बिग बॉस 19 में एंट्री से पहले अशनूर कौर ने किया बड़ा खुलासा, हिना खान ने दी ऐसी खास सलाह!

बिग बॉस 19 में एंट्री से पहले अशनूर कौर ने किया बड़ा खुलासा, हिना खान ने दी ऐसी खास सलाह!

परिचय


टीवी एक्ट्रेस अशनूर कौर बिग बॉस 19 में बनीं सबसे कम उम्र की कंटेस्टेंट। सलमान खान के मशहूर रियलिटी शो बिग बॉस 19 की शुरुआत होते ही सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा शुरू हो गई है।

इस बार के सीज़न की सबसे बड़ी सरप्राइज़ एंट्री हैं टीवी की लोकप्रिय अभिनेत्री अशनूर कौर। बचपन से ही छोटे पर्दे पर अपनी छाप छोड़ने वाली अशनूर अब इस विवादित रियलिटी शो में नज़र आ रही हैं।

झांसी की रानी, साथ निभाना साथिया, ये रिश्ता क्या कहलाता है, पाटियाला बेब्स और सुमन इंदौरी जैसे शोज़ में अहम किरदार निभाकर पहचान बनाने वाली अशनूर अब एक नए सफर पर निकली हैं।

दिलचस्प बात यह है कि वह इस सीज़न की सबसे यंगेस्ट कंटेस्टेंट हैं। शो में एंट्री लेने से पहले उन्होंने खुलासा किया कि उनकी एक्स-को-स्टार और एक्स-बिग बॉस कंटेस्टेंट हिना खान ने उन्हें खास सलाह दी।

अशनूर कौर: टीवी से रियलिटी शो तक का सफर


अशनूर कौर ने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपना करियर शुरू किया और धीरे-धीरे वह हर घर में जानी-पहचानी शख्सियत बन गईं। उनके यादगार रोल्स में शामिल हैं:

झांसी की रानी – जहां उन्होंने अपने अभिनय से सबका दिल जीत लिया।

साथ निभाना साथिया – फैमिली ड्रामा में अपनी मौजूदगी से दर्शकों का ध्यान खींचा।

ये रिश्ता क्या कहलाता है – लंबे समय से चल रहे इस शो ने उन्हें खास पहचान दिलाई।

पाटियाला बेब्स – इस किरदार से उन्होंने अपनी परिपक्व अदाकारी का सबूत दिया।

सुमन इंदौरी – जहां उन्होंने अपने अभिनय कौशल को और मज़बूत किया।


टीवी पर लंबा सफर तय करने के बाद अब उनका बिग बॉस 19 में आना फैन्स के लिए एक बड़ा सरप्राइज़ है।

बिग बॉस 19 का मुश्किल सफर


बिग बॉस सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, बल्कि धैर्य, समझदारी और असली शख्सियत की परख का भी मंच है। घरवालों को परिवार से दूर 24 घंटे कैमरों के बीच रहना पड़ता है, जहां दोस्ती भी होती है और झगड़े भी।

अशनूर कौर मानती हैं कि यह सफर आसान नहीं होगा। उन्होंने कहा – “बिग बॉस इमोशनली और मेंटली स्ट्रॉन्ग लोगों के लिए है। लेकिन मैं चाहती हूं कि लोग मुझे मेरे असली रूप में जानें, न कि सिर्फ उन किरदारों से जो मैंने अब तक निभाए हैं।”

हिना खान से मिली सीख


बिग बॉस 19 में कदम रखने से पहले अशनूर ने अपनी मेंटर और पॉपुलर एक्ट्रेस हिना खान से सलाह ली। हिना खान बिग बॉस 11 की सबसे मज़बूत कंटेस्टेंट्स में से एक रही हैं और अशनूर के साथ उन्होंने टीवी पर भी काम किया है।

अशनूर ने बताया – “हिना दी हमेशा मेरे लिए गाइड की तरह रही हैं। उन्होंने मुझे कहा कि बिग बॉस में कोई रोल नहीं निभाना, बस खुद को असली रूप में दिखाना। उन्होंने सिखाया कि अपनी पहचान मत खोना और ईमानदार बने रहना। उनके शब्दों से मुझे आत्मविश्वास मिला है।”

हिना की ये गाइडेंस फैन्स के बीच और भी उत्सुकता बढ़ा रही है कि क्या अशनूर भी उनकी तरह एक स्ट्रॉन्ग कंटेस्टेंट बनेंगी।

सलमान खान का रिएक्शन


शो के होस्ट सलमान खान ने भी अशनूर का गर्मजोशी से स्वागत किया। सलमान का कहना है कि यंग और ईमानदार कंटेस्टेंट्स अक्सर दर्शकों से जल्दी जुड़ जाते हैं। उन्होंने अशनूर को सलाह दी कि वह अपनी नैचुरल पर्सनैलिटी के साथ खेलें और किसी की नकल न करें।

सलमान और हिना दोनों की गाइडेंस के साथ, अशनूर बिग बॉस हाउस में अपनी अलग पहचान बनाने को पूरी तरह तैयार दिख रही हैं।

फैन्स का उत्साह और सोशल मीडिया ट्रेंड्स


शो शुरू होने से पहले ही अशनूर कौर का नाम सोशल मीडिया पर छा गया। ट्विटर और इंस्टाग्राम पर फैन्स ने उन्हें “क्यूटेस्ट कंटेस्टेंट” बताया और उनके लिए कई हैशटैग्स ट्रेंड करने लगे जैसे – #AshnoorInBB19, #AshnoorKaurBiggBoss।

फैन्स का मानना है कि अशनूर घर की “डार्क हॉर्स” साबित हो सकती हैं, यानी शुरुआत में शांत रहते हुए भी धीरे-धीरे गेम की सबसे मज़बूत खिलाड़ी बन सकती हैं।

अशनूर से क्या हैं उम्मीदें?


