सितारे ज़मीन पर बनाम मां बनाम कन्नप्पा: कौन आगे है बॉक्स ऑफिस की दौड़ में?

सितारे ज़मीन पर बनाम मां बनाम कन्नप्पा: कौन आगे है बॉक्स ऑफिस की दौड़ में?


भारतीय सिनेमा इस समय तीन बेहद भावनात्मक और विषयों में भिन्न फिल्मों के बीच जबरदस्त बॉक्स ऑफिस टक्कर का गवाह बन रहा है। ये तीन फिल्में हैं — आमिर खान की सितारे ज़मीन पर, ससीकुमार की मां और विश्णु मांचू की पौराणिक फिल्म कन्नप्पा। तीनों फिल्मों का विषय अलग है, लेकिन मकसद एक — दर्शकों का दिल जीतना और बॉक्स ऑफिस पर धाक जमाना।




सितारे ज़मीन पर: आमिर खान की भावनात्मक वापसी

लाल सिंह चड्ढा की असफलता के बाद आमिर खान ने फिर से एक संवेदनशील विषय को चुना है। सितारे ज़मीन पर बच्चों की विशेष आवश्यकताओं और संघर्षों की कहानी है, जो तारे ज़मीन पर की याद दिलाती है। फिल्म को आमिर ने ही प्रोड्यूस किया है और इसमें वे लीड रोल में हैं।

कमाई की स्थिति: फिल्म ने पहले ही दिन ₹11.5 करोड़ की ओपनिंग ली। वीकेंड पर इसका कुल कलेक्शन ₹40 करोड़ से ऊपर पहुंच गया है। मल्टीप्लेक्स और फैमिली दर्शकों से इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

मुख्य ताकत: भावनात्मक गहराई, आमिर की लोकप्रियता और पारिवारिक विषयवस्तु।




मां: एक मां के प्यार की कहानी

तमिल अभिनेता-निर्देशक ससीकुमार द्वारा निर्देशित मां एक सशक्त फिल्म है, जो मां के त्याग और प्रेम की कहानी कहती है। यह फिल्म खास तौर पर दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु और केरल में दर्शकों को पसंद आ रही है।

कमाई की स्थिति: फिल्म ने पहले दिन ₹3.2 करोड़ की कमाई की। हालांकि धीमी शुरुआत रही, लेकिन पॉजिटिव वर्ड ऑफ माउथ की वजह से अब तक इसका कुल कलेक्शन ₹18 करोड़ तक पहुंच चुका है।

मुख्य ताकत: दमदार अभिनय, भावनात्मक जुड़ाव, क्षेत्रीय अपील।

चुनौती: उत्तर भारत में सीमित पहचान और प्रचार।




कन्नप्पा: पौराणिक महाकाव्य का जलवा

कन्नप्पा एक भव्य पौराणिक फिल्म है, जो भगवान शिव के भक्त कन्नप्पा नयनार की कहानी पर आधारित है। फिल्म में प्रभास और मोहनलाल जैसे बड़े सितारों की विशेष भूमिकाएं हैं, जो इसके आकर्षण को और बढ़ा रही हैं।

कमाई की स्थिति: फिल्म ने पहले दिन ₹15 करोड़ की शानदार ओपनिंग दर्ज की और अब तक ₹55 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुकी है, जिससे यह फिलहाल बॉक्स ऑफिस पर टॉप पर बनी हुई है।

मुख्य ताकत: भव्य विजुअल्स, स्टार कास्ट और धार्मिक विषय।

चुनौती: मिली-जुली समीक्षाएं, जो आगे चलकर असर डाल सकती हैं।




कौन है आगे? बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट

अब तक के आंकड़ों के अनुसार, कन्नप्पा सबसे आगे चल रही है कुल कमाई के मामले में, जबकि सितारे ज़मीन पर दर्शकों का दिल जीतने में आगे है। मां भले ही तीसरे स्थान पर है, लेकिन अपने भावनात्मक प्रभाव और क्षेत्रीय लोकप्रियता की बदौलत चर्चा में बनी हुई है।

