Coolie movie review: रजनीकांत-लोकेश की ब्लॉकबस्टर जुगलबंदी!

Coolie movie review: रजनीकांत-लोकेश की ब्लॉकबस्टर जुगलबंदी!


रजनीकांत की 171वीं फिल्म ‘Coolie’ में लोकेश कनगाराज का धमाका। जानें कहानी, एक्शन और स्टारपावर का परफेक्ट संगम इस खास रिव्यू में।

⭐ परिचय: रजनीकांत का नाम ही सिनेमा है


जब भी रजनीकांत की नई फिल्म आती है, दर्शक सिर्फ उनकी एक्टिंग देखने नहीं आते—वे एक अनुभव जीने आते हैं।
रजनी का करिश्मा ऐसा है कि उन्हें अलग से चमकाने की जरूरत नहीं, क्योंकि वे खुद वो रोशनी हैं। लेकिन हर बार दर्शकों के मन में सवाल यही होता है— क्या निर्देशक उनकी सुपरस्टार छवि को बरकरार रखते हुए, आज के समय के सिनेमा मानकों पर खरी फिल्म बना पाए हैं?

🎥 लोकेश कनगाराज – तमिल मास सिनेमा के नए दौर के मसीहा


पिछले कुछ वर्षों में ऐसे निर्देशक बहुत कम हुए हैं जिन्होंने आधुनिक फिल्ममेकिंग और रजनीकांत जैसी ‘लीजेंडरी पर्सनालिटी’ को सफलतापूर्वक जोड़ा हो।
लोकेश कनगाराज (Vikram, Leo फेम) आज तमिल मास सिनेमा का सबसे चर्चित नाम हैं। उनकी पहचान है—तेज रफ्तार कहानी, दमदार एक्शन और दर्शकों को जोड़ने वाला भावनात्मक कनेक्शन।

🎬 “Coolie” – रजनीकांत की 171वीं फिल्म का धमाका


– रिलीज़ वर्ष: 2025
– निर्देशक: लोकेश कनगाराज
– संगीत: अनिरुद्ध रविचंदर
– स्टार कास्ट: रजनीकांत और कई दमदार सह-कलाकार

फिल्म की कहानी एक पूर्व Coolie यूनियन लीडर की है, जो डॉकयार्ड में मज़दूरों का शोषण करने वाले माफिया सिंडिकेट के खिलाफ लड़ाई छेड़ देता है।
यह सिर्फ एक्शन से भरपूर नहीं बल्कि भावनाओं, संघर्ष और मास अपील का भी बेहतरीन संगम है।

💡 टेक्नोलॉजी और स्टाइल का शानदार मेल


– IMAX सर्टिफाइड कैमरों का इस्तेमाल
– फ्लैशबैक सीन में डिजिटल डी-एजिंग
– ऑल-स्टार कास्ट और हाई-ऑक्टेन स्टंट सीक्वेंस

लोकेश ने अनावश्यक हिंसा कम कर, स्क्रिप्ट को रजनीकांत की ताकतों के मुताबिक गढ़ा—जैसे दमदार डायलॉग, स्टाइलिश एंट्री और दिल छू लेने वाले भावुक पल।

🌟 रजनीकांत – सिर्फ अभिनेता नहीं, एक सांस्कृतिक विरासत


रजनीकांत का करियर संघर्ष और सफलता की जीवंत मिसाल है—एक बस कंडक्टर से ग्लोबल सुपरस्टार बनने तक का सफर।
उन्होंने हीरोइज़्म को एक नया चेहरा दिया—जहां स्टाइल, मास अपील और इंसानियत तीनों एक साथ मिलते हैं।
‘Coolie’ में उनका किरदार एक साथ करिश्माई लीडर और भावनात्मक नायक दोनों रूप में दर्शकों के दिल जीतता है।

🎵 संगीत और वातावरण


अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत फिल्म को और बिजलीदार बनाता है। बैकग्राउंड स्कोर से लेकर गानों तक—हर जगह एक्शन और इमोशन का मिश्रण है, जो रजनी के दृश्यों को नया जादू देता है।

🔥 क्यों खास है ‘Coolie’?