उनकी अब तक की शख्सियत और काम को देखते हुए फैन्स कुछ खास उम्मीदें कर रहे हैं:

बैलेंस्ड प्लेयर – अशनूर की परिपक्व सोच उन्हें झगड़ों से निपटने में मदद करेगी।

इमोशनल कनेक्ट – उनकी मासूमियत और सिंपल इमेज दर्शकों को जोड़कर रख सकती है।

ग्रोथ जर्नी – शो में रहते हुए वह अपनी पर्सनैलिटी को एक नए रूप में पेश कर सकती हैं।

स्ट्रॉन्ग पर जेनुइन गेमप्ले – हिना खान की सलाह के बाद वह स्ट्रैटेजिक भी रहेंगी और ईमानदार भी।

निष्कर्ष


अशनूर कौर का बिग बॉस 19 में आना इस सीज़न का सबसे बड़ा आकर्षण है। एक चाइल्ड आर्टिस्ट से लेकर टीवी की मशहूर एक्ट्रेस बनने और अब इंडिया के सबसे चर्चित रियलिटी शो में हिस्सा लेने तक का उनका सफर बेहद प्रेरणादायक है।

सलमान खान की मोटिवेशन और हिना खान की गाइडेंस के साथ, अशनूर शो में न सिर्फ अपनी पहचान मजबूत करेंगी बल्कि दर्शकों को एक नया चेहरा भी दिखाएंगी। जीतें या हारें, इतना तय है कि उनकी मौजूदगी बिग बॉस 19 को और ज्यादा दिलचस्प बनाएगी।


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विवेक अग्निहोत्री ने कोलकाता में ‘द बंगाल फ़ाइल्स’ का ट्रेलर किया लॉन्च, विवाद और हंगामे के बीच थमी इवेंट की रौनक!

विवेक अग्निहोत्री ने कोलकाता में ‘द बंगाल फ़ाइल्स’ का ट्रेलर किया लॉन्च, विवाद और हंगामे के बीच थमी इवेंट की रौनक!


16 अगस्त को कोलकाता में विवेक अग्निहोत्री ने द बंगाल फ़ाइल्स का ट्रेलर लॉन्च किया, लेकिन इवेंट हंगामे और विवादों में घिर गया।

कोलकाता उस समय सुर्खियों में आ गया जब फ़िल्मकार विवेक रंजन अग्निहोत्री ने अपनी बहुप्रतीक्षित फ़िल्म “द बंगाल फ़ाइल्स” का ट्रेलर लॉन्च किया। हालांकि यह आयोजन उम्मीद के मुताबिक़ शांतिपूर्ण नहीं रहा, बल्कि हंगामे, अचानक रुकावटों और सेंसरशिप के आरोपों के बीच इस कार्यक्रम ने पूरे देश में चर्चा का विषय बना दिया।

कोलकाता में ट्रेलर लॉन्च का नाटकीय माहौल


“द कश्मीर फ़ाइल्स” जैसी चर्चित फिल्म बनाने वाले विवेक अग्निहोत्री अपने नए प्रोजेक्ट को लेकर कोलकाता पहुँचे थे। फिल्म का ट्रेलर पहली बार सार्वजनिक होना था, और दर्शक इस ऐतिहासिक विषय पर आधारित कृति की झलक देखने के लिए उत्साहित थे।

मगर बीच कार्यक्रम में अचानक बाधा आ गई। बताया गया कि ट्रेलर की स्क्रीनिंग बिना किसी स्पष्ट कारण के रोक दी गई। दर्शकों में असमंजस की स्थिति बन गई और आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी देखी गई। इसके बाद निर्देशक ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक स्तर पर ट्रेलर जारी करने में बाधा डाली गई।

विवेक अग्निहोत्री के सेंसरशिप वाले आरोप


विवेक अग्निहोत्री ने इस मामले पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि कुछ “शक्तिशाली ताकतें” “द बंगाल फ़ाइल्स” को जनता तक पहुँचने से रोकना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास के संवेदनशील पहलुओं को उजागर करने की कोशिशें अक्सर सत्ता और संस्थागत प्रतिरोध का सामना करती हैं।

उनके इन बयानों ने देशभर में बहस छेड़ दी—एक ओर लोग कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आलोचक इसे महज़ प्रचार रणनीति बता रहे हैं।

*द बंगाल फ़ाइल्स* क्यों चर्चा में है?


यह फिल्म विवेक अग्निहोत्री की “फ़ाइल्स ट्रिलॉजी” का तीसरा हिस्सा है। इससे पहले “द ताशकंद फ़ाइल्स” (2019) और “द कश्मीर फ़ाइल्स” (2022) ने दर्शकों के बीच ज़बरदस्त चर्चा और विवाद दोनों बटोरे।

“द बंगाल फ़ाइल्स” बंगाल के इतिहास के उन दौरों को दिखाने की कोशिश करेगी जिनमें सामाजिक संघर्ष, हिंसा, पलायन और आम जनता की पीड़ा को केंद्र में रखा गया है। निर्देशक का कहना है कि उनकी मंशा केवल मनोरंजन करना नहीं, बल्कि “ऐसे सवाल खड़े करना है जिन्हें समाज लंबे समय से टालता आया है”।

इवेंट में अफरा-तफरी और उससे उठे सवाल


कोलकाता में आयोजित यह समारोह अचानक रुकावटों और अराजक माहौल के कारण चर्चा का विषय बन गया। चश्मदीदों का कहना है कि ट्रेलर की प्रस्तुति के दौरान कई हिस्से रोके गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया। इसने यह सवाल खड़ा कर दिया कि यह सब केवल तकनीकी गड़बड़ी थी या व्यवस्थित ढंग से रोका गया कदम।

यह घटना एक बार फिर “कला की स्वतंत्रता बनाम राजनीतिक संवेदनशीलता” पर बहस को हवा देती है।

विवादों से घिरे निर्देशक की छवि


विवेक अग्निहोत्री विवादों से जुदा नाम नहीं हैं। “द कश्मीर फ़ाइल्स” और “द ताशकंद फ़ाइल्स” जैसी फ़िल्में उनकी निर्भीक कहानी कहने की मिसाल रही हैं, जिन्हें लेकर समाज में मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं।

अब *द बंगाल फ़ाइल्स* को मिल रही प्रतिरोध की खबरें फिल्म के प्रति दर्शकों की जिज्ञासा और बढ़ा रही हैं। इतिहास गवाह है कि विवाद अक्सर किसी फिल्म को ज्यादा लोकप्रिय बना देते हैं।

इतिहास और राजनीति से जुड़ी फिल्मों की चुनौती


भारतीय सिनेमा में जब भी इतिहास पर आधारित संवेदनशील किस्से पर्दे पर उतारे जाते हैं, वे राजनीतिक और सामाजिक बहस को जन्म देते हैं। निर्देशक का यह आरोप कि “प्रशासन ने ट्रेलर पर रोक लगाने की कोशिश की,” इसी बड़े संदर्भ से जुड़ता है।

जहाँ आलोचक मानते हैं कि फिल्मकारों को सनसनी फैलाने से बचना चाहिए, वहीं समर्थक कहते हैं कि कला को बिना डर और दबाव के अपने विचार व्यक्त करने का अधिकार होना चाहिए।

जनता और सोशल मीडिया की प्रतिक्रिया


घटना के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर #TheBengalFiles ट्रेंड करने लगा। एक गुट ने निर्देशक के साथ खड़े होकर कहा कि रचनात्मक कार्य को रोकना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। वहीं कुछ ने इस विवाद को एक योजनाबद्ध प्रचार प्रयास करार दिया।

इन सभी बहसों से परे, इतना तय माना जा रहा है कि फिल्म को लेकर देशभर में उत्सुकता अपने चरम पर है।

आगे क्या?


