NSDL allotment status, GMP लाइव अपडेट: आवंटन आज होगा फाइनल, लिस्टिंग से पहले निवेशकों की धड़कनें तेज!

NSDL allotment status, GMP लाइव अपडेट: आवंटन आज होगा फाइनल, लिस्टिंग से पहले निवेशकों की धड़कनें तेज!

NSDL allotment status 4 अगस्त 2025 को चेक करें। जानिए कैसे करें चेक, क्या है लेटेस्ट GMP, रिफंड डेट और अनुमानित लिस्टिंग प्राइस।

नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। तीन दिन की सब्सक्रिप्शन विंडो के बाद अब इंतजार है आईपीओ के आवंटन (allotment) का, जो कि आज, 4 अगस्त 2025 को फाइनल होने की उम्मीद है।

NSDL के इस बहुप्रतीक्षित आईपीओ ने भारतीय निवेशकों के बीच एक मजबूत धारणा बनाई है। इस लेख में हम जानेंगे एनएसडीएल आईपीओ की पूरी जानकारी, ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) का ताजा अपडेट, और allotment स्टेटस कैसे चेक करें।

📌 एनएसडीएल आईपीओ – एक नजर में



NSDL भारत की पहली और सबसे बड़ी डिपॉजिटरी कंपनियों में से एक है। इस आईपीओ के जरिए कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों ने अपनी हिस्सेदारी बेची है, यानी यह पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था। कंपनी को इस आईपीओ से कोई नया फंड नहीं मिला है, लेकिन इसका उद्देश्य अपने ब्रांड को मजबूत करना और शेयर बाजार में मौजूदगी दर्ज कराना है।

आईपीओ ओपन: 29 जुलाई 2025

आईपीओ क्लोज: 31 जुलाई 2025

प्राइस बैंड: ₹395 – ₹412 प्रति शेयर

लॉट साइज: 36 शेयर

कुल इश्यू साइज: लगभग ₹3,150 करोड़

लिस्टिंग डेट: 7 अगस्त 2025 (संभावित)

📈 सब्सक्रिप्शन डिटेल्स – एनएसडीएल आईपीओ को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स



एनएसडीएल के आईपीओ को सभी निवेशक कैटेगरी से बेहतरीन रिस्पॉन्स मिला:

क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs): 37.24 गुना

हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल्स (HNIs): 24.86 गुना

रिटेल निवेशक: 5.92 गुना

कुल सब्सक्रिप्शन: 18.87 गुना


इस भारी भरकम डिमांड से साफ है कि निवेशकों को एनएसडीएल के फ्यूचर ग्रोथ और बिजनेस मॉडल पर पूरा भरोसा है।

🧾 NSDL allotment status कैसे चेक करें?



4 अगस्त 2025 को एनएसडीएल आईपीओ का आवंटन फाइनल हो सकता है। NSDL allotment status चेक करने के लिए आप निम्नलिखित तरीकों का उपयोग कर सकते हैं:

✅ 1. KFin Technologies की वेबसाइट से

वेबसाइट: https://ris.kfintech.com

‘NSDL IPO’ चुनें

पैन नंबर, एप्लिकेशन नंबर या डीमैट आईडी डालें

कैप्चा भरें और स्टेटस देखें


✅ 2. बीएसई की वेबसाइट से

वेबसाइट: https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx

‘Equity’ सेलेक्ट करें

‘NSDL’ चुनें

एप्लिकेशन नंबर और पैन भरें


✅ 3. स्टॉक ब्रोकिंग ऐप्स से

Zerodha, Groww, Upstox, Angel One जैसे ऐप्स पर भी आप अपना IPO स्टेटस चेक कर सकते हैं।

📊 जीएमपी (GMP) – ग्रे मार्केट में एनएसडीएल शेयर की कीमत



एनएसडीएल आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) लगातार पॉजिटिव बना हुआ है, जो निवेशकों के बीच उत्साह दर्शाता है। 4 अगस्त की सुबह तक, GMP लगभग ₹80–₹90 प्रति शेयर तक चल रहा है, जिससे अनुमान है कि शेयर की लिस्टिंग ₹500 के आस-पास हो सकती है।

पिछले 5 दिनों का GMP ट्रेंड:

30 जुलाई: ₹60

31 जुलाई: ₹75

1 अगस्त: ₹88

2 अगस्त: ₹90

3 अगस्त: ₹85


हालांकि GMP लिस्टिंग डे प्राइस की गारंटी नहीं देता, पर इससे बाजार की भावना का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।

🏢 एनएसडीएल कंपनी प्रोफाइल



एनएसडीएल की स्थापना 1996 में हुई थी। यह भारत में इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में शेयर, डिबेंचर और म्यूचुअल फंड यूनिट्स को होल्ड करने वाली पहली डिपॉजिटरी है।

प्रमुख ताकतें:

भारत की सबसे बड़ी डिपॉजिटरी

तकनीकी रूप से उन्नत प्लेटफॉर्म

बड़े-बड़े फाइनेंशियल संस्थानों का विश्वास

लगातार लाभदायक व्यवसाय मॉडल


वित्तीय प्रदर्शन (FY 2024-25):

राजस्व: ₹920 करोड़

शुद्ध लाभ: ₹280 करोड़

EBITDA मार्जिन: 38.7%

RoNW: 18.3%

🔜 आवंटन के बाद क्या होगा?



आवंटन फाइनल होने के बाद इन महत्वपूर्ण तारीखों पर नज़र रखें:

रिफंड प्रक्रिया (अस्वीकृत आवेदन): 5 अगस्त 2025

डीमैट खाते में शेयर क्रेडिट: 6 अगस्त 2025

शेयर लिस्टिंग डेट: 7 अगस्त 2025

💡 एक्सपर्ट की राय: होल्ड करें या मुनाफा लें?