– पुराने जमाने की रजनीकांत वाली मास एनर्जी
– आज के सिनेमा के हाई-टेक विजुअल्स और एडिटिंग
– दमदार डायरेक्शन और कहानी में ट्विस्ट
– फैन्स और नए दर्शक—दोनों पीढ़ियों को जोड़े रखने की क्षमता

🏆 निष्कर्ष: एक सिनेमाई उत्सव


‘Coolie’ एक फिल्म से बढ़कर सिनेमा का त्योहार है—जहां तमिल सिनेमा की मशाल रजनीकांत और नए युग के फिल्मकार लोकेश कनगाराज मिलकर इतिहास रच सकते हैं।
यह फिल्म हर उस दर्शक के लिए है जो एक्शन, इमोशन, और करिश्मे का परफेक्ट मिश्रण देखना चाहता है।

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मशहूर मिमिक्री कलाकार और अभिनेता Kalabhavan Navas होटल में मृत पाए गए, फिल्मी दुनिया में शोक की लहर!

मशहूर मिमिक्री कलाकार और अभिनेता Kalabhavan Navas होटल में मृत पाए गए, फिल्मी दुनिया में शोक की लहर!


मलयालम सिनेमा के जाने-माने मिमिक्री कलाकार और अभिनेता Kalabhavan Navas शुक्रवार को कोच्चि के एक होटल में मृत पाए गए। 51 वर्षीय नवास के असामयिक निधन से मनोरंजन जगत सदमे में है।


मलयालम फिल्म इंडस्ट्री को शुक्रवार को एक बड़ा झटका लगा जब मशहूर अभिनेता और मिमिक्री आर्टिस्ट Kalabhavan Navas का शव कोच्चि के चोत्तानिक्करा स्थित एक होटल में पाया गया। वे उस होटल में एक फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में ठहरे हुए थे। उनकी उम्र 51 वर्ष थी।

यह दुखद घटना तब सामने आई जब होटल स्टाफ ने देखा कि नवास लंबे समय से अपने कमरे से बाहर नहीं आए थे और ना ही किसी कॉल का जवाब दे रहे थे। कर्मचारियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोलने के बाद पाया कि नवास अचेत अवस्था में थे। उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

प्रारंभिक जांच और संभावित कारण



पुलिस ने प्रारंभिक जांच में बताया कि घटना में किसी तरह की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, मौत का सही कारण जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए एर्नाकुलम मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी अनुमान लगाया गया है कि उन्हें हृदयाघात (कार्डियक अरेस्ट) हो सकता है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

कौन थे Kalabhavan Navas?



कलाभवन नवास मलयालम सिनेमा और मंचीय मिमिक्री जगत का एक प्रतिष्ठित नाम थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रसिद्ध मिमिक्री ग्रुप कलाभवन से की थी, जहां से कई बड़े कलाकारों ने अपनी पहचान बनाई, जिनमें दिवंगत अभिनेता कलाभवन मणि भी शामिल हैं।

नवास की खासियत थी उनकी आवाज़ की विविधता और सटीक नकल, जिनकी बदौलत उन्होंने हजारों दर्शकों को हँसाया और सोचने पर मजबूर किया। उन्होंने अपने करियर में 50 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और कई टेलीविज़न कॉमेडी शोज़ में हिस्सा लिया।

कुछ यादगार फिल्में:

सीआईडी उनिकृष्णन बी.ए. बी.एड.

