Kingdom movie review – भव्यता में डूबी एक थकी हुई कहानी!

Kingdom movie review – भव्यता में डूबी एक थकी हुई कहानी!

Kingdom movie एक भव्य लेकिन बिखरी हुई कहानी है, जो दर्शकों को दृश्य प्रभावों से चौंकाती है पर भावनात्मक रूप से जोड़ नहीं पाती। पढ़िए पूरी समीक्षा और जानिए फिल्म की खूबियां और कमियां।

डिजिटल युग में भारतीय सिनेमा तेजी से बदल रहा है। अब फिल्में केवल कहानी कहने तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि एक भव्य अनुभव पर केंद्रित हो गई हैं। दर्शकों को आकर्षित करने की इस होड़ में कई बार कहानी की स्पष्टता और गहराई पीछे छूट जाती है। गौतम तिन्ननुरी द्वारा निर्देशित Kingdom इसी नए सिनेमा युग की एक मिसाल है—एक भव्य लेकिन असंतुलित प्रयास, जो अपनी ही महत्वाकांक्षा के बोझ तले दबता नजर आता है।

दृश्य सौंदर्य का भव्य प्रदर्शन


Kingdom पूरी तरह आज के फिल्म निर्माण के ट्रेंड को दर्शाती है—विशाल सेट, शानदार वीएफएक्स और बड़े पैमाने पर बनाई गई लड़ाई के दृश्य। फिल्म का हर फ्रेम यह साबित करता है कि निर्देशक और टीम ने भव्यता के स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ी है। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में रची गई यह कहानी राजाओं और उनके संघर्षों को दिखाती है, लेकिन केवल बाहरी रूप से।

गौतम तिन्ननुरी, जिन्होंने Jersey जैसी भावनात्मक और दिल को छू जाने वाली कहानी दी थी, इस बार भव्यता की दुनिया में कदम रखते हैं। हालांकि तकनीकी पक्षों में फिल्म शानदार है, लेकिन इसकी असली कमजोरी इसकी कमजोर और बिखरी हुई कहानी है।

कहानी में गहराई नहीं, केवल गति


Kingdom movie की सबसे बड़ी कमजोरी इसका पटकथा लेखन है। फिल्म का कथानक भले ही बड़े कैनवास पर रचा गया हो, लेकिन यह कई हिस्सों में बिखरा हुआ और जल्दबाज़ी में बना हुआ लगता है। किरदारों के विकास के लिए जगह नहीं छोड़ी गई, जिससे दर्शक उनसे जुड़ नहीं पाते।

हर कुछ मिनटों में नया ट्विस्ट, नया सीन और एक और बड़ा खुलासा होता है—लेकिन इनमें से ज्यादातर सतही लगते हैं। फिल्म दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने में असफल रहती है, और आखिर तक पहुंचते-पहुंचते अनुभव थका देने वाला हो जाता है।

Kingdom movie review : अभिनय अच्छा, पर स्क्रिप्ट कमजोर


फिल्म के मुख्य अभिनेता ने अपने किरदार में जान डालने की कोशिश की है। उनके साथ-साथ सहायक कलाकारों का प्रदर्शन भी प्रशंसनीय है। खासतौर पर महिला पात्रों को थोड़ा बेहतर तरीके से प्रस्तुत किया गया है, लेकिन कहानी के कमजोर ढांचे के कारण उनके प्रयास भी पूरी तरह उभर नहीं पाते।

कई बार ऐसा लगता है कि जैसे ही कोई किरदार दर्शकों का ध्यान खींचने लगता है, कहानी तुरंत दिशा बदल देती है। यह उतावलापन दर्शकों के जुड़ाव को तोड़ देता है।

थियेटर में एक भारी-भरकम लेकिन खोखला अनुभव


बड़े पर्दे पर Kingdom movie देखना अपने आप में एक अनुभव है—रोशनी, ध्वनि, और ग्राफिक्स सब कुछ आपको पकड़ कर रखते हैं। लेकिन इस सब के बीच जो बात गायब है, वह है कहानी की आत्मा। जिस सिनेमाई सुकून और ठहराव की उम्मीद लोग थिएटर से करते हैं, वह कहीं नहीं मिलता।

आज के सिनेमाई ट्रेंड में फिल्मों को एक भावनात्मक यात्रा की बजाय, एक थीम पार्क की सवारी की तरह बना दिया गया है। Kingdom उसी ट्रेंड का हिस्सा है—तेज, भव्य लेकिन अंत में खाली।