मार्केट विशेषज्ञों के अनुसार, एनएसडीएल मजबूत फंडामेंटल्स वाली कंपनी है और लॉन्ग टर्म होल्ड के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकती है। हालांकि अगर लिस्टिंग प्राइस बहुत अधिक रहती है (20-30% प्रीमियम), तो शॉर्ट टर्म निवेशक मुनाफावसूली भी कर सकते हैं।

🔚 निष्कर्ष



एनएसडीएल आईपीओ का allotment आज फाइनल हो सकता है और ग्रे मार्केट में इसके प्रति सकारात्मक रुझान देखने को मिल रहे हैं। जिन निवेशकों को शेयर मिलेंगे, वे 7 अगस्त को लिस्टिंग का बेसब्री से इंतज़ार करेंगे। वहीं, बाकी निवेशक भी सेकेंडरी मार्केट में सही एंट्री पॉइंट की तलाश में रहेंगे।

एनएसडीएल की मजबूत पोजीशन और आईपीओ में भारी सब्सक्रिप्शन इसे 2025 के सबसे चर्चित आईपीओ में शामिल कर चुकी है।

क्या NSDL IPO CDSL को पीछे छोड़ सकता है? निवेश से पहले जानें ये 5 महत्वपूर्ण तथ्य!

क्या NSDL IPO CDSL को पीछे छोड़ सकता है? निवेश से पहले जानें ये 5 महत्वपूर्ण तथ्य!

भारत की प्रमुख डिपॉजिटरी कंपनी नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) का बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) आज, 30 जुलाई 2025 को निवेशकों के लिए खुल गया है। यह ₹4,011 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह से ऑफ़र फॉर सेल (OFS) है, जिसमें कुल 5.01 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की जा रही है।

इस आईपीओ को लेकर बाजार में खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि NSDL भारत की पूंजी बाजार संरचना का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है।

🔍 NSDL IPO की मुख्य जानकारियां


आईपीओ साइज: ₹4,011 करोड़

प्रकार: ऑफर फॉर सेल (OFS)

शेयरों की कुल संख्या: 5.01 करोड़

बोली लगाने की तिथि: 30 जुलाई से 1 अगस्त 2025 तक

फेस वैल्यू: ₹2 प्रति शेयर

प्राइस बैंड: जल्द घोषित होगा

लॉट साइज: निवेशक वर्ग के अनुसार तय


इस आईपीओ से कंपनी को सीधे कोई फंड प्राप्त नहीं होगा क्योंकि यह पूरी तरह से मौजूदा शेयरधारकों द्वारा की गई बिक्री है।

🏢 NSDL क्या है?


नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड की स्थापना 1996 में की गई थी और यह भारत की पहली और सबसे बड़ी डिपॉजिटरी कंपनी है। यह निवेशकों की प्रतिभूतियों जैसे कि शेयर, डिबेंचर, म्यूचुअल फंड आदि को इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रखती है।

इसका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है और यह डिजिटल ट्रांजैक्शन, KYC सेवा, ई-वोटिंग और दस्तावेज़ सत्यापन जैसी सेवाएं प्रदान करता है।

मार्च 2025 तक NSDL के आँकड़े:

31 करोड़ से अधिक डिमैट खाते

₹450 लाख करोड़ से अधिक की प्रतिभूतियों का कस्टडी

280+ डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स के साथ साझेदारी

📈 अब IPO क्यों ला रही है NSDL?


NSDL लंबे समय से IPO लाने की योजना बना रही थी, और अब इसके लिए उपयुक्त समय माना जा रहा है:

1. SEBI की गाइडलाइंस के अनुसार, बाजार संरचना से जुड़ी संस्थाओं का सूचीबद्ध होना ज़रूरी है।


2. बाजार में रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है, जिससे डिपॉजिटरी सेवाओं की मांग भी बढ़ी है।


3. IPO बाजार में तेजी और निवेशकों की मजबूत रुचि

🧾 IPO में कौन-कौन शेयर बेच रहा है?


इस ऑफर फॉर सेल के तहत कंपनी के कई प्रमुख शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

IDBI बैंक

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)

एचडीएफसी बैंक

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

एक्सिस बैंक आदि


यह बिक्री मुख्यतः निवेश निकासी और विनियामक आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से की जा रही है।

💰 वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाएं


DRHP के अनुसार, एन एस डी एल ने बीते वर्षों में लगातार मजबूत राजस्व और लाभ अर्जित किया है। कंपनी की आय के प्रमुख स्रोत हैं:

इश्यूअर चार्ज

ट्रांजैक्शन फीस

KYC सेवाएं

डिजिटल सिग्नेचर और अन्य वैल्यू ऐडेड सेवाएं


FY2024 के अनुमानित आँकड़े:

राजस्व: ₹1,015 करोड़

शुद्ध लाभ: ₹315 करोड़

EBITDA मार्जिन: 55%+

ROE: लगभग 22%


डिजिटल निवेश और फिनटेक सेवाओं के बढ़ते चलन को देखते हुए, NSDL की सेवाओं की मांग आने वाले वर्षों में और भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

🧠 क्या आपको NSDL IPO में निवेश करना चाहिए?


निवेशक निम्नलिखित बातों पर विचार कर सकते हैं:

✅ मजबूत बाजार स्थिति: NSDL और CDSL का मिलाजुला वर्चस्व डिपॉजिटरी बाजार पर है।
✅ तेजी से बढ़ता डिमैट खाता आधार
✅ डिजिटल भारत अभियान से लाभ

❗चुनौतियाँ: यह IPO पूरी तरह से OFS है, यानी कोई नया फंड कंपनी को नहीं मिलेगा। साथ ही, तकनीकी या नियामक बदलाव जोखिम हो सकते हैं।

मध्यम से दीर्घकालिक नजरिए वाले निवेशकों के लिए यह एक स्थिर और भरोसेमंद विकल्प बन सकता है।

🔄 NSDL बनाम CDSL: तुलना एक नज़र में


मापदंड NSDL || CDSL

स्थापना वर्ष 1996 || 1999
बाज़ार हिस्सेदारी ~58% || ~42%
सूचीबद्ध स्थिति 2025 में लिस्टिंग 2017 से सूचीबद्ध
सेवाएं डिमैट, KYC, ई-साइन आदि समान प्रकार की सेवाएं


