन छंटनी की संख्या को कम किया जा सके। साथ ही, कंपनी द्वारा नवीनतम तकनीकों में प्रशिक्षण और पुन: कौशल विकास (reskilling) के अवसर भी दिए जा सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम कंपनी की कर्मचारी अनुकूल छवि बनाए रखने में मदद करेगा।

बाजार और उद्योग जगत की प्रतिक्रिया


इस घोषणा के बाद आईटी क्षेत्र में मिश्रित प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ विश्लेषकों के अनुसार यह एक साहसिक और आवश्यक कदम है, जबकि अन्य इसे कर्मचारी मनोबल पर नकारात्मक असर डालने वाला मानते हैं।

आईटी क्षेत्र के विश्लेषक रवि मेहता ने कहा:


> “टीसीएस एक रणनीतिक जोखिम उठा रही है। वरिष्ठ प्रबंधन में कटौती केवल लागत की बात नहीं है, यह संस्कृति में बदलाव का संकेत है।”


गौरतलब है कि वर्तमान में पूरी आईटी इंडस्ट्री क्लाइंट खर्च में कमी, वैश्विक अनिश्चितताओं और डिजिटल प्राथमिकताओं में बदलाव जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।

युवाओं को मिलेगा अवसर


छंटनी की योजना के बावजूद, टीसीएस ने यह स्पष्ट किया है कि वह फ्रेशर्स और तकनीकी युवाओं की भर्ती जारी रखेगी, खासकर AI, मशीन लर्निंग, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में। कंपनी का उद्देश्य अपने कार्यबल को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करना है।

निष्कर्ष


टीसीएस का यह कदम केवल एक लागत-कटौती रणनीति नहीं है, बल्कि एक आधुनिक और उत्तरदायी संगठन के निर्माण की दिशा में एक अहम प्रयास है। यह परिवर्तन संगठन को अधिक तेज़, कुशल और नवाचार-प्रेरित बनाने के लिए आवश्यक है।

हालांकि, यह देखना बाकी है कि कंपनी इस परिवर्तन को कितनी सफलता और संवेदनशीलता के साथ लागू कर पाती है। टीसीएस के इस निर्णय का असर न केवल उसके भीतर, बल्कि पूरे आईटी क्षेत्र पर दिखाई देने की संभावना है।

YouTube Trending page 21 जुलाई को होगा बंद, 9 साल बाद लिया गया बड़ा फैसला कंपनी ने घटती लोकप्रियता को बताया कारण!

YouTube Trending page 21 जुलाई को होगा बंद, 9 साल बाद लिया गया बड़ा फैसला कंपनी ने घटती लोकप्रियता को बताया कारण!


दुनिया के सबसे बड़े वीडियो प्लेटफॉर्म YouTube ने एक अहम फैसला लेते हुए घोषणा की है कि वह 21 जुलाई, 2025 से अपने “Trending” पेज को हटा देगा। यह फीचर 2015 में लॉन्च किया गया था और इसका उद्देश्य था लोगों को उन वीडियोस से जोड़ना जो उस समय सबसे ज्यादा देखे और पसंद किए जा रहे थे।

Trending पेज को क्यों हटाया जा रहा है?


YouTube की आधिकारिक घोषणा के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में Trending पेज की उपयोगिता में भारी गिरावट देखने को मिली है। कंपनी ने स्वीकार किया कि इस पेज पर विजिट्स लगातार कम हो रहे थे, जिससे इसका महत्व धीरे-धीरे घटता चला गया।

आज के समय में उपयोगकर्ता AI-आधारित सुझावों, पर्सनलाइज़्ड होमपेज, और YouTube Shorts जैसे फीचर्स पर ज्यादा निर्भर हो गए हैं। ऐसे में एक समान रूप से सभी को दिखाया जाने वाला Trending पेज अब उतना उपयोगी नहीं रहा।

क्या Trending पेज अपना मकसद पूरा कर चुका था?