मीशा माधवन

पुलीवाल कल्याणम

थिलक्कम

चथिक्कथा चन्तु


हालाँकि वे मुख्य भूमिकाओं में कम नजर आए, लेकिन सह-कलाकार के रूप में उनका योगदान हमेशा सराहनीय रहा।

मनोरंजन जगत में शोक की लहर



Kalabhavan Navas के निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर अभिनेता हरिश्री अशोकन, सलीम कुमार, और दिलिप जैसे दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उन्हें एक सरल, विनम्र और प्रतिभाशाली कलाकार बताया।

AMMA (Association of Malayalam Movie Artists) ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर नवास के योगदान को याद किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

निजी जीवन और अंतिम संस्कार



नवास अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार उनके गृहनगर त्रिशूर में किया जाएगा। उनके प्रशंसक, मित्र और सहकर्मी अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

अंतिम शब्द



Kalabhavan Navas भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा दिए गए हँसी के पल और अनगिनत किरदार मलयालम सिनेमा और मंचीय कला में सदैव जीवित रहेंगे। उनकी यह असमय विदाई हमें यह याद दिलाती है कि कलाकारों की अहमियत सिर्फ उनकी भूमिका में नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और प्रभाव में भी होती है।

विक्रांत मैसी ने शाहरुख को दी टक्कर! 71वें National awards 2025 में जीत का मुकाबला हुआ जबरदस्त!

विक्रांत मैसी ने शाहरुख को दी टक्कर! 71वें National awards 2025 में जीत का मुकाबला हुआ जबरदस्त!

71वें National awards 2025 की घोषणा हो चुकी है। जानिए किसे मिला सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, अभिनेत्री और सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान।


भारतीय सिनेमा के इतिहास में 1 अगस्त 2025 एक यादगार दिन बन गया, जब 71वें National awards 2025 के विजेताओं की घोषणा नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में एक औपचारिक प्रेस वार्ता के माध्यम से की गई।

इससे पहले, राष्ट्रीय पुरस्कार जूरी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन को सौंपी। इसके बाद जूरी सदस्यों ने विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं के नाम सार्वजनिक किए।

National awards 2025 के प्रमुख पुरस्कार 🏆 विजेता


🔹 सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (संयुक्त रूप से):
शाहरुख खान – “जवान”
विक्रांत मैसी – “12th फेल”
इन दोनों ने अपने प्रभावशाली और संवेदनशील प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीत लिया। शाहरुख खान को उनके 33 वर्षों के फिल्मी करियर में यह पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है, जबकि विक्रांत की भूमिका प्रेरणा और यथार्थ का सशक्त उदाहरण रही।

🔹 सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री:
रानी मुखर्जी – “मिसेज चैटर्जी वर्सेज नॉर्वे”
एक माँ की कानूनी और भावनात्मक लड़ाई को बखूबी पर्दे पर लाकर रानी ने अपनी अदाकारी का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

🔹 सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म:
“12th फेल”
विक्रमादित्य मोटवाने के निर्देशन में बनी यह फिल्म संघर्ष, मेहनत और शिक्षा के महत्व को संवेदनशील तरीके से दर्शाती है।

🔹 सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म:
“कटहल: अ जैकफ्रूट मिस्ट्री”
यह एक व्यंग्यात्मक सामाजिक कहानी है, जिसने दर्शकों को हास्य और संवेदना दोनों से जोड़ा।

🔹 सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म (सार्थक मनोरंजन के लिए):
“रॉकी और रानी की प्रेम कहानी”
करण जौहर के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने पारिवारिक भावनाओं और आधुनिक प्रेम की सुंदर झलक पेश की।

🌟 अन्य प्रमुख विजेता


🔸 सर्वश्रेष्ठ निर्देशन:
(इस श्रेणी में विजेता की पुष्टि नहीं है, अपडेट होने पर जोड़ा जा सकता है।)

🔸 सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री:
जानकी बोदीवाला – “वश” (गुजराती फिल्म)

🔸 सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म:
“वश”

🔸 सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फीचर फिल्म:
“भगवंत केसरी”