जहाँ CDSL पहले ही बाजार में शानदार प्रदर्शन कर चुका है, NSDL की लिस्टिंग एक नई निवेश संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।

निष्कर्ष


NSDL का IPO भारत की वित्तीय संरचना में एक बड़ा कदम है। यह कंपनी न केवल तकनीकी रूप से मजबूत है बल्कि भविष्य की डिजिटल फाइनेंशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी एक बड़ा हिस्सा बने रहने की क्षमता रखती है।

यदि आप एक ऐसे स्टेबल और ग्रोथ-ओरिएंटेड सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं, तो NSDL IPO को गंभीरता से विचार किया जा सकता है—हालांकि निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।

₹1,300 करोड़ का Aditya infotech IPO पहले ही दिन हुआ पूरा सब्सक्राइब, रिटेल निवेशकों ने दिखाई जबरदस्त दिलचस्पी!

₹1,300 करोड़ का Aditya infotech IPO पहले ही दिन हुआ पूरा सब्सक्राइब, रिटेल निवेशकों ने दिखाई जबरदस्त दिलचस्पी!


देश की अग्रणी सीसीटीवी और सुरक्षा उत्पाद निर्माता कंपनी का Aditya infotech ipo (CP Plus ब्रांड के तहत) ₹1,300 करोड़ का पहले ही दिन यानी **29 जुलाई 2025** को पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। इस IPO को रिटेल निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिन्होंने अपने आवंटित हिस्से को **3.5 गुना से ज्यादा** सब्सक्राइब किया।

पहला दिन: सब्सक्रिप्शन का हाल


**रिटेल निवेशकों का दबदबा:** IPO के पहले दिन दोपहर तक रिटेल कटेगरी ने 3.5 गुना से लेकर 4.4 गुना तक आवेदन कर दिए। नॉन-इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की ओर से 1.4x से 1.7x सब्सक्रिप्शन हुआ, जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की भागीदारी अभी तक केवल 1% ही रही।

**ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP):** ग्रे मार्केट में Aditya infotech IPO के प्रति काफी उत्साह देखा जा रहा है, जहां शेयर का प्रीमियम **₹240 से ₹263** तक चल रहा है। यह प्रीमियम ऊपरी प्राइस बैंड **₹675** के मुकाबले देखा गया है, जिससे लिस्टिंग के समय करीब **39% तक** का मुनाफा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

**एंकर निवेशकों से शानदार रिस्पॉन्स:** Aditya infotech IPO खुलने से पहले ही कंपनी ने **₹582 करोड़** जुटा लिए थे। इनमें नाम शामिल हैं – **Government of Singapore, Goldman Sachs, HDFC Mutual Fund**, और **Abu Dhabi Investment Authority** जैसे दिग्गज निवेशकों का।

✅ Aditya infotech IPO की मुख्य विशेषताएं


**कुल आकार:** ₹1,300 करोड़
अ – ₹500 करोड़ — नया इक्विटी इश्यू
ब – ₹800 करोड़ — प्रोमोटर की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS)

**प्राइस बैंड:** ₹640–₹675 प्रति शेयर
**लॉट साइज:** 22 शेयर (लगभग ₹14,850 न्यूनतम निवेश)
**बोली की अवधि:** 29 जुलाई से 31 जुलाई तक
**लिस्टिंग की संभावित तारीख:** 5 अगस्त 2025
**लीड मैनेजर:** ICICI सिक्योरिटीज और IIFL कैपिटल

📈 निवेशकों के लिए क्यों खास है यह IPO?


**बाजार में अग्रणी स्थिति:** CP Plus ब्रांड के तहत आदित्य इंफोटेक सिक्योरिटी और निगरानी उत्पादों में भारत की प्रमुख कंपनी है। इसके उत्पादों का उपयोग सरकारी से लेकर व्यक्तिगत व औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से होता है।

**मजबूत वित्तीय प्रदर्शन:** कंपनी का मुनाफा पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है और इसके पास खुद की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को समर्थन देती है।

**भविष्य की संभावनाएं:** भारत में सुरक्षा की मांग बढ़ रही है – खासकर शहरीकरण, स्मार्ट सिटी योजनाओं और संवेदनशील इंफ्रास्ट्रक्चर में निगरानी बढ़ने के कारण।

**इरादा साफ – कर्ज घटाना:** Aditya infotech IPO से जुटाई गई राशि का अधिकांश हिस्सा कंपनी अपने कर्ज को कम करने में लगाएगी, जिससे बैलेंस शीट मजबूत होगी और विकास के लिए अधिक संसाधन मिलेंगे।

👥 निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें


**मांग ज्यादा, शेयर सीमित:** रिटेल श्रेणी में 3.5x से ज्यादा की सब्सक्रिप्शन के चलते कई छोटे निवेशकों को आंशिक या शायद कोई अलॉटमेंट न मिले।

**मूल्यांकन पर नज़र:** बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि कंपनी की स्थिति मजबूत है, लेकिन कुछ चेतावनी दे रहे हैं कि मूल्यांकन (Valuation) थोड़ा ऊँचा हो सकता है।

**ब्रोकरेज की राय:** ज़्यादातर वित्तीय सलाहकारों ने ‘**लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब करें**’ की सलाह दी है।

🧾 निष्कर्ष


Aditya infotech IPO दिन की शुरुआत में ही ओवरसब्सक्राइब होना भारतीय निवेशकों के बीच सुरक्षा तकनीकी कंपनियों के प्रति भरोसे को दर्शाता है। मजबूत वित्तीय स्थिति, बाजार में स्पष्ट लीडरशिप और उच्च GMP इस IPO को एक आकर्षक निवेश अवसर बना रहा है। 5 अगस्त को सूचीबद्ध होने से पहले यह IPO खुद ही एक सफल मुद्दा बन चुका है।

**निवेश से पहले, आवश्यक वित्तीय सलाह अवश्य लें।**

Anil Ambani की कारोबारी वापसी: रिलायंस पावर और रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर फिर से निवेशकों की पसंद बन रहे हैं!