Trending सेक्शन को शुरू में इस मकसद से लाया गया था कि यूज़र्स यह जान सकें कि YouTube पर किस तरह का कंटेंट उस वक्त वायरल है। लेकिन धीरे-धीरे यह फीचर एक ऐसा टूल बन गया, जिसका इस्तेमाल कई बड़े यूट्यूबर्स और म्यूज़िक कंपनियां अपने वीडियो की लोकप्रियता दिखाने के लिए करने लगे।

आलोचकों का मानना था कि यह सेक्शन इंडिपेंडेंट या नए क्रिएटर्स को कम मौका देता था, और प्रायः उन्हीं चैनलों को जगह मिलती थी जिनकी ऑडियंस पहले से बड़ी थी।

अब Trending की जगह क्या आएगा?


हालांकि YouTube ने Trending का कोई सीधा विकल्प घोषित नहीं किया है, लेकिन Explore टैब को अब ज्यादा महत्व मिलने की उम्मीद है। Explore सेक्शन पहले से ही म्यूजिक, गेमिंग, न्यूज़ और मूवीज़ जैसे कई कैटेगरीज़ में कंटेंट सजेस्ट करता है।

इसके अलावा, YouTube Shorts, जो कि अब तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, कंटेंट डिस्कवरी का एक मजबूत जरिया बन चुका है। आने वाले समय में YouTube अपने यूज़र्स को उनकी रुचियों के आधार पर ज्यादा पर्सनलाइज्ड कंटेंट दिखाएगा।

भविष्य की दिशा: लोकप्रियता से ज्यादा व्यक्तिगत अनुभव


YouTube का यह कदम दर्शाता है कि अब डिजिटल प्लेटफॉर्म्स व्यक्तिगत पसंद पर आधारित अनुभव को अधिक महत्व दे रहे हैं। Instagram, TikTok और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स अब AI-आधारित सजेशन सिस्टम पर काम कर रहे हैं, जो यूज़र्स को उनकी पसंद के अनुसार कंटेंट दिखाते हैं।

Trending पेज को हटाकर, YouTube इस बदलती डिजिटल आदत के अनुसार खुद को ढाल रहा है, जहां तेज़, कस्टमाइज़्ड और रियल टाइम कंटेंट एक्सपीरियंस की मांग बढ़ती जा रही है।

निष्कर्ष:


YouTube का Trending पेज अब इतिहास बन जाएगा। एक समय पर जो फीचर सबसे अहम हुआ करता था, आज की टेक्नोलॉजी और यूजर बिहेवियर में बदलाव के चलते अब उसकी जरूरत नहीं रह गई है। YouTube अब पर्सनलाइज्ड और इंटेलिजेंट कंटेंट सिफारिशों पर फोकस कर रहा है, जिससे यूज़र्स को और बेहतर अनुभव मिल सके।

भारती एयरटेल दे रहा है एक साल की मुफ्त Perplexity Pro सदस्यता, जानें कैसे उठाएं लाभ?

भारती एयरटेल दे रहा है एक साल की मुफ्त Perplexity Pro सदस्यता, जानें कैसे उठाएं लाभ?


देश की अग्रणी टेलीकॉम कंपनियों में से एक भारती एयरटेल अपने ग्राहकों को एक अनोखा और डिजिटल अनुभव प्रदान करने के लिए Perplexity Pro की एक साल की फ्री सब्सक्रिप्शन दे रहा है। यह सुविधा कुछ चुनिंदा योग्य यूज़र्स को ही उपलब्ध कराई जा रही है और इसका उद्देश्य ग्राहकों को एक एडवांस AI-पावर्ड सर्च टूल का लाभ देना है।

क्या है Perplexity Pro?


Perplexity एक पारंपरिक AI चैटबॉट नहीं है, जैसे कि ChatGPT या Google Gemini। यह एक AI-संचालित सर्च इंजन है, जिसमें आप किसी भी विषय पर सवाल पूछ सकते हैं और यह इंटरनेट से जानकारी इकट्ठा करके जवाब देता है।

Perplexity Pro का उपयोग करने से यूज़र्स को गहरे और तेज़ सर्च रिज़ल्ट्स, प्रायोरिटी एक्सेस और अतिरिक्त फीचर्स का लाभ मिलता है।

किन तकनीकों से चलता है Perplexity?