निष्कर्ष: महत्वाकांक्षा से लबरेज, पर आत्मा से दूर


Kingdom एक ऐसी फिल्म है जो अपने स्तर पर बड़ा सोचती है, लेकिन उसे पूरी तरह निभा नहीं पाती। तकनीकी रूप से यह शानदार है, लेकिन स्क्रिप्ट में स्पष्टता और भावना की कमी इसे औसत बना देती है। यह फिल्म उन दर्शकों के लिए हो सकती है जो केवल दृश्य प्रभावों से रोमांचित होते हैं, लेकिन जो लोग कहानी और भावनात्मक जुड़ाव की तलाश में हैं, उनके लिए यह अनुभव अधूरा रहेगा।




रेटिंग: ⭐⭐☆ (2.5/5)

शानदार दृश्य और भव्य प्रस्तुति, लेकिन कमजोर कहानी और भावनात्मक दूरी इसे साधारण बना देती है।

सिर्फ हेल्दी लाइफस्टाइल नहीं, नियमित हार्ट चेकअप भी है जरूरी – जानिए दिल्ली के 40 वर्षीय मोहित सचदेवा की कहानी!

सिर्फ हेल्दी लाइफस्टाइल नहीं, नियमित हार्ट चेकअप भी है जरूरी – जानिए दिल्ली के 40 वर्षीय मोहित सचदेवा की कहानी!

दिल्ली के मोहित सचदेवा की कहानी से जानिए कि क्यों हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ-साथ नियमित हार्ट चेकअप भी हृदय को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है।


आज के समय में जब हेल्थ और फिटनेस को लेकर जागरूकता बढ़ रही है, लोग मानने लगे हैं कि संतुलित आहार, शराब और धूम्रपान से दूरी, और नियमित व्यायाम ही दिल को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त हैं। लेकिन दिल्ली के लाजपत नगर निवासी 40 वर्षीय मोहित सचदेवा की कहानी इस सोच को झूठा साबित करती है। उनका अनुभव बताता है कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल के साथ-साथ नियमित हार्ट चेकअप भी उतना ही जरूरी है।

आदर्श जीवनशैली के बावजूद खतरे में जान


मोहित सचदेवा एक मल्टीनेशनल कंपनी में मार्केटिंग हेड के पद पर कार्यरत हैं। उनका दिन सुबह की दौड़ से शुरू होता था, वे हेल्दी डाइट फॉलो करते थे, नशे से कोसों दूर थे और योग को भी जीवन का हिस्सा बना चुके थे। उनके दोस्त और सहकर्मी उन्हें एक फिटनेस आइकन मानते थे।

मोहित बताते हैं, “मुझे कभी नहीं लगा कि मुझे दिल से जुड़ी कोई परेशानी हो सकती है। मैं हमेशा चुस्त-दुरुस्त महसूस करता था और किसी भी तरह का स्ट्रेस नहीं था।”

एक आम दिन और चौंकाने वाला मोड़


एक दिन ऑफिस जाने से पहले मोहित को हल्का सीने में दर्द और असहजता महसूस हुई। शुरुआत में उन्होंने इसे गैस या थकान समझा, लेकिन जब तकलीफ कम नहीं हुई, तो उनकी पत्नी ने उन्हें अस्पताल ले जाने का आग्रह किया।

जांच में सामने आया कि उनके दो प्रमुख धमनियों में गंभीर ब्लॉकेज है। डॉक्टरों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और बताया कि यदि देर हो जाती, तो उन्हें दिल का दौरा पड़ सकता था।

छिपे हुए खतरे: केवल लाइफस्टाइल से नहीं बचती बीमारी


मोहित की तरह बहुत से लोग यह मानते हैं कि यदि वे हेल्दी लाइफस्टाइल फॉलो कर रहे हैं, तो उन्हें दिल से जुड़ी बीमारी का कोई खतरा नहीं। लेकिन रिसर्च बताती है कि दक्षिण एशियाई लोगों में हृदय रोग का जोखिम अनुवांशिक रूप से अधिक होता है, चाहे वे बाहर से कितने ही स्वस्थ क्यों न दिखें।

कुछ ऐसे फैक्टर जो बिना लक्षणों के भी हृदय रोग को जन्म दे सकते हैं:

परिवार में हृदय रोग का इतिहास

क्रॉनिक स्ट्रेस और मानसिक तनाव

शरीर में सूजन (Silent Inflammation)