फिल्म पहले दिन की कमाई कुल वीकेंड कलेक्शन मुख्य आकर्षण

कन्नप्पा ₹15 करोड़ ₹55+ करोड़ भव्यता, पैन-इंडिया अपील
सितारे ज़मीन पर ₹11.5 करोड़ ₹40 करोड़ इमोशनल स्टोरी, आमिर का नाम
मां ₹3.2 करोड़ ₹18 करोड़ क्षेत्रीय भावनात्मक जुड़ाव





आगे की राह

अब असली परीक्षा वीकडे कलेक्शन में है। कन्नप्पा को अपनी ओपनिंग की रफ्तार बनाए रखनी होगी। सितारे ज़मीन पर की कहानी और सामाजिक संदेश इसे लंबी दौड़ में बनाए रख सकते हैं, खासकर स्कूल और परिवार वर्ग के बीच। वहीं मां डिजिटल प्लेटफॉर्म पर और मजबूत हो सकती है।

इस मुकाबले में कौन विजेता होगा, यह तय करेंगे दर्शक — क्योंकि आखिरकार, जनता जनार्दन ही बॉक्स ऑफिस का असली राजा है।

Disclaimer: इस ब्लॉग में दी गई सभी जानकारियाँ केवल सामान्य जानकारी और धार्मिक/सांस्कृतिक मान्यताओं पर आधारित हैं। पाठकों से अनुरोध है कि किसी भी आध्यात्मिक या धार्मिक उपाय को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ या ज्ञानी व्यक्ति से परामर्श अवश्य लें। इस लेख में दी गई जानकारी की पूर्णता, सटीकता या विश्वसनीयता की हम कोई गारंटी नहीं देते। इस ब्लॉग में उल्लिखित किसी भी जानकारी के उपयोग से उत्पन्न परिणामों की जिम्मेदारी लेखक या प्रकाशक की नहीं होगी।

“मेट्रो… इन डिनो” फिल्म रिव्यू: शहरी रिश्तों की कहानी, कुछ असरदार तो कुछ अधूरी!

मेट्रो… इन डिनो फिल्म रिव्यू: शहरी रिश्तों की कहानी, कुछ असरदार तो कुछ अधूरी


रेटिंग: ⭐⭐⭐ (3/5)

निर्देशक अनुराग बसु एक बार फिर शहरी रिश्तों की उलझनों को लेकर परदे पर लौटे हैं अपनी नई फिल्म मेट्रो… इन डिनो के साथ। यह फिल्म साल 2007 में आई उनकी चर्चित फिल्म लाइफ इन अ मेट्रो की आत्मिक अगली कड़ी मानी जा रही है। इस बार भी उन्होंने एक दमदार स्टारकास्ट, दिल छू लेने वाले संगीत और इमोशनल कहानियों का ताना-बाना बुना है। लेकिन सवाल ये है – क्या ये फिल्म पिछली बार की तरह दिल जीतने में सफल रही?




कास्ट और क्रू:

निर्देशक: अनुराग बसु

निर्माता: भूषण कुमार, कृष्ण कुमार, अनुराग बसु और तानी बसु

लेखक: अनुराग बसु

संगीत: प्रीतम

छायांकन: राजेश शुक्ला

संपादन: अकीव अली


मुख्य कलाकार:

आदित्य रॉय कपूर – अर्जुन के रूप में

सारा अली खान – तारा के रूप में

अनुपम खेर – सत्यजीत

नीना गुप्ता – कुसुम

अली फज़ल – आयुष

फातिमा सना शेख – मिशा

कोंकणा सेन शर्मा – शहाना

पंकज त्रिपाठी – विनोद





कहानी का सारांश:

फिल्म मेट्रो… इन डिनो कई किरदारों की भावनात्मक और जीवन से जुड़ी कहानियों को एक-दूसरे से जोड़ते हुए पेश करती है। हर किरदार एक अलग चुनौती और संबंध की उलझन से जूझ रहा है। कोई अकेलेपन से परेशान है, कोई प्यार में उलझा हुआ है और कोई अपने करियर और रिश्तों के बीच तालमेल नहीं बैठा पा रहा।