कोलकाता के इस हंगामे के बावजूद द बंगाल फ़ाइल्स की रिलीज़ को लेकर उत्साह और बढ़ गया है। निर्देशक और उनकी टीम का कहना है कि वे किसी भी विरोध या रुकावट से घबराने वाले नहीं हैं।

दरअसल, यह विवाद अनचाहे ही फिल्म के लिए बड़े पैमाने पर मुफ़्त प्रचार का काम कर रहा है। अब दर्शक यह जानने को और ज्यादा उत्सुक हैं कि फिल्म आखिरकार क्या दिखाने जा रही है।

निष्कर्ष


16 अगस्त का कोलकाता ट्रेलर लॉन्च सिर्फ़ एक फ़िल्मी इवेंट नहीं था, बल्कि इसने राष्ट्रीय स्तर पर अभिव्यक्ति की आज़ादी और राजनीतिक हस्तक्षेप पर गहरी बहस छेड़ दी। विवेक अग्निहोत्री के आरोप और अचानक रुके इवेंट ने सभी का ध्यान खींचा है।

चाहे लोग द बंगाल फ़ाइल्स को ऐतिहासिक सच्चाई का साहसी चित्रण माने या राजनीतिक नज़रिए से प्रेरित फिल्म कहें—इसमें कोई शक नहीं कि यह फ़िल्म अपनी रिलीज़ से पहले ही सुर्खियों में आ चुकी है।

Coolie movie review: रजनीकांत-लोकेश की ब्लॉकबस्टर जुगलबंदी!

Coolie movie review: रजनीकांत-लोकेश की ब्लॉकबस्टर जुगलबंदी!


रजनीकांत की 171वीं फिल्म ‘Coolie’ में लोकेश कनगाराज का धमाका। जानें कहानी, एक्शन और स्टारपावर का परफेक्ट संगम इस खास रिव्यू में।

⭐ परिचय: रजनीकांत का नाम ही सिनेमा है


जब भी रजनीकांत की नई फिल्म आती है, दर्शक सिर्फ उनकी एक्टिंग देखने नहीं आते—वे एक अनुभव जीने आते हैं।
रजनी का करिश्मा ऐसा है कि उन्हें अलग से चमकाने की जरूरत नहीं, क्योंकि वे खुद वो रोशनी हैं। लेकिन हर बार दर्शकों के मन में सवाल यही होता है— क्या निर्देशक उनकी सुपरस्टार छवि को बरकरार रखते हुए, आज के समय के सिनेमा मानकों पर खरी फिल्म बना पाए हैं?

🎥 लोकेश कनगाराज – तमिल मास सिनेमा के नए दौर के मसीहा


पिछले कुछ वर्षों में ऐसे निर्देशक बहुत कम हुए हैं जिन्होंने आधुनिक फिल्ममेकिंग और रजनीकांत जैसी ‘लीजेंडरी पर्सनालिटी’ को सफलतापूर्वक जोड़ा हो।
लोकेश कनगाराज (Vikram, Leo फेम) आज तमिल मास सिनेमा का सबसे चर्चित नाम हैं। उनकी पहचान है—तेज रफ्तार कहानी, दमदार एक्शन और दर्शकों को जोड़ने वाला भावनात्मक कनेक्शन।

🎬 “Coolie” – रजनीकांत की 171वीं फिल्म का धमाका


– रिलीज़ वर्ष: 2025
– निर्देशक: लोकेश कनगाराज
– संगीत: अनिरुद्ध रविचंदर
– स्टार कास्ट: रजनीकांत और कई दमदार सह-कलाकार

फिल्म की कहानी एक पूर्व Coolie यूनियन लीडर की है, जो डॉकयार्ड में मज़दूरों का शोषण करने वाले माफिया सिंडिकेट के खिलाफ लड़ाई छेड़ देता है।
यह सिर्फ एक्शन से भरपूर नहीं बल्कि भावनाओं, संघर्ष और मास अपील का भी बेहतरीन संगम है।

💡 टेक्नोलॉजी और स्टाइल का शानदार मेल


– IMAX सर्टिफाइड कैमरों का इस्तेमाल
– फ्लैशबैक सीन में डिजिटल डी-एजिंग
– ऑल-स्टार कास्ट और हाई-ऑक्टेन स्टंट सीक्वेंस

लोकेश ने अनावश्यक हिंसा कम कर, स्क्रिप्ट को रजनीकांत की ताकतों के मुताबिक गढ़ा—जैसे दमदार डायलॉग, स्टाइलिश एंट्री और दिल छू लेने वाले भावुक पल।

🌟 रजनीकांत – सिर्फ अभिनेता नहीं, एक सांस्कृतिक विरासत


रजनीकांत का करियर संघर्ष और सफलता की जीवंत मिसाल है—एक बस कंडक्टर से ग्लोबल सुपरस्टार बनने तक का सफर।
उन्होंने हीरोइज़्म को एक नया चेहरा दिया—जहां स्टाइल, मास अपील और इंसानियत तीनों एक साथ मिलते हैं।
‘Coolie’ में उनका किरदार एक साथ करिश्माई लीडर और भावनात्मक नायक दोनों रूप में दर्शकों के दिल जीतता है।

🎵 संगीत और वातावरण


अनिरुद्ध रविचंदर का संगीत फिल्म को और बिजलीदार बनाता है। बैकग्राउंड स्कोर से लेकर गानों तक—हर जगह एक्शन और इमोशन का मिश्रण है, जो रजनी के दृश्यों को नया जादू देता है।

🔥 क्यों खास है ‘Coolie’?


– पुराने जमाने की रजनीकांत वाली मास एनर्जी
– आज के सिनेमा के हाई-टेक विजुअल्स और एडिटिंग
– दमदार डायरेक्शन और कहानी में ट्विस्ट
– फैन्स और नए दर्शक—दोनों पीढ़ियों को जोड़े रखने की क्षमता

🏆 निष्कर्ष: एक सिनेमाई उत्सव


‘Coolie’ एक फिल्म से बढ़कर सिनेमा का त्योहार है—जहां तमिल सिनेमा की मशाल रजनीकांत और नए युग के फिल्मकार लोकेश कनगाराज मिलकर इतिहास रच सकते हैं।
यह फिल्म हर उस दर्शक के लिए है जो एक्शन, इमोशन, और करिश्मे का परफेक्ट मिश्रण देखना चाहता है।

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मशहूर मिमिक्री कलाकार और अभिनेता Kalabhavan Navas होटल में मृत पाए गए, फिल्मी दुनिया में शोक की लहर!