Perplexity Pro को बेहद एडवांस्ड AI मॉडल्स की मदद से चलाया जा रहा है, जैसे कि GPT-4.1 (OpenAI द्वारा विकसित) और Claude 4.0 Sonnet (Anthropic द्वारा)। ये मॉडल रीयल-टाइम और विश्वसनीय जानकारी को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

इस तकनीक का उद्देश्य है यूज़र्स को सटीक, स्पष्ट और तथ्यात्मक उत्तर देना — वह भी इंटरनेट से ताज़ा जानकारी के आधार पर।

किन ग्राहकों को मिलेगा यह लाभ?


एयरटेल ने अभी तक इस ऑफर की पूरी पात्रता सूची सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन संभावना है कि यह ऑफर पोस्टपेड, ब्रॉडबैंड या हाई-वैल्यू प्रीपेड ग्राहकों को दिया जाएगा। अपने पात्रता की जानकारी के लिए ग्राहक Airtel Thanks ऐप या एयरटेल की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर चेक कर सकते हैं।

कैसे पाएं मुफ्त सदस्यता?


यदि आप योग्य ग्राहक हैं, तो आप नीचे दिए गए आसान स्टेप्स फॉलो कर के Perplexity Pro की एक साल की मुफ्त सदस्यता पा सकते हैं:

1. अपने स्मार्टफोन में Airtel Thanks ऐप खोलें।


2. होमपेज पर Perplexity Pro ऑफर का बैनर ढूंढें या “Rewards” सेक्शन में जाएं।


3. ऑफर पर क्लिक करें और दिए गए निर्देशों का पालन करें।



एक बार सदस्यता एक्टिवेट हो जाने के बाद, आप अपने एयरटेल-रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर या ईमेल ID से Perplexity पर लॉग इन कर सकते हैं और Pro सुविधाओं का उपयोग शुरू कर सकते हैं।

क्यों है यह ऑफर खास?


यह ऑफर एयरटेल की डिजिटल-फर्स्ट रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद ग्राहकों को उन्नत टेक्नोलॉजी का अनुभव देना है। आज जब artificial intelligence (AI) तेजी से हमारी ऑनलाइन खोजने की आदतों को बदल रहा है, Perplexity Pro जैसे टूल्स यूज़र्स को तेज़, सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाने में मदद करते हैं।

इस पहल से न सिर्फ एयरटेल की ब्रांड वैल्यू बढ़ेगी, बल्कि ग्राहकों को भी एक नए और उपयोगी डिजिटल टूल का मुफ्त लाभ मिलेगा।


बेंगलुरु में “No UPI, Only Cash” ट्रेंड क्यों कर रहा है वायरल? जानिए असली वजह!

बेंगलुरु में “No UPI, Only Cash” ट्रेंड क्यों कर रहा है वायरल? जानिए असली वजह!


भारत की टेक्नोलॉजी राजधानी कहे जाने वाले बेंगलुरु में एक हैरान करने वाला ट्रेंड सामने आया है। कई दुकानदारों और व्यापारियों ने सोशल मीडिया पर “No UPI, Only Cash” वाली पोस्ट की हैं जो कि बहुत वायरल हो रही हैं।

कई दुकानदार अब UPI या किसी भी डिजिटल भुगतान को स्वीकार नहीं कर रहे हैं और ग्राहकों से केवल नकद लेन-देन की मांग कर रहे हैं। इस फैसले से शहर के डिजिटल-फ्रेंडली उपभोक्ताओं को काफी असुविधा हो रही है।

आखिर क्या है इसके पीछे की वजह?