अर्जुन और तारा एक युवा जोड़ा हैं जो कमिटमेंट से डरते हैं। सत्यजीत और कुसुम उम्र के इस पड़ाव में फिर से अपनापन खोजते हैं। शहाना और विनोद, जो अतीत की चुभती यादों से जूझ रहे हैं, एक-दूसरे में उम्मीद तलाशते हैं। वहीं मिशा और आयुष नए दौर की उलझनों का प्रतिनिधित्व करते हैं – सपनों और सच्चाई के बीच फंसे हुए।

इन सभी किरदारों की ज़िंदगियाँ कहीं न कहीं एक-दूसरे से टकराती हैं – कभी सामने से, कभी बस एहसासों में।




फिल्म की खासियतें:

अभिनय: पंकज त्रिपाठी और कोंकणा सेन शर्मा अपनी अदाकारी से जान डाल देते हैं। अनुपम खेर और नीना गुप्ता भी उम्रदराज़ किरदारों में गहराई लाते हैं। आदित्य रॉय कपूर और सारा अली खान की जोड़ी फ्रेश है, लेकिन केमिस्ट्री कुछ खास नहीं जमती।

निर्देशन और लेखन: अनुराग बसु ने फिर से शहरी जीवन की जटिलताओं को सहजता से परदे पर उतारा है। हालांकि इस बार कहानी उतनी गहराई तक नहीं उतरती, फिर भी कुछ पल काफी असरदार हैं।

संगीत: प्रीतम का संगीत फिल्म की आत्मा है। अरिजीत सिंह द्वारा गाया गया टाइटल ट्रैक Metro… In Dino बहुत खूबसूरत बन पड़ा है। बैकग्राउंड स्कोर भी काफी प्रभावशाली है।





कमज़ोरियां:

कहानी की गति: फिल्म की लंबाई थोड़ी खलती है। कुछ हिस्से खिंचे हुए लगते हैं और इंटरकनेक्टेड स्टोरीज़ के बीच एकरूपता की कमी दिखती है।

भावनात्मक गहराई की कमी: पहली मेट्रो फिल्म की तुलना में यह फिल्म उस स्तर की इमोशनल पकड़ नहीं बना पाती। कुछ पात्र अधूरे से महसूस होते हैं, खासकर युवा जोड़ियों के ट्रैक।





निष्कर्ष:

मेट्रो… इन डिनो एक संवेदनशील, सच्चे जज्बातों से भरी फिल्म है जो शहरी जीवन की उलझनों को छूने की कोशिश करती है। हालांकि यह अपनी पिछली कड़ी जैसी गहराई नहीं ला पाती, फिर भी कुछ सीन दिल को छूते हैं और अनुभवी कलाकारों का अभिनय फिल्म को एक स्तर ऊपर ले जाता है।

अंतिम रेटिंग: ⭐⭐⭐ (3/5) – एक बार देखी जा सकती है, खासकर अगर आपको संवेदनशील, किरदार-आधारित फिल्में पसंद हैं।

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‘द ट्रेटर्स इंडिया’ सीज़न 1 का धमाकेदार समापन: उर्फी जावेद और निकिता लूथर बनीं विजेता रानियां!

‘द ट्रेटर्स इंडिया’ सीज़न 1 का धमाकेदार समापन: उर्फी जावेद और निकिता लूथर बनीं विजेता रानियां!


भारत के सबसे रोमांचक रियलिटी वेब सीरीज़ में से एक ‘द ट्रेटर्स इंडिया’ के पहले सीज़न का शानदार समापन हो चुका है, और फिनाले ने दर्शकों को पूरी तरह चौंका दिया। धोखे, रणनीति और अनगिनत ट्विस्ट से भरे इस सीज़न ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।

करण जौहर की मेज़बानी ने जोड़ा ग्लैमर और ड्रामा

शो की मेज़बानी कर रहे करण जौहर ने अपनी करिश्माई शैली और बेहतरीन संवादों से शो को और भी रोमांचक बना दिया। उनके चुटीले कमेंट्स और सूझ-बूझ से भरे सवालों ने न केवल प्रतियोगियों को असहज किया, बल्कि दर्शकों को भी सोचने पर मजबूर कर दिया कि असली ‘ट्रेटर’ कौन हो सकता है।

