जैसलमेर में DRDO गेस्ट हाउस मैनेजर पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार!

जैसलमेर में DRDO गेस्ट हाउस मैनेजर पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार!

राजस्थान पुलिस ने जैसलमेर में DRDO गेस्ट हाउस मैनेजर को ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया। संवेदनशील रक्षा डेटा लीक का खुलासा।

राजस्थान पुलिस की खुफिया शाखा ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (**DRDO**) के गेस्ट हाउस के प्रबंधक महेंद्र प्रसाद (कुछ रिपोर्टों में महेंद्र सिंह) को गिरफ्तार किया। यह गेस्ट हाउस जैसलमेर स्थित चांदन फील्ड फायरिंग रेंज के पास है, जहां संवेदनशील रक्षा परीक्षण होते हैं।

गिरफ्तारी से पहले उन्हें करीब एक हफ्ता हिरासत में रखकर सघन पूछताछ की गई थी। इस दौरान पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे ठोस सबूत मिले, जिन्होंने उनकी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी **ISI** से जासूसी में संलिप्तता की पुष्टि की। इसके बाद उन पर **ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट, 1923** के तहत मामला दर्ज किया गया।

मामला कैसे उजागर हुआ


सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान पुलिस की CID (सुरक्षा) इकाई को निगरानी के दौरान यह आशंका हुई कि कोई अंदरूनी व्यक्ति DRDO से जुड़ी गोपनीय जानकारियां लीक कर रहा है।

32 वर्षीय महेंद्र प्रसाद उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के पल्यून गांव के रहने वाले हैं और पिछले पांच साल से अनुबंध आधार पर गेस्ट हाउस का प्रबंधन कर रहे थे। इस पद के चलते उन्हें मेहमानों के रिकॉर्ड, उनकी गतिविधियों और आने-जाने की समयसारिणी तक सीधी पहुंच थी।

जासूसी का तरीका


जांच में पता चला कि महेंद्र प्रसाद ने DRDO वैज्ञानिकों, सेना के अधिकारियों और अन्य अहम मेहमानों की जानकारी सोशल मीडिया व एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स के माध्यम से पाकिस्तान स्थित हैंडलरों तक पहुंचाई।
उनके मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच में संवेदनशील डेटा, अतिथि सूची और प्रदेश व देश की सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियों के साक्ष्य मिले, जो भारत की सामरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते थे।

DRDO गेस्ट हाउस मैनेजर की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई


पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने संयुक्त रूप से जांच करते हुए यह साक्ष्य जुटाए:
– एक हफ्ते की हिरासत में लगातार पूछताछ
– डिजिटल डिवाइस से जासूसी से जुड़े प्रमाण
– पाकिस्तान के साथ सीधा संपर्क स्थापित करने वाले चैट और कॉल रिकॉर्ड

इन साक्ष्यों के आधार पर महेंद्र प्रसाद को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें पूछताछ के लिए रिमांड पर भेजा गया।

अधिकारियों की प्रतिक्रियाएं


सीआईडी (सुरक्षा) के आईजी डॉ. विष्णुकांत ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस से पहले सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया निगरानी को बढ़ाया गया था, जिसके चलते यह मामला उजागर हुआ। उन्होंने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा करार दिया।
सीमा से लगे राजस्थान के में पहले भी पाकिस्तान समर्थित जासूसी नेटवर्क पकड़े गए हैं, इसलिए यहां खुफिया एजेंसियां लगातार चौकन्नी रहती हैं।

व्यापक असर और आगे की रणनीति


इस मामले के बाद:
DRDO और अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों में संविदा कर्मियों की पृष्ठभूमि जांच और सख्त की जाएगी।
– सभी हाई-सिक्योरिटी जोन्स में डिजिटल निगरानी और भी मजबूत की जाएगी।
– सुरक्षा में ‘इनसाइडर थ्रेट’ यानी अंदरूनी खतरे को रोकने के लिए नए प्रोटोकॉल लागू होंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह जासूसी लंबे समय तक चलती रही, तो इससे भारत के हथियार परीक्षण और मिसाइल परियोजनाओं की गुप्त जानकारी पड़ोसी देश के पास पहुंच सकती है।

निष्कर्ष


DRDO गेस्ट हाउस के मैनेजर महेंद्र प्रसाद की गिरफ्तारी ने एक बार फिर यह साबित किया है कि देश की सुरक्षा सिर्फ सीमाओं पर नहीं, बल्कि अंदरूनी तंत्र में भी सतर्कता पर निर्भर करती है।
यह घटना भविष्य में खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक केस स्टडी के रूप में देखी जाएगी, जो बताएगी कि तकनीक और मानव संसाधन दोनों की निगरानी कितनी जरूरी है।


SEO कीवर्ड्स: DRDO, राजस्थान पुलिस, जैसलमेर, जासूसी, ISI, महेंद्र प्रसाद, चांदन फील्ड फायरिंग रेंज, Official Secrets Act, राष्ट्रीय सुरक्षा, खुफिया एजेंसी

भारत ने लॉन्च की स्वदेशी ATAGS तोप, कुछ ही सेकंड में पाकिस्तान तक कर सकती है हमला!