इस बदलाव के पीछे कई प्रमुख कारण हैं जो छोटे व्यापारियों को डिजिटल भुगतान से दूर कर रहे हैं:

1. UPI पर बढ़ती अप्रत्यक्ष लागतें

हालांकि ग्राहकों के लिए UPI ट्रांजैक्शन मुफ्त हैं, लेकिन व्यापारियों को कुछ मामलों में पेमेंट गेटवे चार्ज, सेटलमेंट डिले, या लिमिटेड सर्विसेस का सामना करना पड़ता है। छोटे दुकानदारों का कहना है कि उन्हें भुगतान की पूरी राशि नहीं मिलती या उसमें देरी होती है।

2. टैक्स और कानूनी जटिलताएं

डिजिटल भुगतान से लेन-देन का पूरा रिकॉर्ड बन जाता है, जिससे टैक्स विभाग की नजर में आना तय है। कई छोटे दुकानदार जो अब तक नकद में व्यापार कर टैक्स से बचते थे, अब डिजिटल भुगतान से अतिरिक्त कर बोझ और कॉम्प्लायंस का डर महसूस कर रहे हैं।

3. तकनीकी खराबियां और नेटवर्क समस्याएं

UPI आधारित भुगतान में कभी-कभी सर्वर फेलियर, नेटवर्क की समस्या, या लेन-देन की देरी भी आम हो गई है। दुकानदारों का कहना है कि ट्रांजैक्शन फेल होने पर ग्राहक असंतुष्ट हो जाते हैं और उन्हें नुकसान होता है।

4. नकद में तरलता (Liquidity) बेहतर

छोटे व्यापारी दिन-प्रतिदिन की खरीदारी, सप्लायर का भुगतान और अन्य खर्चों के लिए तुरंत नकद उपलब्धता को प्राथमिकता देते हैं। डिजिटल ट्रांजैक्शन की प्रक्रिया में समय लगता है, जिससे उनका कार्य प्रभावित होता है।

ग्राहकों की प्रतिक्रिया


युवा पीढ़ी और डिजिटल लेन-देन की आदती ग्राहक इस चलन से नाराज़ हैं। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर ऐसे बोर्ड की तस्वीरें साझा की हैं, जिन पर लिखा है, “No UPI, Only Cash”। कुछ ग्राहक नकद लेकर आ रहे हैं, जबकि कुछ दुकानों से खरीदारी बंद कर चुके हैं।

शहर में आने वाले पर्यटक और नए लोग इस स्थिति से और भी अधिक असमंजस में हैं, क्योंकि भारत के बाकी हिस्सों में डिजिटल भुगतान को तेजी से अपनाया जा रहा है।

सरकार की डिजिटल इंडिया पहल को चुनौती


सरकार UPI और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने में अग्रणी रही है। भारत आज दुनिया में सबसे ज़्यादा रियल टाइम डिजिटल ट्रांजैक्शन करने वाला देश बन चुका है। फिर भी, बेंगलुरु जैसे शहर में ये रुझान दिखाता है कि जमीनी स्तर पर अब भी समस्याएं बरकरार हैं।

आगे का रास्ता


जब तक सरकार व्यापारी वर्ग की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लेती — जैसे कि चार्जेस में कटौती, टैक्स में छूट, या सिस्टम को ज्यादा भरोसेमंद बनाना — तब तक नकद लेन-देन की ओर वापसी जारी रह सकती है।

फिलहाल, यदि आप बेंगलुरु में हैं, तो यह सुझाव दिया जा सकता है कि अपने वॉलेट में कुछ नकद ज़रूर रखें — क्योंकि हर दुकान डिजिटल नहीं है।

भारत ने लॉन्च की स्वदेशी ATAGS तोप, कुछ ही सेकंड में पाकिस्तान तक कर सकती है हमला!

भारत ने लॉन्च की स्वदेशी ATAGS तोप, कुछ ही सेकंड में पाकिस्तान तक कर सकती है हमला!


आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए भारत ने अपनी अत्याधुनिक स्वदेशी तोप प्रणाली एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। यह शक्तिशाली तोप प्रणाली रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित की गई है, जिसमें भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स जैसी प्रमुख निजी कंपनियों का भी अहम योगदान रहा है।

कुछ ही सेकंड में दुश्मन पर सटीक वार


ATAGS की सबसे बड़ी खासियत इसकी दूर तक मार करने की क्षमता है। यह तोप पाकिस्तान की सीमा के अंदर तक स्थित लक्ष्यों को कुछ ही सेकंड में सटीकता से निशाना बना सकती है। इसका अधिकतम मारक दायरा लगभग 48 किलोमीटर है, जो इसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली टोएड आर्टिलरी गन में शामिल करता है।

उन्नत तकनीक से लैस


ATAGS में कई अत्याधुनिक तकनीकी खूबियाँ शामिल हैं:

155 मिमी, 52-कैलिबर बैरल

स्वचालित गोला-बारूद हैंडलिंग सिस्टम

इलेक्ट्रो-मेकैनिकल नियंत्रण प्रणाली जो सटीकता बढ़ाती है।

सभी प्रकार की जमीन पर चलने की क्षमता


यह तोप 60 सेकंड में 5 गोले दाग सकती है और इसकी सतत फायरिंग क्षमता 60 राउंड प्रति घंटा है, जो इसे एक असाधारण युद्धक प्रणाली बनाती है।

पूरी तरह स्वदेशी निर्माण


ATAGS भारत की रक्षा निर्माण क्षमता का बेहतरीन उदाहरण है। यह प्रणाली लगभग 80% तक स्वदेशी रूप से विकसित की गई है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को मजबूती देती है।

इस तोप का परीक्षण भारत के विभिन्न मौसमों और भौगोलिक परिस्थितियों में किया गया, जैसे ऊँचाई वाले क्षेत्रों और रेगिस्तानी इलाकों में। हर बार यह प्रणाली उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन करने में सफल रही।

सामरिक दृष्टिकोण से अहम


ATAGS के सेना में शामिल होने से भारत की तोपखाना रेजीमेंट की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा, खासकर पाकिस्तान के साथ लगती पश्चिमी सीमा पर। इसकी लंबी रेंज, तेज तैनाती और सटीक निशाना लगाने की क्षमता इसे सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तोप प्रणाली भारत की प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करेगी और दुश्मनों के लिए एक सख्त संदेश होगी।

आगे की योजनाएं


रक्षा मंत्रालय द्वारा इस प्रणाली की पहली खेप के लिए ऑर्डर दिया जा चुका है। आने वाले वर्षों में 300 से अधिक ATAGS तोपों को भारतीय सेना में शामिल किया जाएगा, जिससे पुरानी बोफोर्स और अन्य आयातित तोपों को धीरे-धीरे बदला जाएगा।

भारत भविष्य में इस उन्नत प्रणाली का अन्य मित्र देशों को निर्यात करने की भी योजना बना रहा है, जिससे भारत की रक्षा निर्यात क्षमता को बल मिलेगा।


निष्कर्ष:


ATAGS का सफल अनावरण भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न केवल देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि भारत को वैश्विक सैन्य तकनीक में एक नई पहचान भी दिलाता है। यह कदम आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की ओर एक बड़ा और गर्वपूर्ण प्रयास है।

Apple iPhone 16 की कीमत में बड़ी कटौती: Flipkart और Amazon पर सस्ते में मिल रहा है Apple का यह प्रीमियम फोन!

Apple iPhone 16 की कीमत में बड़ी कटौती: Flipkart और Amazon पर सस्ते में मिल रहा है Apple का यह प्रीमियम फोन!


Apple प्रेमियों और टेक यूजर्स के लिए खुशखबरी है। Flipkart और Amazon पर Apple iPhone 16 सीरीज पर जबरदस्त छूट मिल रही है, जिससे यह प्रीमियम स्मार्टफोन अब पहले से कहीं ज्यादा किफायती हो गया है।

Apple iPhone 17 के संभावित लॉन्च से पहले दोनों ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स स्टॉक क्लियर करने के मकसद से भारी डिस्काउंट और बैंक ऑफर्स दे रहे हैं।

Apple iPhone 16 की नई कीमत क्या है?