मशहूर मिमिक्री कलाकार और अभिनेता Kalabhavan Navas होटल में मृत पाए गए, फिल्मी दुनिया में शोक की लहर!


मलयालम सिनेमा के जाने-माने मिमिक्री कलाकार और अभिनेता Kalabhavan Navas शुक्रवार को कोच्चि के एक होटल में मृत पाए गए। 51 वर्षीय नवास के असामयिक निधन से मनोरंजन जगत सदमे में है।


मलयालम फिल्म इंडस्ट्री को शुक्रवार को एक बड़ा झटका लगा जब मशहूर अभिनेता और मिमिक्री आर्टिस्ट Kalabhavan Navas का शव कोच्चि के चोत्तानिक्करा स्थित एक होटल में पाया गया। वे उस होटल में एक फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में ठहरे हुए थे। उनकी उम्र 51 वर्ष थी।

यह दुखद घटना तब सामने आई जब होटल स्टाफ ने देखा कि नवास लंबे समय से अपने कमरे से बाहर नहीं आए थे और ना ही किसी कॉल का जवाब दे रहे थे। कर्मचारियों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया। पुलिस मौके पर पहुंची और कमरे का दरवाजा खोलने के बाद पाया कि नवास अचेत अवस्था में थे। उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

प्रारंभिक जांच और संभावित कारण



पुलिस ने प्रारंभिक जांच में बताया कि घटना में किसी तरह की साजिश या बाहरी हस्तक्षेप के संकेत नहीं मिले हैं। हालांकि, मौत का सही कारण जानने के लिए शव को पोस्टमार्टम के लिए एर्नाकुलम मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी अनुमान लगाया गया है कि उन्हें हृदयाघात (कार्डियक अरेस्ट) हो सकता है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

कौन थे Kalabhavan Navas?



कलाभवन नवास मलयालम सिनेमा और मंचीय मिमिक्री जगत का एक प्रतिष्ठित नाम थे। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रसिद्ध मिमिक्री ग्रुप कलाभवन से की थी, जहां से कई बड़े कलाकारों ने अपनी पहचान बनाई, जिनमें दिवंगत अभिनेता कलाभवन मणि भी शामिल हैं।

नवास की खासियत थी उनकी आवाज़ की विविधता और सटीक नकल, जिनकी बदौलत उन्होंने हजारों दर्शकों को हँसाया और सोचने पर मजबूर किया। उन्होंने अपने करियर में 50 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और कई टेलीविज़न कॉमेडी शोज़ में हिस्सा लिया।

कुछ यादगार फिल्में:

सीआईडी उनिकृष्णन बी.ए. बी.एड.

मीशा माधवन

पुलीवाल कल्याणम

थिलक्कम

चथिक्कथा चन्तु


हालाँकि वे मुख्य भूमिकाओं में कम नजर आए, लेकिन सह-कलाकार के रूप में उनका योगदान हमेशा सराहनीय रहा।

मनोरंजन जगत में शोक की लहर



Kalabhavan Navas के निधन की खबर से पूरी फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई है। सोशल मीडिया पर अभिनेता हरिश्री अशोकन, सलीम कुमार, और दिलिप जैसे दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और उन्हें एक सरल, विनम्र और प्रतिभाशाली कलाकार बताया।

AMMA (Association of Malayalam Movie Artists) ने भी एक आधिकारिक बयान जारी कर नवास के योगदान को याद किया और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

निजी जीवन और अंतिम संस्कार



नवास अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गए हैं। अंतिम संस्कार उनके गृहनगर त्रिशूर में किया जाएगा। उनके प्रशंसक, मित्र और सहकर्मी अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।

अंतिम शब्द



Kalabhavan Navas भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा दिए गए हँसी के पल और अनगिनत किरदार मलयालम सिनेमा और मंचीय कला में सदैव जीवित रहेंगे। उनकी यह असमय विदाई हमें यह याद दिलाती है कि कलाकारों की अहमियत सिर्फ उनकी भूमिका में नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व और प्रभाव में भी होती है।

विक्रांत मैसी ने शाहरुख को दी टक्कर! 71वें National awards 2025 में जीत का मुकाबला हुआ जबरदस्त!

विक्रांत मैसी ने शाहरुख को दी टक्कर! 71वें National awards 2025 में जीत का मुकाबला हुआ जबरदस्त!

71वें National awards 2025 की घोषणा हो चुकी है। जानिए किसे मिला सर्वश्रेष्ठ अभिनेता, अभिनेत्री और सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का सम्मान।


भारतीय सिनेमा के इतिहास में 1 अगस्त 2025 एक यादगार दिन बन गया, जब 71वें National awards 2025 के विजेताओं की घोषणा नई दिल्ली के राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में एक औपचारिक प्रेस वार्ता के माध्यम से की गई।

इससे पहले, राष्ट्रीय पुरस्कार जूरी ने अपनी अंतिम रिपोर्ट सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव और राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन को सौंपी। इसके बाद जूरी सदस्यों ने विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं के नाम सार्वजनिक किए।

National awards 2025 के प्रमुख पुरस्कार 🏆 विजेता


🔹 सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (संयुक्त रूप से):
शाहरुख खान – “जवान”
विक्रांत मैसी – “12th फेल”
इन दोनों ने अपने प्रभावशाली और संवेदनशील प्रदर्शन से दर्शकों का दिल जीत लिया। शाहरुख खान को उनके 33 वर्षों के फिल्मी करियर में यह पहला राष्ट्रीय पुरस्कार मिला है, जबकि विक्रांत की भूमिका प्रेरणा और यथार्थ का सशक्त उदाहरण रही।

🔹 सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री:
रानी मुखर्जी – “मिसेज चैटर्जी वर्सेज नॉर्वे”
एक माँ की कानूनी और भावनात्मक लड़ाई को बखूबी पर्दे पर लाकर रानी ने अपनी अदाकारी का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया।

🔹 सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म:
“12th फेल”
विक्रमादित्य मोटवाने के निर्देशन में बनी यह फिल्म संघर्ष, मेहनत और शिक्षा के महत्व को संवेदनशील तरीके से दर्शाती है।