धोखा, साज़िश और लगातार बदलते समीकरण

इस शो का कांसेप्ट दर्शकों के लिए बिल्कुल नया और रोमांचक रहा। ‘फेथफुल’ (ईमानदार) प्रतियोगियों के बीच छुपे हुए कुछ ‘ट्रेटर्स’ (धोखेबाज़) अपने असली चेहरे छुपाकर दूसरों को एक-एक करके बाहर करते गए। हर एपिसोड में नए मोड़ और चौंकाने वाले खुलासों ने दर्शकों को अंत तक स्क्रीन से जोड़े रखा।

दो विजेता रानियां: उर्फी जावेद और निकिता लूथर

कई हफ्तों की कठिन मानसिक चुनौतियों और रणनीतिक चालों के बाद, दो मजबूत महिलाओं — उर्फी जावेद और निकिता लूथर — ने सीज़न की विजेता बनकर सबको हैरान कर दिया।

उर्फी, जो आमतौर पर अपने अनोखे फैशन सेंस और बेबाक अंदाज़ के लिए जानी जाती हैं, शो में अपनी सूझ-बूझ और सामाजिक समझ का भी लोहा मनवाने में कामयाब रहीं। वहीं निकिता, जो एक पेशेवर पोकर खिलाड़ी हैं, उन्होंने ठंडे दिमाग और रणनीतिक सोच के साथ हर चुनौती को बखूबी पार किया।

इन दोनों ने एक मज़बूत टीम बनाते हुए न केवल ‘ट्रेटर्स’ को मात दी, बल्कि जीत का ताज भी अपने नाम किया।

ट्रेटर की हार: हर्ष गुज्जराल हुए बाहर

शो का सबसे चौंकाने वाला पल वह था जब ‘ट्रेटर’ हर्ष गुज्जराल को आखिरकार बाकी प्रतियोगियों ने पहचान लिया और वोटिंग के जरिए बाहर कर दिया। हर्ष ने लंबे समय तक खुद को छुपाकर चालाकी से खेला, लेकिन अंत में उनका खेल पकड़ा गया।

भारत में ‘द ट्रेटर्स’ का भविष्य उज्ज्वल

शानदार मेज़बानी, अनोखा फॉर्मेट और दमदार प्रतिभागियों के साथ द ट्रेटर्स इंडिया ने भारत में रियलिटी शोज़ की दुनिया में एक नई लकीर खींच दी है। इस पहले सीज़न की सफलता को देखते हुए दर्शक पहले ही इसके दूसरे सीज़न की उम्मीद लगाने लगे हैं।

एक बात तय है — द ट्रेटर्स इंडिया की यह पहली यात्रा रोमांच से भरी रही, और अब सभी बेसब्री से अगली चाल और नए ‘ट्रेटर्स’ का इंतज़ार कर रहे हैं।

अरिजीत सिंह बने स्पॉटिफाई के सबसे लोकप्रिय कलाकार, टॉप फॉलोअर्स की सूची में पहुंचे नंबर 1

अरिजीत सिंह बने स्पॉटिफाई के सबसे लोकप्रिय कलाकार, टॉप फॉलोअर्स की सूची में पहुंचे नंबर 1


भारत के मशहूर गायक अरिजीत सिंह ने एक बार फिर से इतिहास रच दिया है। स्पॉटिफाई के हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, अरिजीत अब दुनिया के सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले कलाकार बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने टेलर स्विफ्ट, एड शीरन, बिली आयलिश, द वीकेंड, और बीटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है।

गौर करने वाली बात यह है कि यह पहला मौका नहीं है जब अरिजीत सिंह ने यह मुकाम हासिल किया हो। साल 2025 तीसरी बार है जब वह स्पॉटिफाई की ग्लोबल फॉलोअर्स लिस्ट में नंबर एक पर पहुंचे हैं, जो उनके लगातार बढ़ते वैश्विक प्रभाव को दर्शाता है।

पश्चिम बंगाल में जन्मे अरिजीत ने अपने करियर की शुरुआत रियलिटी शो से की थी और उसके बाद तुम ही हो, चन्ना मेरेया, राब्ता और केसरिया जैसे गीतों के जरिए उन्होंने करोड़ों दिलों में जगह बनाई। उनकी आवाज की गहराई और भावनात्मक अभिव्यक्ति उन्हें आज के सबसे प्रभावशाली गायकों में से एक बनाती है।