भारत ने लॉन्च की स्वदेशी ATAGS तोप, कुछ ही सेकंड में पाकिस्तान तक कर सकती है हमला!


आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए भारत ने अपनी अत्याधुनिक स्वदेशी तोप प्रणाली एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (ATAGS) का सफलतापूर्वक अनावरण किया है। यह शक्तिशाली तोप प्रणाली रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित की गई है, जिसमें भारत फोर्ज और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स जैसी प्रमुख निजी कंपनियों का भी अहम योगदान रहा है।

कुछ ही सेकंड में दुश्मन पर सटीक वार


ATAGS की सबसे बड़ी खासियत इसकी दूर तक मार करने की क्षमता है। यह तोप पाकिस्तान की सीमा के अंदर तक स्थित लक्ष्यों को कुछ ही सेकंड में सटीकता से निशाना बना सकती है। इसका अधिकतम मारक दायरा लगभग 48 किलोमीटर है, जो इसे दुनिया की सबसे शक्तिशाली टोएड आर्टिलरी गन में शामिल करता है।

उन्नत तकनीक से लैस


ATAGS में कई अत्याधुनिक तकनीकी खूबियाँ शामिल हैं:

155 मिमी, 52-कैलिबर बैरल

स्वचालित गोला-बारूद हैंडलिंग सिस्टम

इलेक्ट्रो-मेकैनिकल नियंत्रण प्रणाली जो सटीकता बढ़ाती है।

सभी प्रकार की जमीन पर चलने की क्षमता


यह तोप 60 सेकंड में 5 गोले दाग सकती है और इसकी सतत फायरिंग क्षमता 60 राउंड प्रति घंटा है, जो इसे एक असाधारण युद्धक प्रणाली बनाती है।

पूरी तरह स्वदेशी निर्माण


ATAGS भारत की रक्षा निर्माण क्षमता का बेहतरीन उदाहरण है। यह प्रणाली लगभग 80% तक स्वदेशी रूप से विकसित की गई है, जो ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे अभियानों को मजबूती देती है।

इस तोप का परीक्षण भारत के विभिन्न मौसमों और भौगोलिक परिस्थितियों में किया गया, जैसे ऊँचाई वाले क्षेत्रों और रेगिस्तानी इलाकों में। हर बार यह प्रणाली उम्मीदों से बढ़कर प्रदर्शन करने में सफल रही।

सामरिक दृष्टिकोण से अहम


ATAGS के सेना में शामिल होने से भारत की तोपखाना रेजीमेंट की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा, खासकर पाकिस्तान के साथ लगती पश्चिमी सीमा पर। इसकी लंबी रेंज, तेज तैनाती और सटीक निशाना लगाने की क्षमता इसे सीमावर्ती क्षेत्रों के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह तोप प्रणाली भारत की प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करेगी और दुश्मनों के लिए एक सख्त संदेश होगी।

आगे की योजनाएं


रक्षा मंत्रालय द्वारा इस प्रणाली की पहली खेप के लिए ऑर्डर दिया जा चुका है। आने वाले वर्षों में 300 से अधिक ATAGS तोपों को भारतीय सेना में शामिल किया जाएगा, जिससे पुरानी बोफोर्स और अन्य आयातित तोपों को धीरे-धीरे बदला जाएगा।

भारत भविष्य में इस उन्नत प्रणाली का अन्य मित्र देशों को निर्यात करने की भी योजना बना रहा है, जिससे भारत की रक्षा निर्यात क्षमता को बल मिलेगा।


निष्कर्ष:


ATAGS का सफल अनावरण भारत के रक्षा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह न केवल देश की रक्षा जरूरतों को पूरा करता है, बल्कि भारत को वैश्विक सैन्य तकनीक में एक नई पहचान भी दिलाता है। यह कदम आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की ओर एक बड़ा और गर्वपूर्ण प्रयास है।