Anil Ambani की कारोबारी वापसी: रिलायंस पावर और रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर फिर से निवेशकों की पसंद बन रहे हैं!


मुंबई – भारत के कॉर्पोरेट जगत में Anil Ambani की वापसी की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती। एक समय देश के सबसे प्रभावशाली उद्योगपतियों में शामिल रहे अंबानी की कारोबारी साम्राज्य को भारी कर्ज और लगातार डिफॉल्ट्स के कारण जबरदस्त झटका लगा था। लेकिन अब, उनकी दो प्रमुख कंपनियाँ – रिलायंस पावर और रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर – फिर से बाजार में रफ्तार पकड़ती नजर आ रही हैं।

अंधकार से उजाले की ओर


Anil Ambani का नाम एक दौर में विश्व के सबसे अमीर व्यक्तियों में शामिल था। लेकिन समय के साथ उनके व्यापारिक साम्राज्य पर कर्ज का बोझ बढ़ता गया और परियोजनाओं में देरी, नियामकीय बाधाओं और रणनीतिक भूलों के चलते निवेशकों का भरोसा टूट गया।

विशेष रूप से 2020 के बाद, रिलायंस एडीए (अनिल धीरूभाई अंबानी) समूह संकट में घिरा नजर आया। शेयर की कीमतें गिर गईं, कर्जदाता दूर हो गए और बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई। मगर हाल के महीनों में कुछ सकारात्मक संकेत दिखने लगे हैं।

रिलायंस पावर में सुधार के संकेत


रिलायंस पावर ने अपने कामकाज में बड़े पैमाने पर सुधार किया है। कंपनी ने अपने गैर-प्रमुख परिसंपत्तियों को बेचने, कर्ज चुकाने और परिचालन लागत को नियंत्रित करने जैसे कदम उठाए हैं। इसके चलते कंपनी की वित्तीय स्थिति में थोड़ी स्थिरता आई है।

इन सुधारों का असर निवेशकों के व्यवहार पर भी दिखने लगा है। लंबे समय से उपेक्षित रहे रिलायंस पावर के शेयर अब धीरे-धीरे निवेशकों को आकर्षित करने लगे हैं।

रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की नई दिशा


रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर (RInfra) भी खुद को दोबारा स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। कंपनी ने अपने रोड और मेट्रो प्रोजेक्ट्स में रणनीतिक निवेश करते हुए नकदी प्रवाह को बेहतर करने के उपाय किए हैं।

कंपनी पुराने कानूनी मामलों को निपटाने, परियोजनाओं के समय पर निष्पादन और साझेदारी के नए अवसरों पर काम कर रही है, जिससे उसकी साख में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है।

निवेशकों की नजरें फिर से अंबानी पर


रिलायंस समूह की इस वापसी के पीछे न केवल कंपनी के आंतरिक सुधार हैं, बल्कि भारत की तेजी से बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी सेक्टर की भूमिका भी अहम रही है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और निवेश बढ़ाने की नीति से इन कंपनियों को एक बार फिर मौका मिल रहा है।

हालांकि विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह वापसी अभी भी नाजुक है। एक गलत कदम पूरी रणनीति को फिर से बिगाड़ सकता है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, “यह फीनिक्स जैसी वापसी है, पर अब भी सतर्क रहने की जरूरत है।”

आगे की राह


Anil Ambani पिछले कुछ वर्षों से सार्वजनिक रूप से बेहद शांत रहे हैं, लेकिन उनके नेतृत्व में कंपनियों ने आंतरिक पुनर्गठन और फोकस्ड रणनीति के जरिए एक नया रास्ता चुना है। अगर यह यात्रा इसी दिशा में जारी रही, तो यह भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास की सबसे चर्चित वापसी बन सकती है।

लेकिन इसके लिए जरूरी है कि कंपनियाँ वित्तीय अनुशासन बनाए रखें, जोखिमपूर्ण विस्तार से बचें और नियामकीय ढांचे के साथ तालमेल बनाए रखें।

निष्कर्ष


Anil Ambani की कंपनियाँ आज भले ही अपने पूर्व गौरव से दूर हों, लेकिन उनकी हालिया कोशिशें यह दिखाती हैं कि सूझ-बूझ, अनुशासन और रणनीतिक बदलाव से फिर से विश्वास जीता जा सकता है। रिलायंस पावर और रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की यह वापसी बताती है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो अंधेरे से भी रोशनी की ओर रास्ता निकलता है।

IEX share price में 30% की बड़ी गिरावट: मार्केट कपलिंग लागू होने की घोषणा के बाद हड़कंप!

IEX share price में 30% की बड़ी गिरावट: मार्केट कपलिंग लागू होने की घोषणा के बाद हड़कंप!


24 जुलाई, गुरुवार को IEX share price में अचानक 30% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो अब तक की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट मानी जा रही है। यह गिरावट तब देखने को मिली जब केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग (CERC) ने मार्केट कपलिंग (Market Coupling) नियमों को जनवरी 2026 से लागू करने की मंजूरी दे दी।

इस फैसले ने पूरे ऊर्जा बाजार को झकझोर कर रख दिया है, जिससे निवेशकों में भारी निराशा देखने को मिली। ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन (Bernstein) सहित कई प्रमुख संस्थानों ने IEX पर रेटिंग घटा दी है और इसका टारगेट प्राइस भी कम कर दिया है।

क्या है मार्केट कपलिंग?