स्पॉटिफाई की यह रैंकिंग केवल स्ट्रीमिंग पर आधारित नहीं होती, बल्कि इसमें कलाकार को मिलने वाले कुल फॉलोअर्स की संख्या को ध्यान में रखा जाता है। इसका मतलब यह है कि यह सूची केवल तात्कालिक लोकप्रियता नहीं, बल्कि लंबे समय तक चले प्रशंसक वर्ग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

इस उपलब्धि के साथ अरिजीत सिंह न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारतीय संगीत की पहचान को मजबूत कर रहे हैं। मौजूदा समय में जब भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिल रही है, अरिजीत की यह सफलता इस बदलाव का प्रतीक बन गई है।

सोशल मीडिया पर फैंस और म्यूजिक इंडस्ट्री के लोग उन्हें बधाइयां दे रहे हैं। लोग उनकी सादगी और सुरों की मधुरता को उनकी लोकप्रियता का राज बता रहे हैं।

यह ऐतिहासिक पल न केवल अरिजीत सिंह के लिए गर्व की बात है, बल्कि भारतीय संगीत जगत के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अच्छी संगीत और सच्ची भावनाएं किसी भाषा या सीमा की मोहताज नहीं होतीं।

रवि दुबे: छोटे पर्दे से ओटीटी तक सफलता की कहानी

रवि दुबे: छोटे पर्दे से ओटीटी तक सफलता की कहानी


रवि दुबे, भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री का एक ऐसा नाम हैं, जिन्होंने अपने दम पर अलग पहचान बनाई है। एक शानदार अभिनेता होने के साथ-साथ वह होस्ट और निर्माता भी हैं। उनके करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से हुई, लेकिन आज वह ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी अपनी छाप छोड़ चुके हैं।

शुरुआत और करियर का सफर

रवि दुबे का जन्म 23 दिसंबर 1983 को गोरखपुर, उत्तर प्रदेश में हुआ था, लेकिन उनका पालन-पोषण दिल्ली में हुआ। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई मुंबई में की, लेकिन अभिनय के प्रति रुचि ने उन्हें मनोरंजन जगत की ओर खींच लिया।

मॉडलिंग के जरिये करियर की शुरुआत करने के बाद, उन्होंने 2006 में टीवी शो ‘स्त्री… तेरी कहानी’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा। इसके बाद ‘यहाँ के हम सिकंदर’, ‘साथ फेरे’ और ’12/24 करोल बाग’ जैसे धारावाहिकों में काम किया। लेकिन उन्हें असली पहचान मिली ‘सास बिना ससुराल’ और फिर ‘जमाई राजा’ से, जिसने उन्हें टेलीविजन का स्टार बना दिया।

रियलिटी शो और होस्टिंग

रवि ने रियलिटी शोज़ में भी अपनी बहुमुखी प्रतिभा दिखाई है। वह ‘नच बलिए 5’ में अपनी पत्नी सर्गुन मेहता के साथ नजर आए और ‘खतरों के खिलाड़ी 8’ में भी हिस्सा लिया। इसके अलावा उन्होंने ‘राइजिंग स्टार’, ‘इंडियाज़ डांसिंग सुपरस्टार’ और ‘सबसे स्मार्ट कौन’ जैसे शोज़ को होस्ट कर अपनी शानदार प्रस्तुति क्षमता साबित की।

डिजिटल प्लेटफॉर्म और निर्माण कार्य

ओटीटी की दुनिया में भी रवि दुबे ने अपना नाम बनाया है। उनकी वेब सीरीज़ ‘मत्स्य कांड’ को दर्शकों और समीक्षकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली। इस शो में उनका अभिनय बेहद प्रभावशाली रहा।

उन्होंने अपनी पत्नी सर्गुन मेहता के साथ मिलकर ड्रीमियाटा एंटरटेनमेंट नामक प्रोडक्शन हाउस शुरू किया है। इस बैनर के तहत कई टीवी शो, वेब प्रोजेक्ट और म्यूजिक वीडियो बनाए जा चुके हैं।