🔸 तकनीकी श्रेणियों में सम्मानित फिल्में:
“सैम बहादुर” को 3 पुरस्कार मिले, वहीं “द केरला स्टोरी” ने 2 पुरस्कार जीते।

🎬 विविधता और क्षेत्रीय सिनेमा का जलवा


राष्ट्रीय पुरस्कारों की खास बात यह है कि ये केवल मुख्यधारा (बॉलीवुड) तक सीमित नहीं रहते, बल्कि क्षेत्रीय भाषाओं के सिनेमा को भी सम्मानित करते हैं। इस वर्ष गुजराती, तेलुगु, मलयालम और अन्य भाषाओं की फिल्मों को भी प्रमुख स्थान मिला है।

गुजराती फिल्म “वश” और तेलुगु फिल्म “भगवंत केसरी” ने उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए विशेष मान्यता प्राप्त की। इन फिल्मों ने यह साबित किया कि भारतीय सिनेमा की आत्मा क्षेत्रीय कथाओं में भी जीवित है।

📣 सरकार की सराहना और समर्थन


केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा न केवल देश के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारतीय संस्कृति और मूल्यों को दर्शाने में सफल हो रहा है।

राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने जूरी के निष्पक्ष फैसलों की सराहना की और सभी कलाकारों और तकनीशियनों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए धन्यवाद दिया।

💬 निष्कर्ष


71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2025 ने यह दर्शाया कि भारतीय सिनेमा विविधता, गुणवत्ता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।
शाहरुख खान, विक्रांत मैसी और रानी मुखर्जी जैसे कलाकारों का सम्मान केवल उनके लिए नहीं, बल्कि प्रेरणा के नए अध्याय की शुरुआत है।

इन पुरस्कारों ने यह भी साबित किया कि अच्छे सिनेमा की कोई भाषा नहीं होती — बस एक सच्ची कहानी और उसका सशक्त प्रस्तुतिकरण होता है।

Dheeraj Kumar का निधन: वयोवृद्ध अभिनेता और निर्माता ने मुंबई में 79 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा!

Dheeraj Kumar का निधन: वयोवृद्ध अभिनेता और निर्माता ने मुंबई में 79 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा!


हिंदी फिल्म और टेलीविजन जगत से एक दुखद समाचार सामने आया है। वरिष्ठ अभिनेता और लोकप्रिय टेलीविजन निर्माता Dheeraj Kumar का मुंबई में निधन हो गया है। वे 79 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से न्यूमोनिया से जूझ रहे थे। गंभीर स्थिति में उन्हें कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। इलाज के दौरान ही उन्होंने अंतिम सांस ली।

Dheeraj Kumar का असली नाम देवेंद्र शर्मा था। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1970 के दशक में की थी और कई फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाईं। हालांकि, उन्हें असली पहचान टेलीविजन इंडस्ट्री में निर्माता और निर्देशक के रूप में मिली। उन्होंने भारतीय दर्शकों को ‘ओम नमः शिवाय’, ‘साईं बाबा’, ‘श्री गणेश’ और कई अन्य धार्मिक व पारिवारिक धारावाहिकों के जरिए प्रभावित किया।

Dheeraj Kumar की प्रोडक्शन कंपनी क्रिएटिव आई लिमिटेड भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री की अग्रणी कंपनियों में से एक रही है। उनके निर्देशन और निर्माण में बनीं शृंखलाएं आज भी दर्शकों की स्मृति में जीवंत हैं।

उनके निधन की खबर से फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में शोक की लहर फैल गई है। कई जाने-माने कलाकारों, निर्देशकों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। सभी उन्हें एक प्रतिभाशाली कलाकार, दूरदर्शी निर्माता और सरल स्वभाव वाले व्यक्ति के रूप में याद कर रहे हैं।

Dheeraj Kumar का योगदान केवल एक अभिनेता के रूप में ही नहीं, बल्कि भारतीय टेलीविजन के विकास में भी अमूल्य रहा है। उनका काम और समर्पण आने वाले समय में नई पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

निष्कर्ष:

धीरज कुमार का जाना भारतीय मनोरंजन जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे अपने बहुआयामी योगदान के लिए सदैव याद किए जाएंगे। उनकी यादें और कार्य उनकी अनुपस्थिति में भी जीवित रहेंगे।

रामायण: पार्ट 1 पब्लिक रिव्यू — “भव्य दृश्य और दमदार अभिनय ने जीता दर्शकों का दिल!