मार्केट कपलिंग एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें देश के सभी पावर एक्सचेंजों को एकीकृत प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा ताकि एक ही बाजार मूल्य पर बिजली का कारोबार किया जा सके। यह प्रणाली पारदर्शिता और कुशलता को बढ़ावा देती है, लेकिन इसके लागू होने से IEX जैसी कंपनियों का वर्चस्व कमजोर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रणाली के लागू होने से IEX की मार्जिन कमाई, कारोबारी वॉल्यूम, और लाभ पर गंभीर असर पड़ सकता है।

ब्रोकरेज हाउसेज की प्रतिक्रिया


CERC के फैसले के बाद कई ब्रोकरेज फर्म्स ने IEX share price पर सावधानी बरतने की सलाह दी है:

Bernstein ने कंपनी की रेटिंग घटा दी और टारगेट प्राइस में बड़ी कटौती की।

अन्य ब्रोकरेज ने भी रेगुलेटरी जोखिम और भविष्य की आय में गिरावट को लेकर चिंता जताई।


इसी वजह से बाजार में भारी बिकवाली हुई और शेयर तेजी से टूट गया।

पिछले 5 वर्षों में हुई कुछ बड़ी शेयर गिरावटें


गिरावट के मामले में IEX share price ही अकेली कंपनी नहीं है जिसने इतनी तेज गिरावट देखी है। बीते 5 वर्षों में कुछ अन्य प्रमुख कंपनियों के शेयरों में भी इसी तरह की गिरावट देखी गई है:

कंपनी तारीख गिरावट (%) मुख्य कारण


यस बैंक 6 मार्च 2020 56% RBI की मोरेटोरियम घोषणा
वोडाफोन आइडिया 15 नवंबर 2019 23% AGR बकाया पर सुप्रीम कोर्ट फैसला
अदाणी टोटल गैस 2 जून 2023 28% हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद असर
ज़ी एंटरटेनमेंट 13 सितंबर 2021 26% बोर्ड विवाद
पेटीएम 18 नवंबर 2021 27% कमजोर लिस्टिंग प्रदर्शन


इन उदाहरणों से साफ है कि शेयर बाजार में गिरावट अस्थायी भी हो सकती है, लेकिन कुछ कंपनियां लंबे समय तक इससे उबर नहीं पातीं।

IEX share price के लिए आगे क्या?


IEX के लिए आने वाला समय आसान नहीं होगा:

कंपनी को अपने व्यवसाय मॉडल में बदलाव और राजस्व के नए स्रोत तलाशने होंगे।

निवेशकों की निगाहें अब कंपनी के आगामी वित्तीय नतीजों और प्रबंधन की रणनीतियों पर टिकी होंगी।


यदि कंपनी बदलावों को अच्छे से अपनाती है, तो दीर्घकालिक निवेशकों के लिए एक नई संभावना बन सकती है।

निष्कर्ष


IEX share price में आई 30% की गिरावट यह दिखाती है कि नियामक फैसले कैसे किसी मजबूत कंपनी को भी अचानक झटका दे सकते हैं। मार्केट कपलिंग जैसे बड़े बदलावों के दौर में कंपनियों को तेजी से अनुकूलन करना होगा, तभी वे निवेशकों का भरोसा बरकरार रख पाएंगी।


Eternal (zomato) q1 results, शेयरों में जबरदस्त उछाल, 14.9% की तेजी के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे!

Eternal (zomato) q1 results, शेयरों में जबरदस्त उछाल, 14.9% की तेजी के साथ रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे!


Eternal (zomato) q1 results, शेयरों में मंगलवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। कंपनी के शेयरों ने शुरुआती कारोबार में ही ₹298.30 का अपर सर्किट छू लिया, जो कि 10% की बढ़त को दर्शाता है। इसके बाद भी तेजी जारी रही और शेयर बीएसई (BSE) पर ₹311.60 के रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंच गए, यानी कुल मिलाकर 14.9% की छलांग लगाई।

इस शानदार प्रदर्शन के पीछे मुख्य वजह कंपनी का हालिया ब्रांड परिवर्तन और भविष्य की व्यापक व्यापारिक रणनीति मानी जा रही है। जोमैटो का नाम बदलकर एटरनल लिमिटेड रखने के बाद से निवेशकों का भरोसा कंपनी पर और बढ़ा है।


🔍 प्रमुख बिंदु:


कंपनी का नाम: एटरनल लिमिटेड (पूर्व में जोमैटो)

तेजी की तारीख: मंगलवार, 22 जुलाई 2025

शुरुआती बढ़त: ₹298.30 पर 10% का उछाल

इंट्राडे हाई: ₹311.60, 14.9% की बढ़त

स्टॉक एक्सचेंज: बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE)

📈 उछाल के संभावित कारण:


हालांकि कंपनी की ओर से कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह उछाल बेहतर तिमाही नतीजों, ऑपरेशनल एफिशिएंसी में सुधार और ब्रांडिंग बदलाव से जुड़ी सकारात्मकता के चलते आया है।

Eternal (zomato) q1 results, के बाद अब कंपनी सिर्फ एक फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म नहीं रह गई है, बल्कि इसका उद्देश्य कंज़्यूमर इंटरनेट सेक्टर में विस्तार करना है। इसकी ब्लिंकिट जैसी सब्सिडियरी ने क्विक-कॉमर्स सेगमेंट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जो इसे अन्य प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है।


💬 जानकारों की राय:


विश्लेषकों का कहना है कि कंपनी के शेयरों का वैल्यूएशन अब एक नई दिशा में बढ़ रहा है।

“एटरनल लिमिटेड को अब केवल फूड डिलीवरी स्टार्टअप नहीं, बल्कि एक टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के रूप में देखा जा रहा है,” एक म्यूचुअल फंड विश्लेषक ने कहा। “कंपनी की नई सोच और वित्तीय मजबूती के कारण निवेशक इसमें दिलचस्पी दिखा रहे हैं।”


🧾 निवेशकों के लिए संकेत:


तेजी के इस रुझान ने ट्रेडर्स और लॉन्ग टर्म निवेशकों के बीच कंपनी के प्रति रुचि बढ़ा दी है। ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी उल्लेखनीय इजाफा देखा गया है, जो बाजार में सकारात्मक भावनाओं का संकेत है।

अगर कंपनी अपनी रणनीतियों में निरंतरता बनाए रखती है तो यह शेयर आगे और ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। हालांकि, निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले विशेषज्ञों की राय अवश्य लें।


अस्वीकरण:

यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई किसी भी जानकारी को निवेश सलाह के रूप में न लें। किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।


Anthem biosciences share की शानदार लिस्टिंग, इश्यू प्राइस से 26.85% प्रीमियम पर हुए शामिल!