अनियंत्रित कोलेस्ट्रॉल या ब्लड प्रेशर

ज्यादा समय बैठकर काम करना

समय-समय पर करवाएं हृदय की जांच


विशेषज्ञों की मानें तो 30 साल की उम्र के बाद हर व्यक्ति को हर साल हार्ट चेकअप कराना चाहिए, खासकर अगर परिवार में पहले से दिल की बीमारी का इतिहास हो। कुछ जरूरी जांचें इस प्रकार हैं:

ईसीजी (ECG)

लिपिड प्रोफाइल

ब्लड प्रेशर मापन

टीएमटी या स्ट्रेस टेस्ट

ईकोकार्डियोग्राफी

कोरोनरी कैल्शियम स्कोरिंग (यदि डॉक्टर सुझाएं)


मोहित की स्थिति समय रहते पकड़ में आ गई, लेकिन अगर यह जाँच पहले हो जाती, तो बड़ा खतरा टाला जा सकता था।

एक सीख: अंदर की सच्चाई को नजरअंदाज न करें


सर्जरी और इलाज के बाद अब मोहित स्वस्थ हैं और लोगों को हार्ट हेल्थ के प्रति जागरूक कर रहे हैं। वे कहते हैं, “मैं सोचता था कि एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट ही काफी है। अब समझ आया कि समय-समय पर जांच कराना भी उतना ही जरूरी है।”

निष्कर्ष: सिर्फ स्वस्थ दिखना काफी नहीं


भारत में हर साल लाखों लोग हृदय रोग के कारण अपनी जान गंवाते हैं। दुखद यह है कि इनमें से कई केस समय पर जांच से रोके जा सकते हैं। अच्छी जीवनशैली आवश्यक है, लेकिन नियमित स्वास्थ्य जांच ही आपको पूरी सुरक्षा प्रदान कर सकती है।

इसलिए अगली बार जब आप यह सोचकर जांच टाल दें कि आप बिल्कुल ठीक हैं, तो मोहित सचदेवा की कहानी को याद रखें। हो सकता है कि आपके अंदर भी कुछ ऐसा छिपा हो, जिसकी जानकारी आपको नहीं है — और यही अज्ञानता सबसे बड़ा खतरा है।

Tata Motors Iveco अधिग्रहण: क्या अब बदल जाएगी पूरी दुनिया की कमर्शियल वाहन इंडस्ट्री?

Tata Motors Iveco अधिग्रहण: क्या अब बदल जाएगी पूरी दुनिया की कमर्शियल वाहन इंडस्ट्री?


भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी ने Tata Motors Iveco अधिग्रहण का ऐलान कर दिया है। टाटा मोटर्स ने इटली की बहुराष्ट्रीय कंपनी IVECO (इंडस्ट्रियल व्हीकल्स कॉर्पोरेशन) का अधिग्रहण कर ग्लोबल बाजार में हड़कंप मचा दिया है।

यह सौदा केवल एक व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि टाटा मोटर्स की वैश्विक रणनीति में एक बड़ा मोड़ है, जिससे कंपनी को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत उपस्थिति, हरित ऊर्जा तकनीकों तक पहुंच और व्यावसायिक वाहनों की श्रेणी में एक मजबूत ब्रांड की विरासत प्राप्त होगी।

IVECO: वैश्विक व्यावसायिक वाहन क्षेत्र की बड़ी ताकत


IVECO, जिसका मुख्यालय इटली के ट्यूरिन शहर में है, हल्के, मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों के निर्माण में अग्रणी है। यूरोप, दक्षिण अमेरिका और एशिया के कुछ हिस्सों में इसकी मजबूत उपस्थिति है। कंपनी सुरक्षा, रक्षा और औद्योगिक उपयोगों के लिए विशेष वाहनों का भी उत्पादन करती है।

इस अधिग्रहण के साथ, टाटा मोटर्स को IVECO की उन्नत अनुसंधान और विकास (R&D) क्षमताएं, स्वच्छ ऊर्जा पावरट्रेन तकनीक, और एक स्थापित वैश्विक डीलर व आपूर्ति नेटवर्क तुरंत प्राप्त होगा।

Tata Motors Iveco अधिग्रहण का रणनीतिक महत्व


1. वैश्विक स्तर पर विस्तार

भारत में व्यावसायिक वाहनों के क्षेत्र में पहले से ही अग्रणी टाटा मोटर्स के लिए यह सौदा एक वैश्विक विस्तार का बड़ा अवसर है। IVECO की फैक्ट्रियों, डीलरशिप और आपूर्तिकर्ताओं के नेटवर्क का लाभ उठाकर टाटा मोटर्स यूरोप और लैटिन अमेरिका जैसे परिपक्व बाजारों में तेज़ी से अपनी पकड़ मजबूत कर सकेगी।

