द ओवल टेस्ट में इंग्लैंड पर 6 रन की रोमांचक जीत के बाद WTC points table में तीसरे स्थान पर पहुंची टीम इंडिया!

द ओवल टेस्ट में इंग्लैंड पर 6 रन की रोमांचक जीत के बाद WTC points table में तीसरे स्थान पर पहुंची टीम इंडिया!

ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2027 में भारत ने इंग्लैंड को 6 रन से हराकर WTC points table में तीसरा स्थान हासिल किया। जानिए मैच हाइलाइट्स, WTC अंक तालिका और आगे का शेड्यूल।

4 अगस्त को लंदन के द ओवल मैदान पर खेले गए रोमांचक टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 6 रन से हराकर पांच मैचों की सीरीज़ 2-2 से बराबर कर दी। इस ऐतिहासिक जीत ने न केवल भारत को टेस्ट सीरीज़ में सम्मानजनक स्थिति दिलाई, बल्कि ICC वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के WTC points table में भी तीसरे स्थान पर पहुंचा दिया।

भारत की जीत से बदला टेस्ट चैंपियनशिप का समीकरण



इस मुकाबले में भारत को जीत के साथ 12 महत्वपूर्ण अंक मिले, जिससे उसका कुल स्कोर 28 पॉइंट्स हो गया। अब भारत का पॉइंट्स प्रतिशत (PCT) 46.67% है और इसी के साथ उसने WTC points table में तीसरा स्थान हासिल कर लिया है।

WTC points table 2025-27 (4 अगस्त 2025 तक):



स्थान टीम खेले गए मैच कुल अंक PCT (%)

1 ऑस्ट्रेलिया — 3 36 100.00
2 श्रीलंका — 2 16 66.67
3 भारत — 5 28 46.67
4 इंग्लैंड— 5 26 43.33
5 बांग्लादेश — 2 4 16.67


> नोट: ICC द्वारा लागू नियमों के अनुसार WTC में टीमों की रैंकिंग का आधार पॉइंट्स प्रतिशत (PCT) होता है, न कि केवल जीते हुए मैच।

ओवल टेस्ट: एक सांस रोक देने वाला मुकाबला



यह टेस्ट मैच क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक शानदार अनुभव रहा। इंग्लैंड के तेज़ और आक्रामक ‘बाज़बॉल’ शैली के सामने भारत की गेंदबाज़ी ने अंतिम दिन कमाल कर दिखाया। जसप्रीत बुमराह और रविचंद्रन अश्विन ने दबाव में शानदार गेंदबाज़ी करते हुए इंग्लैंड को लक्ष्य से मात्र 6 रन दूर रोक दिया।

भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन



इस ऐतिहासिक जीत में कई खिलाड़ियों ने शानदार भूमिका निभाई:

जसप्रीत बुमराह: निर्णायक समय पर विकेट लेकर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

रवींद्र जडेजा: बल्ले और गेंद दोनों से योगदान देते हुए मैच में संतुलन बनाए रखा।

यशस्वी जायसवाल: पहले पारी में ठोस अर्धशतक के साथ एक मजबूत शुरुआत दी।

ऋषभ पंत: विकेटकीपिंग में शानदार वापसी के साथ तेज़ रन बनाकर टीम को सहारा दिया।

इंग्लैंड के लिए बड़ा झटका



इंग्लैंड के लिए यह हार काफी निराशाजनक रही। जीत से महज 6 रन दूर रह जाना उनकी रणनीति और मानसिकता पर सवाल खड़े करता है। इस हार के बाद इंग्लैंड अब WTC points table में पांचवें स्थान पर खिसक गया है, जिससे उनकी फाइनल में पहुंचने की संभावनाओं को झटका लगा है।

WTC 2027 फाइनल की ओर भारत का सफर



इस जीत ने भारत की WTC 2027 फाइनल की ओर यात्रा को नया मोड़ दिया है। आने वाले महीनों में भारत को कई महत्वपूर्ण टेस्ट सीरीज़ खेलनी हैं:

बांग्लादेश के खिलाफ घरेलू सीरीज़ (2 टेस्ट)

ऑस्ट्रेलिया का दौरा (5 टेस्ट)

दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज़


अगर भारत इन मुकाबलों में अच्छा प्रदर्शन करता है, तो वह WTC 2027 फाइनल में जगह बना सकता है, जिसका आयोजन लॉर्ड्स में होगा।

निष्कर्ष: भारत ने दिखाई असली ताकत



ओवल में मिली रोमांचक जीत सिर्फ एक टेस्ट मैच नहीं थी, बल्कि यह भारतीय टीम की धैर्य, अनुभव और रणनीति का उदाहरण थी। इस जीत ने न केवल WTC की दौड़ में भारत की स्थिति मजबूत की है, बल्कि यह भी दर्शाया है कि टीम इंडिया अब फिर से पटरी पर लौट आई है और फाइनल की दौड़ में मजबूती से खड़ी है।

इंग्लैंड के खिलाफ Yashasvi Jaiswal का शतक, पांचवें टेस्ट में भारत को दिलाई मजबूती!

इंग्लैंड के खिलाफ Yashasvi Jaiswal का शतक, पांचवें टेस्ट में भारत को दिलाई मजबूती!

Yashasvi Jaiswal ने एक बार फिर इंग्लैंड के खिलाफ कमाल करते हुए पांचवें टेस्ट की दूसरी पारी में शानदार शतक जड़ा। जानें उनकी इस पारी ने भारत की स्थिति को कैसे किया मजबूत।

भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज़ Yashasvi Jaiswal ने एक बार फिर अपनी शानदार बल्लेबाज़ी से सभी को प्रभावित किया है। द ओवल में खेले जा रहे पांचवें और आखिरी टेस्ट मैच की दूसरी पारी में उन्होंने शानदार शतक जड़ते हुए टीम इंडिया की पकड़ को मजबूत बना दिया।

पहली पारी में हुए फेल, दूसरी में की जबरदस्त वापसी



जहां पहली पारी में Yashasvi Jaiswal ज्यादा रन नहीं बना सके और जल्दी आउट हो गए, वहीं दूसरी पारी में उन्होंने अपने अनुभव और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों को पूरी तरह से थका दिया और मैदान पर डटे रहे।

Yashasvi Jaiswal ने 51वें ओवर में पूरा किया शतक


Yashasvi Jaiswal ने 51वें ओवर में अपने शतक की बाउंड्री लगाई और इस अहम टेस्ट मुकाबले में टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उनकी इस पारी में तकनीक और आक्रामकता का संतुलन देखने लायक था।

इंग्लैंड के खिलाफ चौथा शतक



यह Yashasvi Jaiswal के करियर का छठा टेस्ट शतक है और खास बात यह है कि इनमें से चार शतक उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ बनाए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि इंग्लैंड के खिलाफ वह एक अलग ही लय में खेलते हैं।

प्रमुख आँकड़े:

कुल टेस्ट शतक: 6

इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट शतक: 4

मौजूदा टेस्ट में शतक: दूसरी पारी में, 51वें ओवर में

उम्र: 24 साल

स्थान: द ओवल, लंदन

टीम की प्रतिक्रिया



कप्तान और कोच दोनों ने Yashasvi Jaiswal की इस पारी की जमकर सराहना की। कप्तान ने कहा,

> “जायसवाल ने जिस तरीके से दबाव में संभलकर बल्लेबाज़ी की, वह उनकी परिपक्वता और आत्मविश्वास को दर्शाता है।”



टीम प्रबंधन का मानना है कि जायसवाल की यह पारी आने वाले विदेशी दौरों में उन्हें एक मजबूत सलामी बल्लेबाज़ के रूप में स्थापित कर सकती है।

भारत की बढ़त हुई मजबूत



जायसवाल की इस शानदार पारी के दम पर भारत ने दूसरी पारी में अच्छा स्कोर खड़ा किया, जिससे इंग्लैंड को दबाव में लक्ष्य का पीछा करना होगा। यह पारी भारत को टेस्ट मैच में निर्णायक बढ़त दिला सकती है।

निष्कर्ष


Yashasvi Jaiswal ने यह साबित कर दिया है कि वह बड़े मौकों के खिलाड़ी हैं। पहली पारी की विफलता को पीछे छोड़ते हुए उन्होंने दूसरी पारी में शतक बनाकर न सिर्फ खुद को साबित किया, बल्कि टीम को भी संकट से उबारा। इंग्लैंड के खिलाफ उनकी यह पारी भारतीय टेस्ट क्रिकेट में एक और यादगार अध्याय जोड़ती है।