Anthem biosciences share के शेयरों की शानदार लिस्टिंग, इश्यू प्राइस से 26.85% प्रीमियम पर हुए शामिल!


Anthem biosciences share की सोमवार, 21 जुलाई, 2025 को दलाल स्ट्रीट पर हुई जोरदार एंट्री। बायोटेक्नोलॉजी क्षेत्र की इस कंपनी के शेयर बीएसई पर ₹723.10 पर लिस्ट हुए, जोकि आईपीओ इश्यू प्राइस ₹570 के मुकाबले 26.85% का शानदार प्रीमियम दर्शाता है। इस मजबूत लिस्टिंग ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया है और भारतीय फार्मा-बायोटेक कंपनियों में जारी उत्साह को उजागर किया है।

आईपीओ की प्रमुख बातें


**इश्यू डिटेल्स:** एंथम का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (OFS) था, जिसकी कुल वैल्यू ₹3,395 करोड़ रही। प्राइस बैंड ₹540–₹570 प्रति शेयर तय किया गया और लॉट साइज 26 शेयर रखा गया।
**सब्सक्रिप्शन:**
– कुल: 67 गुना से ज्यादा
– क्‍वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) : 192.80 गुना
– नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NIIs) : 44.70 गुना
– रिटेल इन्वेस्टर्स : 5.98 गुना
– आईपीओ 14 जुलाई से 16 जुलाई 2025 तक खुला रहा।

लिस्टिंग डे पर प्रदर्शन

– **बीएसई पर लिस्टिंग प्राइस:** ₹723.10
– **एनएसई पर लिस्टिंग प्राइस:** ₹723.05
– **लिस्टिंग प्रीमियम:** इश्यू प्राइस से 26.85% अधिक
– **शुरुआती कारोबार:** लिस्टिंग के शुरुआती एक घंटे में शेयर ₹730.70 तक पहुंच गया, जिससे निवेशकों को 28% तक का तात्कालिक लाभ मिला।
– **लिस्टिंग के समय कंपनी का मार्केट कैप:** लगभग ₹40,610 करोड़

Anthem biosciences share के आईपीओ की सफलता के कारण


निवेशकों का भरोसा

– **ग्रे मार्केट प्रीमियम:** लिस्टिंग से पहले एंथम बायोसाइंसेज के शेयर ग्रे मार्केट में भी अच्छा प्रीमियम दिखा रहे थे, जिससे निवेशकों की लिस्टिंग गेन को लेकर उम्मीदें काफी बढ़ गई थीं। जबकि अंतिम लिस्टिंग ग्रे मार्केट प्रीमियम से थोड़ी कम रही, फिर भी निवेशकों को शानदार रिटर्न मिला।
– **एंकर निवेशक:** कंपनी ने आईपीओ से पहले ही एंकर निवेशकों से ₹1,016 करोड़ जुटाए, जिससे संस्थागत मांग का भी पता चलता है।

कंपनी परिचय


– **मुख्य व्यवसाय:** एंथम बायोसाइंसेज एक बड़ी कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (CRDMO) है, जो दुनिया की प्रमुख फार्मा और बायोटेक कंपनियों को सेवाएं देती है। इसमें फर्मेंटेशन आधारित API, प्रोबायोटिक्स और एंजाइम्स जैसे स्पेशल्टी इंग्रीडिएंट्स शामिल हैं।
– **वैश्विक विस्तार:** कंपनी 44 से अधिक देशों के 550 से ज्यादा क्लाइंट्स को सेवाएं देती है।
– **वित्तीय स्थिति:** मार्च 2025 को खत्म वर्ष में कंपनी का शुद्ध लाभ ₹451.26 करोड़ और टर्नओवर ₹1,844.55 करोड़ रहा।

विशेषज्ञों की राय


विशेषज्ञों की मानें तो आईपीओ की शानदार लिस्टिंग के बावजूद, कंपनी का भविष्य भी निवेशकों के लिए आकर्षक बना रह सकता है। भारतीय सीआरडीएमओ सेक्टर में अपनी मजबूत स्थिति, विविध क्लाइंट बेस और लगातार मुनाफा कंपनी के भविष्य को उज्जवल बनाते हैं। विशेषज्ञ शॉर्ट टर्म में ₹900 और लॉन्ग टर्म में ₹1,000 तक के टारगेट की उम्मीद जता रहे हैं।

निष्कर्ष


Anthem biosciences share की बेहतरीन लिस्टिंग ने इसे 2025 के प्रमुख आईपीओ में शामिल कर दिया है। भारी ओवरसब्सक्रिप्शन, मजबूत लिस्टिंग गेन और प्रमुख सेक्टर लीडरशिप के चलते निवेशकों के लिए यह शेयर भारत के तेजी से बढ़ रहे बायोटेक और फार्मा सेक्टर में निवेश का अच्छा मौका माना जा सकता है।

HDFC bank bonus issue: बैंक ने किया 1:1 बोनस शेयर और ₹5 स्पेशल डिविडेंड का ऐलान!

HDFC bank bonus issue: बैंक ने किया 1:1 बोनस शेयर और ₹5 स्पेशल डिविडेंड का ऐलान!


भारत के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के बैंक ने अपने निवेशकों के लिए 1:1 HDFC bank bonus issue घोषणा की है। इसके साथ ही, बैंक ने प्रति शेयर ₹5 का विशेष लाभांश (Special Dividend) भी मंजूर किया है। Hdfc बैंक लिमिटेड ने शनिवार, 19 जुलाई 2025 को हुई बोर्ड बैठक के बाद एक बड़ा ऐलान किया है।

✅ क्या है 1:1 HDFC bank bonus issue का मतलब?