2. स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों तक पहुंच

IVECO ने CNG, LNG और इलेक्ट्रिक ट्रकों जैसे हरित ऊर्जा समाधानों के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है। इस साझेदारी से टाटा मोटर्स को अपनी ग्रीन मोबिलिटी रणनीति को तेज करने में मदद मिलेगी, जिससे वह वैश्विक उत्सर्जन मानकों और शून्य-कार्बन लक्ष्यों को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेगी।

3. ब्रांड पोर्टफोलियो को मज़बूती

IVECO दशकों पुराना एक वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित ब्रांड है। इसके जुड़ने से टाटा मोटर्स को अपनी व्यावसायिक वाहन श्रेणी में प्रीमियम उत्पाद और यूरोपीय डिज़ाइन जोड़ने का अवसर मिलेगा। इससे कंपनी को विभिन्न उपभोक्ता वर्गों की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा करने में मदद मिलेगी।

4. R&D और विनिर्माण में तालमेल

दोनों कंपनियों की इंजीनियरिंग विशेषज्ञता के मिलन से नवाचार की गति तेज़ होगी। टाटा मोटर्स अब IVECO के जर्मनी और इटली स्थित अनुसंधान केंद्रों का लाभ उठाकर उन्नत और अधिक कुशल व्यावसायिक वाहन विकसित कर सकेगी। इसके साथ ही, साझा विनिर्माण केंद्रों के माध्यम से लागत में कटौती और उत्पादन क्षमता में वृद्धि संभव होगी।

बाजार की प्रतिक्रिया और उद्योग पर प्रभाव


इस सौदे को लेकर निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की प्रतिक्रिया बेहद सकारात्मक रही। टाटा मोटर्स के शेयरों में बढ़ोतरी देखी गई और कई ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी की रेटिंग बढ़ाकर ‘Buy’ या ‘Outperform’ कर दी।

यह सौदा:

वैश्विक व्यावसायिक वाहन उद्योग में पुनर्संरेखण को प्रेरित करेगा।

प्रतियोगी कंपनियों जैसे अशोक लेलैंड, वोल्वो और डेमलर को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करने को मजबूर करेगा।

हरित और डिजिटल व्यावसायिक वाहनों के तेज़ विकास को प्रोत्साहित करेगा।

संभावित चुनौतियाँ


जहां यह सौदा अवसरों से भरा है, वहीं कुछ चुनौतियाँ भी सामने आएंगी। जैसे—सांस्कृतिक समन्वय, परिचालन परिवर्तन, और यूरोप के जटिल नियम-कानूनों का पालन। इसके अलावा, दोनों ब्रांड्स की विशिष्ट पहचान बनाए रखना भी जरूरी होगा ताकि ग्राहक विश्वास बना रहे।

सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों कंपनियां एक साझा विजन, प्रक्रिया और लक्ष्य के साथ कितनी अच्छी तरह एकीकृत होती हैं।

निष्कर्ष: व्यावसायिक वाहन उद्योग का निर्णायक मोड़


Tata motors IVECO अधिग्रहण टाटा मोटर्स की वैश्विक नेतृत्व की महत्वाकांक्षा को मजबूती प्रदान करता है। इसके जरिए कंपनी न सिर्फ नए बाजारों में प्रवेश करेगी, बल्कि हरित ऊर्जा, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में भी एक बड़ी छलांग लगाएगी।

जैसे-जैसे व्यावसायिक वाहन उद्योग स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल तकनीक और बदलती परिवहन आवश्यकताओं की ओर बढ़ रहा है, यह रणनीतिक अधिग्रहण टाटा मोटर्स को भविष्य की मोबिलिटी का लीडर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।


असम की अभिनेत्री नंदिनी कश्यप हिट-एंड-रन केस में गिरफ्तार, छात्र समीउल हक की दर्दनाक मौत!

असम की अभिनेत्री नंदिनी कश्यप हिट-एंड-रन केस में गिरफ्तार, छात्र समीउल हक की दर्दनाक मौत!


असम की प्रसिद्ध फिल्म और टेलीविजन अभिनेत्री नंदिनी कश्यप को बुधवार तड़के एक हिट-एंड-रन मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसमें नलबाड़ी पॉलिटेक्निक कॉलेज के 21 वर्षीय छात्र समीउल हक की जान चली गई। यह घटना 25 जुलाई की रात गुवाहाटी के उदालबाकरा इलाके में हुई थी, जिसने पूरे राज्य में शोक और आक्रोश की लहर फैला दी है।

कैसे हुआ हादसा?


पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई की रात समीउल हक अपनी दोपहिया वाहन से घर लौट रहा था, तभी एक तेज़ रफ्तार लग्ज़री कार ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी ज़ोरदार थी कि समीउल सड़क पर गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार बहुत तेज गति में थी और टक्कर के बाद बिना रुके मौके से फरार हो गई।

स्थानीय लोग घायल समीउल को तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन वहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। समीउल नलबाड़ी पॉलिटेक्निक का होनहार छात्र था और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था।

सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा


घटना के बाद पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसके आधार पर वाहन का नंबर ट्रेस किया गया। यह कार अभिनेत्री नंदिनी कश्यप के नाम पर पंजीकृत पाई गई। पूछताछ के लिए कई बार बुलाने के बावजूद जब अभिनेत्री ने सहयोग नहीं किया, तो पुलिस ने बुधवार सुबह उनके गुवाहाटी स्थित आवास से उन्हें हिरासत में ले लिया।

इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला


गुवाहाटी पुलिस ने नंदिनी कश्यप पर भारतीय दंड संहिता की धारा 304ए (लापरवाही से मृत्यु) और धारा 279 (लापरवाही से वाहन चलाना) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या घटना के समय वह शराब के नशे में थीं, हालांकि अभी फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार है।

पुलिस अधिकारी राजीव सैकिया ने मीडिया को बताया, “कानून सबके लिए समान है, चाहे वह आम आदमी हो या कोई सेलिब्रिटी। हम निष्पक्ष और कठोर जांच सुनिश्चित करेंगे।”

जनता में आक्रोश और विरोध प्रदर्शन


इस घटना को लेकर असम में लोगों के बीच काफी नाराज़गी देखने को मिल रही है। खासकर युवाओं और छात्रों में विरोध की भावना तेज़ है। नलबाड़ी पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया और “Justice for Samiul” के नारे लगाए।

सोशल मीडिया पर भी लोग इस हादसे को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और मांग कर रहे हैं कि आरोपी को सख्त सजा दी जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

पीड़ित परिवार की पुकार: न्याय चाहिए, माफी नहीं


समीउल के परिवार का कहना है कि उनका बेटा एक उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ रहा था। उसके बड़े भाई ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “हमारा भाई अब हमारे बीच नहीं है। हमें सिर्फ एक ही चीज चाहिए — न्याय। कोई माफी या मुआवजा उसकी जिंदगी की भरपाई नहीं कर सकता।”

कानूनी कार्यवाही: अगला कदम क्या है?


बुधवार दोपहर को नंदिनी कश्यप को अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने तीन दिन की रिमांड की मांग की। अदालत ने पुलिस हिरासत की मंजूरी दे दी है। अब उनसे पूछताछ की जा रही है, और जरूरी सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं।

अगर नंदिनी दोषी पाई जाती हैं, तो उन्हें दो साल तक की सजा हो सकती है, साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस रद्द होने और जुर्माना भी लगाया जा सकता है।

सेलिब्रिटी विशेषाधिकार पर उठे सवाल


यह मामला फिर एक बार सेलिब्रिटी विशेषाधिकार और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है। विशेषज्ञों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिन लोगों की सार्वजनिक छवि होती है, उन्हें और ज्यादा जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करना चाहिए।

लोगों ने अन्य हिट-एंड-रन मामलों की याद दिलाते हुए न्यायपालिका से अपील की है कि इस बार कोई ढील न बरती जाए।

निष्कर्ष: जिम्मेदार ड्राइविंग की ज़रूरत



समीउल हक की असमय मौत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि लापरवाही से गाड़ी चलाना किसी की ज़िंदगी छीन सकता है। अब जब आरोपी एक जानी-मानी अभिनेत्री हैं, पूरा असम यह देख रहा है कि क्या कानून वाकई सभी के लिए बराबर है।

इस मामले में जो भी निष्कर्ष निकले, वह समाज के लिए एक मिसाल बनना चाहिए — कि लापरवाही की कोई माफ़ी नहीं।

अनिरुद्धाचार्य महाराज उर्फ पुकी बाबा एक बार फिर विवादों में, खुशबू पाटनी ने जताई कड़ी नाराज़गी!

अनिरुद्धाचार्य महाराज उर्फ पुकी बाबा एक बार फिर विवादों में, खुशबू पाटनी ने जताई कड़ी नाराज़गी!