🔹 सर्वश्रेष्ठ हिंदी फिल्म:
“कटहल: अ जैकफ्रूट मिस्ट्री”
यह एक व्यंग्यात्मक सामाजिक कहानी है, जिसने दर्शकों को हास्य और संवेदना दोनों से जोड़ा।

🔹 सर्वश्रेष्ठ लोकप्रिय फिल्म (सार्थक मनोरंजन के लिए):
“रॉकी और रानी की प्रेम कहानी”
करण जौहर के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने पारिवारिक भावनाओं और आधुनिक प्रेम की सुंदर झलक पेश की।

🌟 अन्य प्रमुख विजेता


🔸 सर्वश्रेष्ठ निर्देशन:
(इस श्रेणी में विजेता की पुष्टि नहीं है, अपडेट होने पर जोड़ा जा सकता है।)

🔸 सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेत्री:
जानकी बोदीवाला – “वश” (गुजराती फिल्म)

🔸 सर्वश्रेष्ठ गुजराती फिल्म:
“वश”

🔸 सर्वश्रेष्ठ तेलुगु फीचर फिल्म:
“भगवंत केसरी”

🔸 तकनीकी श्रेणियों में सम्मानित फिल्में:
“सैम बहादुर” को 3 पुरस्कार मिले, वहीं “द केरला स्टोरी” ने 2 पुरस्कार जीते।

🎬 विविधता और क्षेत्रीय सिनेमा का जलवा


राष्ट्रीय पुरस्कारों की खास बात यह है कि ये केवल मुख्यधारा (बॉलीवुड) तक सीमित नहीं रहते, बल्कि क्षेत्रीय भाषाओं के सिनेमा को भी सम्मानित करते हैं। इस वर्ष गुजराती, तेलुगु, मलयालम और अन्य भाषाओं की फिल्मों को भी प्रमुख स्थान मिला है।

गुजराती फिल्म “वश” और तेलुगु फिल्म “भगवंत केसरी” ने उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए विशेष मान्यता प्राप्त की। इन फिल्मों ने यह साबित किया कि भारतीय सिनेमा की आत्मा क्षेत्रीय कथाओं में भी जीवित है।

📣 सरकार की सराहना और समर्थन


केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि भारतीय सिनेमा न केवल देश के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारतीय संस्कृति और मूल्यों को दर्शाने में सफल हो रहा है।

राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने जूरी के निष्पक्ष फैसलों की सराहना की और सभी कलाकारों और तकनीशियनों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए धन्यवाद दिया।

💬 निष्कर्ष


71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2025 ने यह दर्शाया कि भारतीय सिनेमा विविधता, गुणवत्ता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ निरंतर आगे बढ़ रहा है।
शाहरुख खान, विक्रांत मैसी और रानी मुखर्जी जैसे कलाकारों का सम्मान केवल उनके लिए नहीं, बल्कि प्रेरणा के नए अध्याय की शुरुआत है।

इन पुरस्कारों ने यह भी साबित किया कि अच्छे सिनेमा की कोई भाषा नहीं होती — बस एक सच्ची कहानी और उसका सशक्त प्रस्तुतिकरण होता है।

Kingdom movie review – भव्यता में डूबी एक थकी हुई कहानी!

Kingdom movie review – भव्यता में डूबी एक थकी हुई कहानी!

Kingdom movie एक भव्य लेकिन बिखरी हुई कहानी है, जो दर्शकों को दृश्य प्रभावों से चौंकाती है पर भावनात्मक रूप से जोड़ नहीं पाती। पढ़िए पूरी समीक्षा और जानिए फिल्म की खूबियां और कमियां।

डिजिटल युग में भारतीय सिनेमा तेजी से बदल रहा है। अब फिल्में केवल कहानी कहने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि एक भव्य अनुभव पर केंद्रित हो गई हैं। दर्शकों को आकर्षित करने की इस होड़ में कई बार कहानी की स्पष्टता और गहराई पीछे छूट जाती है। गौतम तिन्ननुरी द्वारा निर्देशित Kingdom इसी नए सिनेमा युग की एक मिसाल है—एक भव्य लेकिन असंतुलित प्रयास, जो अपनी ही महत्वाकांक्षा के बोझ तले दबता नजर आता है।

दृश्य सौंदर्य का भव्य प्रदर्शन


Kingdom पूरी तरह आज के फिल्म निर्माण के ट्रेंड को दर्शाती है—विशाल सेट, शानदार वीएफएक्स और बड़े पैमाने पर बनाई गई लड़ाई के दृश्य। फिल्म का हर फ्रेम यह साबित करता है कि निर्देशक और टीम ने भव्यता के स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ी है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में रची गई यह कहानी राजाओं और उनके संघर्षों को दिखाती है, लेकिन केवल बाहरी रूप से।

गौतम तिन्ननुरी, जिन्होंने Jersey जैसी भावनात्मक और दिल को छू जाने वाली कहानी दी थी, इस बार भव्यता की दुनिया में कदम रखते हैं। हालांकि तकनीकी पक्षों में फिल्म शानदार है, लेकिन इसकी असली कमजोरी इसकी कमजोर और बिखरी हुई कहानी है।

कहानी में गहराई नहीं, केवल गति


Kingdom movie की सबसे बड़ी कमजोरी इसका पटकथा लेखन है। फिल्म का कथानक भले ही बड़े कैनवास पर रचा गया हो, लेकिन यह कई हिस्सों में बिखरा हुआ और जल्दबाज़ी में बना हुआ लगता है। किरदारों के विकास के लिए जगह नहीं छोड़ी गई, जिससे दर्शक उनसे जुड़ नहीं पाते।

हर कुछ मिनटों में नया ट्विस्ट, नया सीन और एक और बड़ा खुलासा होता है—लेकिन इनमें से ज्यादातर सतही लगते हैं। फिल्म दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में असफल रहती है, और आखिर तक पहुंचते-पहुंचते अनुभव थका देने वाला हो जाता है।

Kingdom movie review : अभिनय अच्छा, पर स्क्रिप्ट कमजोर


फिल्म के मुख्य अभिनेता ने अपने किरदार में जान डालने की कोशिश की है। उनके साथ-साथ सहायक कलाकारों का प्रदर्शन भी प्रशंसनीय है। खासतौर पर महिला पात्रों को थोड़ा बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया गया है, लेकिन कहानी के कमजोर ढांचे के कारण उनके प्रयास भी पूरी तरह उभर नहीं पाते।