1:1 बोनस शेयर का अर्थ है कि जिन निवेशकों के पास जितने शेयर हैं, उन्हें उतने ही अतिरिक्त मुफ्त शेयर मिलेंगे। उदाहरण के तौर पर, यदि आपके पास अभी 100 शेयर हैं, तो आपको 100 और बोनस शेयर मुफ्त में दिए जाएंगे।

पात्रता (Eligibility): वे निवेशक जो रिकॉर्ड तिथि (Record Date) तक शेयरधारक होंगे, बोनस शेयर पाने के हकदार होंगे।

रिकॉर्ड तिथि: बोनस शेयर के लिए रिकॉर्ड डेट अभी घोषित नहीं की गई है। बैंक जल्द ही इसकी घोषणा करेगा।


यह कदम शेयर बाजार में शेयर की तरलता बढ़ाने और खुदरा निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

💸 ₹5 प्रति शेयर का विशेष लाभांश


HDFC bank bonus issue के साथ-साथ, एचडीएफसी बैंक के बोर्ड ने ₹5 प्रति शेयर का स्पेशल डिविडेंड भी मंजूर किया है। यह विशेष लाभांश पहले घोषित किए गए नियमित डिविडेंड से अलग और अतिरिक्त है।

रिकॉर्ड तिथि (Record Date): इस विशेष लाभांश के लिए रिकॉर्ड तिथि शुक्रवार, 25 जुलाई 2025 तय की गई है।

भुगतान तिथि: पात्र निवेशकों को यह डिविडेंड नियमानुसार तय समय में उनके खातों में भेज दिया जाएगा।


बैंक की यह घोषणा उसके मजबूत वित्तीय प्रदर्शन और अच्छे कैश रिज़र्व को दर्शाती है।

📊 निवेशकों के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला?


एचडीएफसी बैंक के इस फैसले से निवेशकों को दोहरा फायदा मिलेगा:

बोनस शेयर उनके होल्डिंग्स बढ़ाएंगे, जिससे भविष्य में पूंजीगत लाभ की संभावना बन सकती है।

वहीं स्पेशल डिविडेंड उन्हें तुरंत नकद लाभ प्रदान करता है।


यह संकेत देता है कि बैंक को अपने विकास और मुनाफे पर भरोसा है, और वह अपने शेयरधारकों को दीर्घकालिक लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है।

🏦 एचडीएफसी बैंक के बारे में


एचडीएफसी बैंक देश का अग्रणी निजी बैंक है जो अपनी मजबूत नींव, व्यापक ग्राहक आधार और निरंतर वित्तीय सफलता के लिए जाना जाता है। यह घोषणा निवेशकों के हितों की रक्षा करने और उन्हें पुरस्कृत करने के दृष्टिकोण को दर्शाती है।

📌 मुख्य बातें एक नजर में:


बोनस शेयर रेशियो: 1:1

बोनस की रिकॉर्ड डेट: जल्द घोषित होगी

स्पेशल डिविडेंड: ₹5 प्रति शेयर

रिकॉर्ड डेट (डिविडेंड): शुक्रवार, 25 जुलाई 2025

निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे रिकॉर्ड डेट की आधिकारिक घोषणा पर नज़र रखें और लाभ लेने के लिए समय पर अपने निवेश अपडेट रखें।

Anthem Biosciences IPO Allotment: आज घोषित होने जा रही है IPO आवंटन सूची, ऐसे चेक करें स्टेटस!

Anthem Biosciences IPO Allotment: आज घोषित होने जा रही है IPO आवंटन सूची, ऐसे चेक करें स्टेटस!


Anthem Biosciences IPO Allotment प्रक्रिया आज, 17 जुलाई 2025 को पूरी होने की संभावना है। निवेशकों में नए शेयरों के आवंटन को लेकर उत्सुकता चरम पर है क्योंकि इस पब्लिक इश्यू को जबर्दस्त प्रतिक्रिया मिली है। जानिए IPO की प्रमुख जानकारियां, आवंटन स्टेटस चेक करने के आसान तरीके और जरूरी लिंक!

Anthem Biosciences IPO: प्रमुख तथ्य


आईपीओ खुलने की तारीख: – 14 जुलाई 2025
आईपीओ बंद होने की तारीख: -16 जुलाई 2025
इश्यू साइज: – ₹3,395 करोड़
प्राइस बैंड: – ₹540 – ₹570 प्रति शेयर
लॉट साइज: – 26 शेयर प्रति लॉट
ओवरसब्सक्रिप्शन: – कुल सब्सक्रिप्शन लगभग 64–67 गुना
QIB: 183–193 गुना
NII: 42–45 गुना
रिटेल: लगभग 6 गुना
लिस्टिंग की तारीख: – 21 जुलाई 2025 (BSE & NSE)

कब आएगा IPO Allotment रिजल्ट?


इश्यू का आवंटन रिजल्ट आज 17 जुलाई को जारी होने का अनुमान है। जिन निवेशकों को शेयर अलॉट होंगे, उनके डिमैट खाते में 18 जुलाई तक शेयर क्रेडिट हो सकते हैं।

Anthem Biosciences IPO Allotment स्टेटस चेक करने के तरीके


1. KFin Technologies (रजिस्ट्रार) वेबसाइट पर

[KFinTech IPO Allotment Status](https://evault.kfintech.com/ipostatus/) पर जाएं।
“Anthem Biosciences IPO” सिलेक्ट करें।
पैन कार्ड नंबर, एप्लीकेशन नंबर, या DP/Client ID में से कोई भी विकल्प चुनें।

जरूरी डिटेल भरें और सबमिट करें।

2. BSE इंडिया वेबसाइट पर

[BSE IPO Allotment Status](https://www.bseindia.com/investors/appli_check.aspx) पर जाएं।
“Equity” सिलेक्ट करें, इश्यू नेम में “Anthem Biosciences IPO” चुनें।
एप्लीकेशन नंबर या पैन एन्टर करें और “Search” पर क्लिक करें।