iPhone 16, iPhone 16 Plus, iPhone 16 Pro और iPhone 16 Pro Max जैसे मॉडल्स पर बंपर ऑफर्स चल रहे हैं। जहां इसकी शुरुआती कीमत ₹79,990 थी, वहीं अब छूट के बाद कीमतें कुछ इस प्रकार हो गई हैं:

iPhone 16 (128GB) – लगभग ₹69,999

iPhone 16 Plus (128GB) – लगभग ₹75,499

iPhone 16 Pro (128GB) – करीब ₹1,18,000

iPhone 16 Pro Max (256GB) – लगभग ₹1,32,000


ध्यान दें कि ये कीमतें विक्रेता और स्टॉक के अनुसार थोड़ी बहुत अलग हो सकती हैं।

Flipkart पर मिल रही छूट कैसे कम कर रही है कीमत?


Flipkart पर iPhone 16 की कीमतों में कटौती निम्नलिखित तरीकों से हो रही है:

MRP पर सीधी छूट

एक्सचेंज ऑफर – पुराने फोन के बदले ₹25,000 तक की छूट

बैंक ऑफर:

HDFC बैंक क्रेडिट/डेबिट कार्ड पर 10% तक की तत्काल छूट

0% ब्याज वाली EMI की सुविधा


साथ ही, Flipkart Axis बैंक कार्ड यूज़र्स को कैशबैक और प्राथमिकता डिलीवरी जैसे लाभ भी मिल रहे हैं।

Amazon इंडिया पर iPhone 16 ऑफर!


Amazon भी iPhone 16 पर आकर्षक डील्स दे रहा है, जिनमें शामिल हैं:

₹5,000 से ₹10,000 तक की सीधी छूट

कूपन आधारित डिस्काउंट

एक्सचेंज बोनस – ₹23,000 तक

बैंक ऑफर:


Amazon Pay ICICI कार्ड पर 5% इंस्टेंट डिस्काउंट

मेजर क्रेडिट कार्ड्स पर इंटरेस्ट-फ्री EMI


Amazon Prime मेंबर्स को एक्सक्लूसिव डील्स और जल्दी एक्सेस का फायदा मिल रहा है।

कीमत में गिरावट क्यों आई?


Apple के अगले मॉडल iPhone 17 के सितंबर 2025 में आने की संभावना है। ऐसे में Apple और उसके रिटेल पार्टनर iPhone 16 का स्टॉक खाली करने के लिए यह बड़ा डिस्काउंट दे रहे हैं। साथ ही, Amazon की Prime Day Sale और Flipkart की Big Saving Days जैसी सेल भी इस कीमत में गिरावट का एक बड़ा कारण है।

क्या अभी iPhone 16 खरीदना सही रहेगा?


अगर आप Apple का लेटेस्ट और पावरफुल iPhone लेना चाहते हैं जिसमें A17 चिप, बेहतर कैमरा सिस्टम और iOS 18 सपोर्ट जैसी खूबियां हैं, तो ये ऑफर्स आपके लिए शानदार मौका हैं। EMI, एक्सचेंज और बैंक डिस्काउंट की मदद से यह डिवाइस अब अधिकतम वैल्यू-फॉर-मनी ऑफर कर रहा है।

निष्कर्ष:


चाहे आप Flipkart का चुनाव करें या Amazon का, दोनों प्लेटफॉर्म पर iPhone 16 को बेहद सस्ते दाम पर खरीदा जा सकता है। ध्यान रहे कि ये ऑफर्स सीमित समय के लिए ही हैं, इसलिए देरी किए बिना ऑफर का फायदा उठाएं।


Shubhanshu Shukla की वापसी को राष्ट्रपति ने बताया ‘भारत के लिए मील का पत्थर’

Shubhanshu Shukla की वापसी को राष्ट्रपति ने बताया ‘भारत के लिए मील का पत्थर’


भारत के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण के रूप में, देश के जाने-माने वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ Shubhanshu Shukla की भारत वापसी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने “भारत के लिए मील का पत्थर” करार दिया है। इस खबर के सामने आते ही देशभर में उत्साह और गर्व की लहर दौड़ गई है। राजनेताओं से लेकर आम नागरिकों तक सभी ने इस वापसी का स्वागत करते हुए इसे भारत के विकास पथ में एक अहम मोड़ बताया है।

कौन हैं Shubhanshu Shukla?