कई बार ऐसा लगता है कि जैसे ही कोई किरदार दर्शकों का ध्यान खींचने लगता है, कहानी तुरंत दिशा बदल देती है। यह उतावलापन दर्शकों के जुड़ाव को तोड़ देता है।

थियेटर में एक भारी-भरकम लेकिन खोखला अनुभव


बड़े पर्दे पर Kingdom movie देखना अपने आप में एक अनुभव है—रोशनी, ध्वनि, और ग्राफिक्स सब कुछ आपको पकड़ कर रखते हैं। लेकिन इस सब के बीच जो बात गायब है, वह है कहानी की आत्मा। जिस सिनेमाई सुकून और ठहराव की उम्मीद लोग थिएटर से करते हैं, वह कहीं नहीं मिलता।

आज के सिनेमाई ट्रेंड में फिल्मों को एक भावनात्मक यात्रा की बजाय, एक थीम पार्क की सवारी की तरह बना दिया गया है। Kingdom उसी ट्रेंड का हिस्सा है—तेज, भव्य लेकिन अंत में खाली।

निष्कर्ष: महत्वाकांक्षा से लबरेज, पर आत्मा से दूर


Kingdom एक ऐसी फिल्म है जो अपने स्तर पर बड़ा सोचती है, लेकिन उसे पूरी तरह निभा नहीं पाती। तकनीकी रूप से यह शानदार है, लेकिन स्क्रिप्ट में स्पष्टता और भावना की कमी इसे औसत बना देती है। यह फिल्म उन दर्शकों के लिए हो सकती है जो केवल दृश्य प्रभावों से रोमांचित होते हैं, लेकिन जो लोग कहानी और भावनात्मक जुड़ाव की तलाश में हैं, उनके लिए यह अनुभव अधूरा रहेगा।




रेटिंग: ⭐⭐☆ (2.5/5)

शानदार दृश्य और भव्य प्रस्तुति, लेकिन कमजोर कहानी और भावनात्मक दूरी इसे साधारण बना देती है।

War 2 का ट्रेलर रिलीज: ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की जबरदस्त टक्कर, फैंस की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली!

War 2 का ट्रेलर रिलीज: ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर की जबरदस्त टक्कर, फैंस की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली!


लंबे इंतज़ार के बाद आखिरकार अयान मुखर्जी द्वारा निर्देशित और यशराज फिल्म्स के स्पाई यूनिवर्स की अगली कड़ी war 2 का ट्रेलर रिलीज़ हो गया है। इस बार कहानी में बड़ा ट्विस्ट है। ऋतिक रोशन एक बार फिर मेजर कबीर धालीवाल की भूमिका में लौटे हैं, लेकिन इस बार उनके साथ नहीं बल्कि उनके खिलाफ खड़ा है दक्षिण भारत का सुपरस्टार जूनियर एनटीआर।

जूनियर एनटीआर की एंट्री: हिंदी सिनेमा में दमदार डेब्यू


ट्रेलर में जूनियर एनटीआर को एक स्पेशल यूनिट्स ऑफिसर के रूप में दिखाया गया है, जो मिशन पर निकला एक अजेय योद्धा नजर आता है। उनके एक्शन सीन्स दमदार हैं और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस ने फैंस को खासा प्रभावित किया है। हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उनका यह ग्रैंड डेब्यू पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

उनका किरदार देशभक्ति और निजी बदले की भावना से प्रेरित लगता है, जो कबीर के मिशन को चुनौती देता है। एनटीआर की भूमिका से साउथ के दर्शक भी इस फिल्म से जुड़ गए हैं, जिससे इसका प्रभाव और अधिक बढ़ गया है।

ऋतिक रोशन की दमदार वापसी


ऋतिक रोशन एक बार फिर अपने पुराने अंदाज में नजर आ रहे हैं — स्टाइलिश, फोकस्ड और बेहद खतरनाक। उनके कैरेक्टर को और अधिक गंभीर और जटिल दिखाया गया है, जो अब अकेले एक बड़े मिशन पर निकला है। ट्रेलर में उनकी एनटीआर के साथ भिड़ंत फिल्म की सबसे बड़ी हाईलाइट बन चुकी है।

यह लड़ाई सिर्फ गोलियों और एक्शन की नहीं है, बल्कि विचारधाराओं की भी है — जहां दोनों अपने-अपने नज़रिये से सही हैं।

कियारा आडवाणी बनी रहस्य


कियारा आडवाणी की एंट्री ने ट्रेलर को और रहस्यमयी बना दिया है। कुछ दृश्यों में उन्हें रॉ अधिकारियों के साथ दिखाया गया है, जिससे फैंस यह अटकलें लगा रहे हैं कि वह कर्नल सुनील लूथरा (अशुतोष राणा द्वारा निभाया गया किरदार) की बेटी की भूमिका निभा रही हैं।

संभावना है कि वह फिल्म में एक रॉ ऑफिसर की भूमिका में हों, जो इस जासूसी थ्रिलर को YRF स्पाई यूनिवर्स से और गहराई से जोड़ती है।

फैंस की प्रतिक्रियाएं: तारीफ भी, सवाल भी


War 2 फिल्म के ट्रेलर की रिलीज के बाद सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रही हैं। जहां कुछ लोग फिल्म के भव्य दृश्य, इमोशनल डेप्थ और जबरदस्त एक्शन की तारीफ कर रहे हैं, वहीं कुछ दर्शकों को ट्रेलर थोड़ा उलझा हुआ और कम जानकारी देने वाला लगा।

टाइगर श्रॉफ के फैंस उनके ट्रेलर में ना होने से थोड़े निराश भी दिखे, क्योंकि वॉर की पहली फिल्म में गुरु-शिष्य की जोड़ी को खूब सराहा गया था।

निष्कर्ष: उम्मीदें बहुत, नतीजा देखने को बाकी


2 मिनट 35 सेकंड के इस ट्रेलर में एक्शन, इमोशन और रहस्य का अच्छा मेल देखने को मिला है। लेकिन असली फैसला तो तब होगा जब फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

YRF स्पाई यूनिवर्स की पिछली फिल्मों — एक था टाइगर, टाइगर जिंदा है, वॉर, पठान और टाइगर 3 — के बाद war 2 से उम्मीदें काफी बढ़ चुकी हैं। अयान मुखर्जी की नई दृष्टि, ऋतिक और Jr NTR की जोरदार भिड़ंत, और कियारा का रहस्यमयी किरदार मिलकर इस फिल्म को साल की सबसे बड़ी हिट बना सकते हैं।

अब देखना ये है कि क्या war 2 अपने पूर्ववर्तियों की सफलता को दोहरा पाती है या नहीं।



Hari Hara Veera Mallu और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 1: पवन कल्याण की ऐतिहासिक एक्शन फिल्म ने पहले दिन ही मचाया धमाल!