भोपाल: धार्मिक कथावाचक और सोशल मीडिया पर ‘पुकी बाबा’ के नाम से मशहूर अनिरुद्धाचार्य महाराज एक बार फिर से सुर्खियों में हैं। इस बार उनके विवादित बयान ने उन्हें कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने हाल ही में लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाली महिलाओं को लेकर कुछ आपत्तिजनक बातें कहीं, जिन पर बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी की बहन खुशबू पाटनी ने खुलकर नाराज़गी जाहिर की है।

क्या है पूरा मामला?


अपने एक हालिया प्रवचन के दौरान अनिरुद्धाचार्य महाराज ने महिलाओं को लेकर ऐसे बयान दिए, जिन्हें कई लोग महिला विरोधी मान रहे हैं। खासकर उनका लिव-इन रिलेशनशिप पर दिया गया तंज कई लोगों को नागवार गुज़रा।

इस पर खुशबू पाटनी, जो एक फिटनेस ट्रेनर और पूर्व आर्मी अफसर भी हैं, ने सोशल मीडिया पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बाबा के विचारों को पिछड़ी सोच बताया और कहा कि समाज में महिलाओं को नीचा दिखाने वाली ऐसी बातें अब और बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

कौन हैं अनिरुद्धाचार्य महाराज?


अनिरुद्धाचार्य महाराज का असली नाम अनिरुद्ध राम तिवारी है और उनका जन्म 1989 में मध्य प्रदेश में हुआ था। वे अपने भक्ति भरे प्रवचनों, श्रीमद्भागवत कथाओं और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सक्रियता के कारण प्रसिद्ध हुए हैं।

उनकी शैली कुछ लोगों को रोचक लगती है तो कुछ उन्हें विवादास्पद करार देते हैं। खासकर ‘पुकी बाबा’ के नाम से सोशल मीडिया पर उनकी मौजूदगी ने उन्हें यूथ के बीच चर्चित बना दिया है।

डिजिटल फेम और कमाई


‘पुकी बाबा’ के यूट्यूब चैनल पर उनके प्रवचनों के लाखों व्यूज़ आते हैं। वे सोशल मीडिया के जरिए धार्मिक संदेश तो देते ही हैं, साथ ही इससे उन्हें अच्छी खासी कमाई भी होती है।

The Buzz Mail की रिपोर्ट के मुताबिक, अनिरुद्धाचार्य महाराज की अनुमानित संपत्ति ₹4 से ₹5 करोड़ के बीच है, जो उन्हें मुख्यतः इन स्रोतों से मिलती है:

धार्मिक कथाएं और प्रवचन कार्यक्रम

यूट्यूब चैनल की विज्ञापन कमाई

ऑनलाइन और ऑफलाइन दान

धार्मिक ट्रस्ट के ज़रिए मिलने वाले योगदान

सोशल मीडिया पर फूटा ग़ुस्सा


बाबा के बयान के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है। कई लोगों ने उन्हें ‘पितृसत्तात्मक सोच’ का समर्थक बताया और कहा कि ऐसे वक्तव्य आधुनिक भारत के मूल्यों के खिलाफ हैं।

खुशबू पाटनी को कई यूज़र्स ने समर्थन दिया और हैशटैग्स जैसे #BoycottPookieBaba और #SupportKhushbooPatani भी ट्रेंड करने लगे।

क्यों है यह मुद्दा महत्वपूर्ण?


भारत में धार्मिक गुरुओं का समाज पर गहरा प्रभाव होता है। ऐसे में यदि वे महिला विरोधी बातें कहें, तो उसका असर बहुत सारे लोगों की सोच पर पड़ता है।

आज के युवा और जागरूक नागरिक अब धर्म के नाम पर बोली जाने वाली रूढ़िवादी बातों को चुनौती दे रहे हैं। यह घटना एक संकेत है कि अब केवल नाम और आस्था से किसी को छूट नहीं मिलेगी।

क्या होगा आगे?