शुभांशु शुक्ला एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं, जो पिछले कुछ वर्षों से विदेशों में रहकर उच्चस्तरीय तकनीकी और अनुसंधान परियोजनाओं पर कार्य कर रहे थे। उनकी विशेषज्ञता कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रक्षा तकनीक, और नवाचार जैसे क्षेत्रों में मानी जाती है। अब उनके भारत लौटने से देश को तकनीकी क्षेत्र में नई दिशा और गति मिलने की उम्मीद की जा रही है।

राष्ट्रपति मुर्मू का बयान


राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने आधिकारिक बयान में कहा,
Shubhanshu Shukla की वापसी केवल एक व्यक्ति की घर वापसी नहीं है, बल्कि यह भारत की प्रगति में एक ऐतिहासिक कदम है। उनका दृष्टिकोण भारत को वैश्विक नवाचार और तकनीक का नेतृत्वकर्ता बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

उन्होंने यह भी कहा कि भारत अब अवसरों की भूमि बन चुका है, और यह वापसी दर्शाती है कि अब विश्वभर में बसे भारतीयों को अपने देश की संभावनाओं पर विश्वास है।

सरकार और जनता की प्रतिक्रियाएं


प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी Shubhanshu Shukla की वापसी का स्वागत करते हुए उनके निर्णय को सराहा है।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ट्वीट कर लिखा:
“शुभांशु शुक्ला का भारत में स्वागत है। आपकी प्रतिभा भारत की तकनीकी प्रगति में प्रेरणा बनेगी। यह देश में ‘ब्रेन गेन’ की शुरुआत का प्रतीक है।”

सामाजिक मीडिया पर भी लोगों ने शुक्ला की वापसी का जोरदार स्वागत किया। विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और युवा वर्ग ने इसे प्रेरणादायक कदम बताया।

क्यों है यह महत्वपूर्ण?


भारत लंबे समय से “ब्रेन ड्रेन” यानी प्रतिभाशाली लोगों के विदेश पलायन की समस्या से जूझता रहा है। लेकिन अब हालात बदल रहे हैं। अब कई भारतीय विशेषज्ञ और वैज्ञानिक वापस लौट रहे हैं ताकि अपने देश में बदलाव ला सकें। शुभांशु शुक्ला की वापसी इसी सकारात्मक बदलाव का उदाहरण है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि उनकी वापसी से अन्य भारतीय पेशेवरों को भी अपने देश लौटने की प्रेरणा मिलेगी।

आगे क्या?


हालांकि शुक्ला ने अभी अपने भविष्य की योजनाओं की आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वह सरकार की डिजिटल परियोजनाओं, रक्षा अनुसंधान या कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में योगदान दे सकते हैं। जल्द ही उनकी भूमिका को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आ सकती है।

निष्कर्ष:


Shubhanshu Shukla की भारत वापसी केवल एक व्यक्तिगत निर्णय नहीं है, बल्कि यह उस नए भारत की पहचान है जो वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। राष्ट्रपति से लेकर आम नागरिकों तक, सभी इसे भारत के भविष्य के लिए एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं।

Vivo X200 FE भारत में लॉन्च: दमदार MediaTek Dimensity 9300+ चिपसेट और 6500mAh बैटरी के साथ आया नया स्मार्टफोन, जानें कीमत और फीचर्स!

Vivo X200 FE भारत में लॉन्च: दमदार MediaTek Dimensity 9300+ चिपसेट और 6500mAh बैटरी के साथ आया नया स्मार्टफोन, जानें कीमत और फीचर्स!