3. NSE इंडिया वेबसाइट पर

[NSE IPO Allotment Status](https://www.nseindia.com/products/dynaContent/equities/ipos/ipo_login.jsp) पर जाएं और मांगी गई जानकारी भरें।

महत्वपूर्ण तिथियाँ


| इवेंट | तारीख |
| IPO आवंटन फाइनल | 17 जुलाई 2025 |
| रिफंड इनिशिएट | 18 जुलाई 2025 |
| डिमैट खाता में शेयर क्रेडिट | 18 जुलाई 2025 |
| शेयर बाजार में सूचीबद्ध | 21 जुलाई 2025 |

आवंटन के बाद अगले कदम


अगर आपको शेयर अलॉट हुए हैं, तो वे 18 जुलाई तक डिमैट अकाउंट में दिखेंगे। जिन निवेशकों को अलॉटमेंट नहीं मिला, उनके रिफंड भी 18 जुलाई से शुरू हो सकते हैं। शेयरों की लिस्टिंग 21 जुलाई को बीएसई और एनएसई पर निर्धारित है, जिसके बाद ट्रेडिंग शुरू हो जाएगी।

ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) और लिस्टिंग


आईपीओ में भारी ओवरसब्सक्रिप्शन की वजह से प्री-लिस्टिंग ग्रे मार्केट में शेयरों का प्रीमियम प्राइस बैंड के ऊपर 25% तक देखा जा रहा है। हालांकि वास्तविक लिस्टिंग परफॉर्मेंस बाजार परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।

Anthem Biosciences: कंपनी परिचय


2006 में स्थापित इस कंपनी ने फार्मा और बायोटेक्नोलॉजी सेक्टर में बेहतरीन रिसर्च, डेवलपमेंट और मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज ऑफर कर वैश्विक पहचान बनाई है। कंपनी की मजबूत क्लाइंट बेस और विस्तार योजनाओं ने निवेशकों को आकर्षित किया है।

**अपना IPO अलॉटमेंट स्टेटस जांचना न भूलें! ऊपर दिए गए डायरेक्ट लिंक्स और आसान स्टेप्स से आप घर बैठे ही अपना रिजल्ट देख सकते हैं।**

Priya Nair कौन हैं? जानिए भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनी HUL की पहली महिला CEO-MD के बारे में!

Priya Nair कौन हैं? जानिए भारत की सबसे बड़ी FMCG कंपनी HUL की पहली महिला CEO-MD के बारे में!


हिंदुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड (HUL), जो भारत की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी है, ने Priya Nair को अपनी नई मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ नियुक्त किया है। यह पहली बार है जब HUL ने किसी महिला को इस शीर्ष पद पर नियुक्त किया है। वह 1 अगस्त 2025 से इस पद का कार्यभार संभालेंगी।

📌 ऐतिहासिक उपलब्धि


Priya Nair की नियुक्ति 92 साल पुराने HUL के इतिहास में पहली बार किसी महिला के सीईओ बनने की घटना है। वह रोहित जावा की जगह लेंगी, जिनका कार्यकाल 31 जुलाई 2025 को समाप्त हो रहा है। इस घोषणा के बाद कंपनी के शेयरों में करीब 5% की तेजी देखने को मिली।

📈 तीन दशकों का अनुभव


1995 में, Priya Nair ने HUL में बतौर कंज़्यूमर इनसाइट्स मैनेजर अपने करियर की शुरुआत की थी।

उन्होंने डव, रिन और कम्फर्ट जैसे ब्रांड्स के मार्केटिंग और विकास में प्रमुख भूमिका निभाई।

2014 से 2020 तक, वह HUL की होम केयर डिवीजन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहीं, जहां उन्होंने इस सेगमेंट में मुनाफे में जबरदस्त सुधार किया।

2022 में, उन्हें यूनिलीवर की ग्लोबल CMO (चीफ मार्केटिंग ऑफिसर) बनाया गया।

2023 से, वह यूनिलीवर के ब्यूटी एंड वेलबीइंग डिवीजन की प्रेसिडेंट हैं, जहां वह €13 बिलियन के वैश्विक कारोबार का नेतृत्व कर रही हैं।

🎓 शिक्षा और अंतरराष्ट्रीय अनुभव


Priya Nair ने मुंबई के सिडनहैम कॉलेज से बी.कॉम और सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट, पुणे से एमबीए (मार्केटिंग) किया है। उन्होंने हावर्ड बिजनेस स्कूल से कार्यकारी शिक्षा भी प्राप्त की है। फिलहाल वह लंदन में कार्यरत हैं और यूनिलीवर की वैश्विक लीडरशिप टीम का हिस्सा हैं।

🔍 क्यों है उनका नेतृत्व महत्वपूर्ण?


1. सशक्त नेतृत्व क्षमता: उन्होंने HUL के कई प्रमुख बिज़नेस यूनिट्स को मुनाफे में बदलने में सफलता पाई।


2. डिजिटल और युवा केंद्रित रणनीति: उनके नेतृत्व में कई सोशल मीडिया कैंपेन और ब्रांड रीपोजिशनिंग की गई।


3. बाजार में भरोसा: उनकी नियुक्ति के बाद शेयरों में उछाल से निवेशकों का भरोसा साफ दिखता है।

🔮 आगे की राह


हाल के वर्षों में HUL की ग्रोथ रफ्तार धीमी हुई है, लेकिन अब उम्मीद है कि Priya Nair के अनुभव और इनोवेशन आधारित दृष्टिकोण से कंपनी को नई गति मिलेगी। बोर्ड ने उन्हें पाँच साल के कार्यकाल के लिए मंजूरी दी है।


निष्कर्ष:

Priya Nair का CEO-MD बनना सिर्फ HUL के लिए ही नहीं, बल्कि कॉरपोरेट भारत में महिलाओं की भागीदारी के लिए भी एक प्रेरणादायक कदम है। अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि वह कंपनी को आगे कैसे दिशा देती हैं।