रामायण: पार्ट 1 पब्लिक रिव्यू — “भव्य दृश्य और दमदार अभिनय ने जीता दर्शकों का दिल!


बहुप्रतीक्षित पौराणिक फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ ने सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है और शुरुआती दर्शकों की प्रतिक्रिया बेहद जबरदस्त रही है। हिंदू महाकाव्य रामायण पर आधारित इस त्रयी (ट्रिलॉजी) की पहली कड़ी को लोग शानदार विजुअल्स, भावनात्मक गहराई और दमदार अभिनय के लिए खूब सराह रहे हैं।




🌟 दृश्यात्मक भव्यता ने लूटी महफिल

फिल्म की शुरुआत से ही इसके VFX और भव्य सेट्स दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देते हैं। लंका की डिज़ाइन, वनवास के दृश्य और युद्ध के सीन को लेकर लोग कह रहे हैं कि यह फिल्म तकनीकी तौर पर बाहुबली और लॉर्ड ऑफ द रिंग्स जैसी फिल्मों के समकक्ष है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं कुछ यूँ हैं:

“हर सीन में रोंगटे खड़े हो जाते हैं।”

“इस तरह की फिल्म भारत में पहली बार बनी है।”

“रामायण कभी इतनी जीवंत नहीं लगी।”





🎭 अभिनय में दिव्यता और गहराई

रणबीर कपूर ने भगवान श्रीराम के रूप में एक शांत, संयमित और भावनात्मक प्रदर्शन दिया है जिसे दर्शक बहुत पसंद कर रहे हैं। वहीं साई पल्लवी ने माता सीता के रूप में कोमलता और आत्मबल को बखूबी दर्शाया है। यश, जो रावण के किरदार में हैं, उनकी गर्जनभरी आवाज़ और प्रभावशाली स्क्रीन प्रेजेंस को देखकर लोग दंग हैं।




🎶 संगीत से बढ़ा फिल्म का प्रभाव

फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और भक्ति से ओतप्रोत गीत कहानी में भावनात्मक गहराई जोड़ते हैं। विशेषकर राम-वनवास और सीता हरण जैसे दृश्यों में संगीत आत्मा को छू जाता है।




📝 दर्शकों का मत: अवश्य देखने योग्य महाकाव्य

फिल्म को परिवारों, युवाओं और धार्मिक दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। रामायण की यह प्रस्तुति न सिर्फ श्रद्धा से परिपूर्ण है बल्कि तकनीकी और भावनात्मक रूप से भी बेहद मजबूत है।




📊 बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता की उम्मीद

जैसे-जैसे दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, वैसे ही बॉक्स ऑफिस पर फिल्म की कमाई तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। यह फिल्म भारत में पौराणिक सिनेमा को एक नया मुकाम देती नजर आ रही है।




🔍 निष्कर्ष

रामायण: पार्ट 1 सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव है। इसकी भव्यता, संवेदनशीलता और प्रभावशाली अभिनय इसे पौराणिक फिल्मों की श्रेणी में खास बनाता है। रामायण की इस नयी प्रस्तुति ने दर्शकों के दिलों में जगह बना ली है और अब सबकी निगाहें इसके अगले भागों पर टिकी हैं।

रेटिंग: ★★★★☆ (4.5/5) – भव्यता से भरा एक आध्यात्मिक सिनेमाई अनुभव।