अगर जायसवाल इसी लय में आगे बढ़ते रहे, तो आने वाले वर्षों में वे भारत के सबसे भरोसेमंद टेस्ट सलामी बल्लेबाज़ बन सकते हैं। उनका यह शतक सिर्फ एक रन संख्या नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती, निरंतरता और समर्पण का प्रतीक है।

Harmanpreet Kaur ने रचा इतिहास: इंग्लैंड में 1000 वनडे रन बनाने वाली दूसरी भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं!

Harmanpreet Kaur ने रचा इतिहास: इंग्लैंड में 1000 वनडे रन बनाने वाली दूसरी भारतीय महिला क्रिकेटर बनीं!

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान Harmanpreet Kaur ने मंगलवार को इतिहास रच दिया। वह मिताली राज के बाद इंग्लैंड में 1000 वनडे रन बनाने वाली दूसरी भारतीय महिला क्रिकेटर बन गई हैं।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ चल रही तीसरे वनडे मुकाबले में हासिल हुई, जो कि रिवरसाइड ग्राउंड, चेस्टर-ले-स्ट्रीट में खेला जा रहा है। 36 वर्षीय हरमनप्रीत ने नंबर 4 पर बल्लेबाजी के लिए उतरते हुए 20 रन के आंकड़े को पार करते ही यह माइलस्टोन अपने नाम कर लिया।

निरंतरता और अनुभव की मिसाल


Harmanpreet Kaur, जो पंजाब के मोगा से हैं, साल 2009 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। उन्होंने अपने आक्रामक खेल और शांत नेतृत्व से भारत को कई बार जीत दिलाई है। अब इंग्लैंड में 1000 वनडे रन बनाकर उन्होंने एक और कीर्तिमान स्थापित किया है।

इस उपलब्धि के साथ ही हरमनप्रीत ने भारतीय क्रिकेट की महान बल्लेबाज मिताली राज के क्लब में जगह बना ली है। मिताली ने इंग्लैंड की परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी कर यह उपलब्धि पहले ही हासिल की थी, और अब हरमनप्रीत भी उस लिस्ट में शामिल हो गई हैं।

विदेशी ज़मीन पर कमाल


इंग्लैंड की पिचों पर रन बनाना आसान नहीं होता, खासकर तेज़ और स्विंग होती गेंदबाज़ी के खिलाफ। लेकिन Harmanpreet Kaur ने अपने अनुभव और तकनीक से इन चुनौतियों का सामना करते हुए यह मुकाम हासिल किया है।

उनका यह रिकॉर्ड सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक प्रेरणादायक पल भी है, जिससे युवा खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ेगा।

यादगार पारियों से भरी रही राह


Harmanpreet Kaur की इंग्लैंड में 1000 रन की यह यात्रा कई यादगार पारियों से भरी रही है। खासतौर पर 2017 महिला वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 171 रन की नाबाद पारी क्रिकेट इतिहास में एक मील का पत्थर बन गई थी। यह पारी भी इंग्लैंड की ज़मीन पर ही खेली गई थी, जो उनके बेहतरीन प्रदर्शन को दर्शाती है।

कप्तानी में मिसाल


कप्तान के तौर पर Harmanpreet Kaur हमेशा टीम को प्रेरित करती आई हैं। उनका यह नया कीर्तिमान टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाला साबित होगा। साथ ही, यह भारत की नई पीढ़ी की महिला क्रिकेटर्स के लिए एक प्रेरणा बनेगा।

वर्तमान में इंग्लैंड के खिलाफ चल रही सीरीज में उनकी भूमिका बेहद अहम है, और उनका यह प्रदर्शन टीम के लिए निर्णायक साबित हो सकता है।

निष्कर्ष


Harmanpreet Kaur द्वारा इंग्लैंड में 1000 वनडे रन पूरा करना सिर्फ एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि मेहनत, लगन और जुनून के दम पर कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के इस ऐतिहासिक पल पर देशभर से उन्हें बधाइयाँ मिल रही हैं। आने वाले मुकाबलों में भी उनसे इसी तरह के प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।