Hari Hara Veera Mallu और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 1: पवन कल्याण की ऐतिहासिक एक्शन फिल्म ने पहले दिन ही मचाया धमाल!


पवन कल्याण की बहुप्रतीक्षित फिल्म Hari Hara Veera Mallu: पार्ट 1 – स्वॉर्ड वर्सेज स्पिरिट आखिरकार 24 जुलाई 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई। कृष जागरलामुड़ी और एएम ज्योति कृष्णा के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने अपने पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त शुरुआत की है। हालांकि आलोचकों से फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है, लेकिन दर्शकों की संख्या और शुरुआती कमाई इसे हिट की ओर इशारा कर रही है।

🎬 फिल्म का परिचय


फिल्म का नाम: Hari Hara Veera Mallu: पार्ट 1 – स्वॉर्ड वर्सेज स्पिरिट
मुख्य कलाकार: पवन कल्याण, निधि अग्रवाल, बॉबी देओल, नरगिस फाखरी
निर्देशक: कृष जागरलामुड़ी
निर्माता: एएम रत्नम, एएम ज्योति कृष्णा
शैली: ऐतिहासिक एक्शन-एडवेंचर
रिलीज डेट: 24 जुलाई 2025

🌟 कहानी और अभिनय


फिल्म की कहानी 17वीं शताब्दी के मुगल काल की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहां वीर मल्लु (पवन कल्याण) एक बागी बनकर अमीरों से लूट कर गरीबों की मदद करता है। यह केवल तलवारों की लड़ाई नहीं, बल्कि आत्मा और न्याय की भी टक्कर है।

पवन कल्याण अपने फैंस की उम्मीदों पर खरे उतरते हैं और अपने दमदार अभिनय और एक्शन से दर्शकों को बांधे रखते हैं। निधि अग्रवाल अपनी भूमिका में संतुलन और भावनात्मक गहराई लेकर आती हैं, जबकि बॉबी देओल और नरगिस फाखरी ने मुगल शासकों के किरदारों को बखूबी निभाया है।

🎥 निर्देशन और तकनीकी पक्ष


कृष का निर्देशन फिल्म को भव्यता देता है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, शानदार सेट्स, वीएफएक्स और एक्शन सीक्वेंस फिल्म को दृश्यात्मक रूप से आकर्षक बनाते हैं। हालांकि, फिल्म की गति कुछ स्थानों पर धीमी हो जाती है, खासकर दूसरे हिस्से में।

एमएम कीरवानी का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म में भावनाओं को गहराई देते हैं। ग्नाना शेखर की सिनेमैटोग्राफी मुगल दरबारों की भव्यता और वीर मल्लु के विद्रोह की जमीन को खूबसूरती से दर्शाती है।

📊 डे 1 बॉक्स ऑफिस कलेक्शन (प्रारंभिक अनुमान)


Sacnilk की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, Hari Hara Veera Mallu ने भारत में अपने पहले दिन लगभग ₹18.68 करोड़ की कमाई की है। फिल्म की ओपनिंग दक्षिण भारत में विशेष रूप से मजबूत रही, जहां दर्शकों ने बड़ी संख्या में थिएटर का रुख किया।

पहले दिन की कुल कमाई (भारत): ₹18.68 करोड़ (अनुमान)

ऑक्यूपेंसी रेट: 65-75% (तेलुगु राज्यों में अधिक)

सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले शहर: हैदराबाद, विशाखापत्तनम, विजयवाड़ा, बेंगलुरु


शुरुआती फैन शो और एडवांस बुकिंग से फिल्म को फायदा मिला है और यदि वीकेंड में वर्ड ऑफ माउथ मजबूत रहता है, तो यह कमाई और भी बढ़ सकती है।

🗣️ आलोचकों और दर्शकों की प्रतिक्रिया


आलोचकों ने फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया दी है। जहां एक ओर पवन कल्याण की दमदार स्क्रीन प्रेजेंस और एक्शन की सराहना की जा रही है, वहीं कुछ ने स्क्रिप्ट की धीमी गति और भावनात्मक गहराई की कमी को लेकर निराशा जताई।

दर्शकों की राय:


“दृश्य प्रभावों से भरपूर, पवन कल्याण का दमदार अवतार।”

“फैमिली दर्शकों के लिए अच्छी भव्य फिल्म।”

“थोड़ी लंबी महसूस हुई लेकिन देखने लायक।”

📌 अंतिम निष्कर्ष



Hari Hara Veera Mallu: स्वॉर्ड वर्सेज स्पिरिट एक विजुअल ट्रीट है, खासतौर पर पवन कल्याण के प्रशंसकों के लिए। फिल्म की भव्यता, दमदार एक्शन और संगीत इसे थिएटर में देखने लायक बनाते हैं। भले ही इसकी कहानी में कुछ कमियां हों, लेकिन इसकी प्रस्तुति और स्टार पावर बॉक्स ऑफिस पर इसे मजबूती से टिकाए हुए है।



कुबेरा (Kuberaa) 2025: थिएटर के बाद ओटीटी पर भी धमाल, बनी साल की सबसे बड़ी हिट फिल्म!

कुबेरा (Kuberaa) 2025: थिएटर के बाद ओटीटी पर भी धमाल, बनी साल की सबसे बड़ी हिट फिल्म!

साल 2025 में रिलीज़ हुई बहुचर्चित फिल्म कुबेरा (Kuberaa) ने पहले सिनेमा हॉल में दर्शकों को दीवाना बनाया और अब ओटीटी पर रिलीज़ होते ही सभी फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए नंबर 1 की कुर्सी पर कब्जा जमा लिया है। फिल्म की लोकप्रियता दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है।

सिनेमाघरों में धमाकेदार शुरुआत


कुबेरा (Kuberaa) ने अपने पहले सप्ताह में ही बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने शुरुआती दिनों में ही ₹300 करोड़ से अधिक की कमाई कर ली थी। दर्शकों ने न सिर्फ इसकी कहानी को पसंद किया, बल्कि इसके दमदार डायलॉग्स, भव्य सेट्स और कलाकारों की अभिनय क्षमता की भी जमकर सराहना की।