वीवो ने भारतीय बाजार में अपना नया स्मार्टफोन Vivo X200 FE लॉन्च कर दिया है। यह फोन उन यूज़र्स के लिए पेश किया गया है जो दमदार परफॉर्मेंस और लंबी बैटरी लाइफ चाहते हैं। इसमें MediaTek Dimensity 9300+ SoC, बड़ी 6500mAh बैटरी, और कई प्रीमियम फीचर्स दिए गए हैं। आइए जानते हैं इसकी पूरी डिटेल।

📱 Vivo X200 FE की भारत में कीमत और उपलब्धता


Vivo X200 FE के 8GB RAM + 128GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत ₹34,999 रखी गई है, जबकि 12GB RAM + 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत ₹39,999 है। यह स्मार्टफोन 18 जुलाई 2025 से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म्स पर बिक्री के लिए उपलब्ध होगा।

लॉन्च ऑफर्स में शामिल हैं:


HDFC, ICICI और SBI कार्ड्स पर ₹2,000 का इंस्टेंट कैशबैक

12 महीने तक नो-कॉस्ट EMI

एक्सचेंज पर ₹3,000 का अतिरिक्त डिस्काउंट



🔧 Vivo X200 FE के स्पेसिफिकेशन्स:


⚙️ प्रोसेसर और परफॉर्मेंस

फोन में MediaTek Dimensity 9300+ प्रोसेसर दिया गया है, जो 4nm टेक्नोलॉजी पर आधारित है। यह हाई-एंड गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए बेहतरीन परफॉर्मेंस देता है। इसमें AI-सक्षम कोर और Mali-G720 GPU भी शामिल है।

📺 डिस्प्ले

Vivo X200 FE में 6.78 इंच की FHD+ AMOLED स्क्रीन दी गई है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और HDR10+ सपोर्ट के साथ आती है। स्क्रीन पर Schott Xensation ग्लास की प्रोटेक्शन है जो इसे मजबूत और स्क्रैच-रेसिस्टेंट बनाती है।

🔋 बैटरी और चार्जिंग

इस फोन में दी गई 6500mAh की बड़ी बैटरी को 80W फास्ट चार्जिंग और 30W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट मिलता है। कंपनी के अनुसार, फोन सिर्फ 20 मिनट में 0 से 50% तक चार्ज हो सकता है।

📸 कैमरा

Vivo X200 FE में पीछे की तरफ ट्रिपल कैमरा सेटअप है:

50MP का प्राइमरी कैमरा (OIS के साथ)

8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस

2MP मैक्रो कैमरा


सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट में 32MP का कैमरा दिया गया है जिसमें AI ब्यूटी और नाइट मोड जैसे फीचर्स हैं।

🧠 रैम और स्टोरेज

यह फोन दो वेरिएंट्स में आता है – 8GB/128GB और 12GB/256GB। इसमें वर्चुअल रैम एक्सपेंशन की सुविधा भी है, जिससे 12GB तक अतिरिक्त रैम जोड़ी जा सकती है।




🔍 अन्य प्रमुख फीचर्स

ऑपरेटिंग सिस्टम: Funtouch OS 15 (Android 15 पर आधारित)

इन-डिस्प्ले फिंगरप्रिंट स्कैनर

IP68 रेटिंग (पानी और धूल से सुरक्षा)

स्टीरियो स्पीकर और Hi-Res ऑडियो

5G, Wi-Fi 6E, Bluetooth 5.4, NFC, USB Type-C पोर्ट



📦 बॉक्स में क्या मिलेगा?


Vivo X200 FE स्मार्टफोन

80W चार्जिंग अडैप्टर

USB टाइप-C केबल

बैक कवर

सिम इजेक्टर टूल

क्विक गाइड और वारंटी कार्ड



✅ निष्कर्ष


Vivo X200 FE एक शानदार मिड-रेंज स्मार्टफोन है जो प्रीमियम फीचर्स के साथ आता है। इसकी दमदार बैटरी, बेहतरीन डिस्प्ले और फ्लैगशिप लेवल परफॉर्मेंस इसे गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए बेहतरीन बनाते हैं। ₹40,000 से कम की कीमत में यह फोन भारतीय बाजार में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरा है।

अगर आप एक ऑलराउंडर फोन की तलाश में हैं, तो Vivo X200 FE को जरूर विचार करें।