हालांकि ये पहली बार नहीं है जब अनिरुद्धाचार्य महाराज किसी विवाद में फंसे हों, लेकिन इस बार मामला कुछ गंभीर लगता है। जिस तरह से एक पब्लिक फिगर और आर्मी अफसर रह चुकी खुशबू पाटनी ने उन्हें आड़े हाथों लिया है, उससे लगता है कि यह विवाद जल्दी शांत नहीं होगा।

अब देखना ये है कि अनिरुद्धाचार्य महाराज अपने बयान पर कोई सफाई देते हैं या नहीं, और क्या इस विवाद का असर उनकी लोकप्रियता पर पड़ता है।

निष्कर्ष:


‘पुकी बाबा’ का यह विवाद सिर्फ एक धार्मिक नेता के बयान भर का मामला नहीं है, बल्कि यह आधुनिक और पारंपरिक सोच के टकराव को भी दर्शाता है। भारत जैसे देश में जहां परंपरा और प्रगति दोनों साथ चलती हैं, वहां धार्मिक नेताओं से यह अपेक्षा की जाती है कि वे समाज को जोड़ने वाले बनें, न कि उसे बांटने वाले।

क्या NSDL IPO CDSL को पीछे छोड़ सकता है? निवेश से पहले जानें ये 5 महत्वपूर्ण तथ्य!

क्या NSDL IPO CDSL को पीछे छोड़ सकता है? निवेश से पहले जानें ये 5 महत्वपूर्ण तथ्य!

भारत की प्रमुख डिपॉजिटरी कंपनी नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (NSDL) का बहुप्रतीक्षित प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) आज, 30 जुलाई 2025 को निवेशकों के लिए खुल गया है। यह ₹4,011 करोड़ का आईपीओ पूरी तरह से ऑफ़र फॉर सेल (OFS) है, जिसमें कुल 5.01 करोड़ इक्विटी शेयरों की बिक्री की जा रही है।

इस आईपीओ को लेकर बाजार में खासा उत्साह देखा जा रहा है, क्योंकि NSDL भारत की पूंजी बाजार संरचना का एक महत्वपूर्ण स्तंभ माना जाता है।

🔍 NSDL IPO की मुख्य जानकारियां


आईपीओ साइज: ₹4,011 करोड़

प्रकार: ऑफर फॉर सेल (OFS)

शेयरों की कुल संख्या: 5.01 करोड़

बोली लगाने की तिथि: 30 जुलाई से 1 अगस्त 2025 तक

फेस वैल्यू: ₹2 प्रति शेयर

प्राइस बैंड: जल्द घोषित होगा

लॉट साइज: निवेशक वर्ग के अनुसार तय


इस आईपीओ से कंपनी को सीधे कोई फंड प्राप्त नहीं होगा क्योंकि यह पूरी तरह से मौजूदा शेयरधारकों द्वारा की गई बिक्री है।

🏢 NSDL क्या है?


नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड की स्थापना 1996 में की गई थी और यह भारत की पहली और सबसे बड़ी डिपॉजिटरी कंपनी है। यह निवेशकों की प्रतिभूतियों जैसे कि शेयर, डिबेंचर, म्यूचुअल फंड आदि को इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रखती है।

इसका नेटवर्क पूरे देश में फैला हुआ है और यह डिजिटल ट्रांजैक्शन, KYC सेवा, ई-वोटिंग और दस्तावेज़ सत्यापन जैसी सेवाएं प्रदान करता है।

मार्च 2025 तक NSDL के आँकड़े:

31 करोड़ से अधिक डिमैट खाते

₹450 लाख करोड़ से अधिक की प्रतिभूतियों का कस्टडी

280+ डिपॉजिटरी पार्टिसिपेंट्स के साथ साझेदारी

📈 अब IPO क्यों ला रही है NSDL?


NSDL लंबे समय से IPO लाने की योजना बना रही थी, और अब इसके लिए उपयुक्त समय माना जा रहा है:

1. SEBI की गाइडलाइंस के अनुसार, बाजार संरचना से जुड़ी संस्थाओं का सूचीबद्ध होना ज़रूरी है।


2. बाजार में रिटेल निवेशकों की भागीदारी बढ़ रही है, जिससे डिपॉजिटरी सेवाओं की मांग भी बढ़ी है।


3. IPO बाजार में तेजी और निवेशकों की मजबूत रुचि

🧾 IPO में कौन-कौन शेयर बेच रहा है?