अब ओटीटी पर मचा रही है धूम


अब जब यह फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज़ हुई है, तो वहां भी इसकी धाक देखने को मिल रही है। फिल्म को जैसे ही ओटीटी पर स्ट्रीम किया गया, कुछ ही घंटों में यह टॉप ट्रेंडिंग मूवीज़ की सूची में शामिल हो गई। रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म को पहले ही हफ्ते में 10 करोड़ से अधिक बार देखा जा चुका है, जो इसे साल की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली फिल्म बना देता है।

फिल्म की कहानी: लालच बनाम मूल्य


कुबेरा (Kuberaa) की कहानी एक ऐसे इंसान की है जो अपार धन और ताकत हासिल कर लेता है, लेकिन आगे चलकर उसे अपने निर्णयों, लालच और इंसानियत के बीच संघर्ष करना पड़ता है। फिल्म एक गहरी सोच छोड़ जाती है कि जीवन में असली मूल्य क्या है — पैसा या नैतिकता।

दमदार अभिनय और सशक्त निर्देशन


मुख्य भूमिका में हैं नागार्जुन, जिनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को झकझोर कर रख दिया है। फिल्म में उनके साथ धनुष और रश्मिका मांधाना भी शानदार अभिनय करते नजर आए हैं। फिल्म का निर्देशन शेखर कामुला ने किया है, जिन्होंने एक गूढ़ कहानी को आधुनिकता और भारतीयता के संगम के रूप में पेश किया है।

सोशल मीडिया पर फिल्म की तारीफ


फिल्म की लोकप्रियता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर #Kubera2025 ट्रेंड कर रहा है। दर्शकों ने फिल्म की सिनेमैटोग्राफी, संगीत और क्लाइमैक्स की खास तौर पर तारीफ की है। साथ ही, कई फिल्म समीक्षकों ने इसे 2025 की सर्वश्रेष्ठ फिल्मों में से एक करार दिया है और 5 में से 4.5 स्टार की रेटिंग दी है।

ये फिल्म थिएटर में तहलका मचाने के बाद ओटीटी पर 18 जुलाई को आई. देखते ही देखते ये महज 4 दिन के अंदर नंबर 1 पर कब्जा जमा चुकी है. इस 3 घंटा 1 मिनट की फिल्म IMDb ने 10 में से 6.7 की रेटिंग दी है। इस फिल्म को आप प्राइम वीडियो पर देख सकते हैं.

निष्कर्ष


कुबेरा (Kuberaa) एक साधारण फिल्म नहीं बल्कि एक असाधारण अनुभव है, जो मनोरंजन के साथ-साथ जीवन के गहरे संदेश भी देता है। अगर आप अब तक इस फिल्म से चूक गए हैं, तो इसे जरूर ओटीटी पर देखें। यह फिल्म दर्शकों को न केवल बांध कर रखती है, बल्कि सोचने पर भी मजबूर करती है।


Tanushree Dutta का भावुक वीडियो वायरल, 2018 से हो रही परेशानियों का किया खुलासा!

Tanushree Dutta का भावुक वीडियो वायरल, 2018 से हो रही परेशानियों का किया खुलासा!


बॉलीवुड अभिनेत्री Tanushree Dutta एक बार फिर चर्चा में हैं, इस बार अपने घर में हो रही कथित परेशानी और उत्पीड़न को लेकर। हाल ही में सामने आए एक वीडियो में तनुश्री भावुक होते हुए नजर आईं, जिसमें उन्होंने बताया कि 2018 से लगातार उन्हें परेशान किया जा रहा है, और अब यह उत्पीड़न उनके घर तक पहुंच गया है।

“अपने ही घर में सुरक्षित नहीं हूं” – Tanushree Dutta की आपबीती


इस वीडियो में तनुश्री फूट-फूटकर रोती दिख रही हैं और कह रही हैं कि उन्हें अपने ही घर में डर लग रहा है। उन्होंने बताया कि हालात इतने बिगड़ गए हैं कि उन्हें पुलिस को कॉल करके मदद लेनी पड़ी।

उनके मुताबिक, 2018 में जब उन्होंने पहली बार सामने आकर अपनी आवाज उठाई थी, तभी से उन्हें मानसिक और सामाजिक रूप से टारगेट किया जा रहा है। उन्होंने यह भी संकेत दिए कि यह सब एक साजिश के तहत किया जा रहा है।

2018 से जारी है तनुश्री की लड़ाई


गौरतलब है कि Tanushree Dutta ने 2018 में अभिनेता नाना पाटेकर पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। यह मामला बॉलीवुड में #MeToo आंदोलन की शुरुआत का कारण बना था। इसके बाद कई महिलाओं ने अपने अनुभवों को साझा करना शुरू किया।

लेकिन तनुश्री का कहना है कि इसके बाद से उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। उनके करियर को नुकसान पहुंचाया गया, उनकी छवि खराब करने की कोशिशें की गईं और उन्हें मानसिक रूप से परेशान किया गया।

पुलिस को बुलाया, लेकिन समाधान नहीं


अपने हालिया वीडियो में Tanushree Dutta ने बताया कि उन्होंने पुलिस को मदद के लिए बुलाया, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि पुलिस की ओर से क्या कार्रवाई की गई। यह भी साफ नहीं है कि उन्होंने कोई एफआईआर दर्ज कराई है या नहीं।

तनुश्री का कहना है कि उनका जीवन अब असुरक्षित महसूस हो रहा है और वह इस स्थिति से बेहद मानसिक तनाव में हैं।

जनता और सेलिब्रिटी का समर्थन


वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर Tanushree Dutta को भरपूर समर्थन मिल रहा है। लोग उनके साहस की सराहना कर रहे हैं और प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए और मामले की निष्पक्ष जांच हो।

कुछ फिल्मी हस्तियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस मामले को गंभीरता से लेने की बात कही है।

आगे क्या होगा?


फिलहाल Tanushree Dutta ने इस संबंध में किसी कानूनी कार्रवाई की जानकारी नहीं दी है, लेकिन उन्होंने संकेत दिए हैं कि वह जल्द ही अधिक खुलासे कर सकती हैं। उन्होंने मीडिया और आम जनता से अनुरोध किया है कि वे उनकी बात को गंभीरता से लें और न्याय दिलाने में मदद करें।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन और बॉलीवुड इस बार उनके समर्थन में क्या कदम उठाते हैं।

निष्कर्ष


Tanushree Dutta का यह वीडियो दर्शाता है कि उत्पीड़न की पीड़ा कितनी गहरी हो सकती है, खासकर जब वह वर्षों तक जारी रहे। उनके द्वारा दोबारा आवाज उठाना एक साहसी कदम है, जो यह दिखाता है कि समाज में अब भी सुरक्षा और न्याय के लिए लंबा रास्ता तय करना बाकी है।