निजी जीवन

रवि दुबे और सर्गुन मेहता की जोड़ी टेलीविजन इंडस्ट्री की सबसे पसंदीदा जोड़ियों में से एक है। दोनों की मुलाकात एक टीवी शो के सेट पर हुई थी, और 2013 में उन्होंने शादी कर ली। उनकी बॉन्डिंग और केमिस्ट्री फैंस के बीच काफी लोकप्रिय है।

निष्कर्ष

रवि दुबे ने अपनी मेहनत, दृढ़ संकल्प और प्रतिभा से टीवी और डिजिटल मीडिया में एक खास मुकाम हासिल किया है। उन्होंने यह साबित कर दिया है कि अगर लगन सच्ची हो तो कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। आज वह एक प्रेरणास्त्रोत के रूप में उभरकर सामने आए हैं, जो लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं।

वॉर 2: ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की जबरदस्त जासूसी फिल्म 2025 में मचाएगी धमाल!

War2 movie 2025


यशराज फिल्म्स की स्पाई यूनिवर्स अब और भी बड़ी होने जा रही है। इसके अगले बड़े प्रोजेक्ट वॉर 2 को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। यह फिल्म 2019 में आई ब्लॉकबस्टर वॉर का सीक्वल है, जिसमें ऋतिक रोशन और टाइगर श्रॉफ नजर आए थे। लेकिन इस बार कहानी और भी दमदार होने वाली है, क्योंकि इसमें एक नया चेहरा शामिल हो रहा है – साउथ के सुपरस्टार जूनियर एनटीआर।

कहानी और YRF स्पाई यूनिवर्स से जुड़ाव

वॉर 2 की कहानी एजेंट कबीर (ऋतिक रोशन) के इर्द-गिर्द घूमेगी, जो पहली फिल्म में एक रॉ एजेंट था और अब यशराज स्पाई यूनिवर्स का अहम हिस्सा बन चुका है। यह फिल्म पठान और टाइगर 3 के बाद की घटनाओं से जुड़ी होगी और पूरी यूनिवर्स को आगे ले जाएगी।

जूनियर एनटीआर का किरदार एक ग्रे शेड वाला एजेंट हो सकता है, जिसकी विचारधारा कबीर से अलग होगी। इससे दोनों के बीच जबरदस्त टकराव देखने को मिलेगा, जो फिल्म का मुख्य आकर्षण होगा।

कलाकार और निर्देशन

इस फिल्म का निर्देशन कर रहे हैं अयान मुखर्जी, जिन्होंने ब्रह्मास्त्र और ये जवानी है दीवानी जैसी सफल फिल्मों का निर्देशन किया है। उनकी फिल्में तकनीकी रूप से मजबूत और इमोशनल गहराई से भरपूर होती हैं।

ऋतिक रोशन अपनी दमदार भूमिका में वापसी कर रहे हैं, वहीं जूनियर एनटीआर बॉलीवुड में इस फिल्म के ज़रिए धमाकेदार एंट्री करने जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस फिल्म में पठान (शाहरुख खान) और टाइगर (सलमान खान) के किरदारों की झलक भी मिल सकती है।

एक्शन और स्केल

फिल्म को इंटरनेशनल लेवल पर शूट किया जा रहा है, जिसमें दमदार एक्शन सीक्वेंस, शानदार लोकेशन और हाई-क्वालिटी वीएफएक्स शामिल होंगे। इस बार के स्टंट पहले से अधिक रियल और कहानी से जुड़े हुए होंगे।

दर्शकों की उम्मीदें

वॉर 2 को लेकर दर्शकों में जबरदस्त क्रेज है। पहली बार ऋतिक और जूनियर एनटीआर एक साथ स्क्रीन शेयर करेंगे, जो बॉलीवुड और टॉलीवुड दोनों के फैंस के लिए किसी ट्रीट से कम नहीं है।

फिल्म 2025 के अंत तक रिलीज़ हो सकती है और फैंस इसकी पहली झलक या टीज़र का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।




वॉर 2 सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि एक मेगा इवेंट बनने जा रही है जो भारतीय सिनेमा के एक्शन और स्पाई जॉनर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।