इस ऑफर फॉर सेल के तहत कंपनी के कई प्रमुख शेयरधारक अपनी हिस्सेदारी घटा रहे हैं, जिनमें शामिल हैं:

IDBI बैंक

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE)

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI)

एचडीएफसी बैंक

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया

एक्सिस बैंक आदि


यह बिक्री मुख्यतः निवेश निकासी और विनियामक आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से की जा रही है।

💰 वित्तीय स्थिति और भविष्य की संभावनाएं


DRHP के अनुसार, एन एस डी एल ने बीते वर्षों में लगातार मजबूत राजस्व और लाभ अर्जित किया है। कंपनी की आय के प्रमुख स्रोत हैं:

इश्यूअर चार्ज

ट्रांजैक्शन फीस

KYC सेवाएं

डिजिटल सिग्नेचर और अन्य वैल्यू ऐडेड सेवाएं


FY2024 के अनुमानित आँकड़े:

राजस्व: ₹1,015 करोड़

शुद्ध लाभ: ₹315 करोड़

EBITDA मार्जिन: 55%+

ROE: लगभग 22%


डिजिटल निवेश और फिनटेक सेवाओं के बढ़ते चलन को देखते हुए, NSDL की सेवाओं की मांग आने वाले वर्षों में और भी तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

🧠 क्या आपको NSDL IPO में निवेश करना चाहिए?


निवेशक निम्नलिखित बातों पर विचार कर सकते हैं:

✅ मजबूत बाजार स्थिति: NSDL और CDSL का मिलाजुला वर्चस्व डिपॉजिटरी बाजार पर है।
✅ तेजी से बढ़ता डिमैट खाता आधार
✅ डिजिटल भारत अभियान से लाभ

❗चुनौतियाँ: यह IPO पूरी तरह से OFS है, यानी कोई नया फंड कंपनी को नहीं मिलेगा। साथ ही, तकनीकी या नियामक बदलाव जोखिम हो सकते हैं।

मध्यम से दीर्घकालिक नजरिए वाले निवेशकों के लिए यह एक स्थिर और भरोसेमंद विकल्प बन सकता है।

🔄 NSDL बनाम CDSL: तुलना एक नज़र में


मापदंड NSDL || CDSL

स्थापना वर्ष 1996 || 1999
बाज़ार हिस्सेदारी ~58% || ~42%
सूचीबद्ध स्थिति 2025 में लिस्टिंग 2017 से सूचीबद्ध
सेवाएं डिमैट, KYC, ई-साइन आदि समान प्रकार की सेवाएं


जहाँ CDSL पहले ही बाजार में शानदार प्रदर्शन कर चुका है, NSDL की लिस्टिंग एक नई निवेश संभावनाओं के द्वार खोल सकती है।

निष्कर्ष


NSDL का IPO भारत की वित्तीय संरचना में एक बड़ा कदम है। यह कंपनी न केवल तकनीकी रूप से मजबूत है बल्कि भविष्य की डिजिटल फाइनेंशियल इन्फ्रास्ट्रक्चर का भी एक बड़ा हिस्सा बने रहने की क्षमता रखती है।

यदि आप एक ऐसे स्टेबल और ग्रोथ-ओरिएंटेड सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं, तो NSDL IPO को गंभीरता से विचार किया जा सकता है—हालांकि निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह अवश्य लें।

West Indies vs India: स्टुअर्ट बिन्नी की तूफानी पारी से इंडिया चैंपियंस ने हासिल की शानदार जीत | वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2025

West Indies vs India: स्टुअर्ट बिन्नी की तूफानी पारी से इंडिया चैंपियंस ने हासिल की शानदार जीत | वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स 2025


लीसेस्टर: वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (WCL) में आज एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जब West Indies vs India आमने-सामने हुए। यह मुकाबला इंग्लैंड के लीसेस्टर स्थित ग्रेस रोड स्टेडियम में खेला गया। इस मैच में इंडिया चैंपियंस ने स्टुअर्ट बिन्नी की दमदार बल्लेबाज़ी की बदौलत 5 विकेट से जीत दर्ज की।

मैच की शुरुआत इंडिया चैंपियंस के कप्तान युवराज सिंह ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने के फैसले से की। यह निर्णय उनके पक्ष में गया, क्योंकि गेंदबाज़ों ने शुरुआती ओवरों से ही दबाव बनाना शुरू कर दिया।

वेस्टइंडीज की पारी: पोलार्ड ने अकेले लड़ा मुकाबला


पहले बल्लेबाज़ी करने उतरी वेस्टइंडीज चैंपियंस की टीम 20 ओवरों में 9 विकेट गंवाकर 144 रन ही बना सकी। टीम की ओर से कायरन पोलार्ड ने सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने मात्र 43 गेंदों में 3 चौकों और 8 छक्कों की मदद से 73 रनों की विस्फोटक पारी खेली।

हालांकि, पोलार्ड को अन्य बल्लेबाजों से सहयोग नहीं मिला और इंडिया चैंपियंस के गेंदबाज़ों ने लगातार विकेट गिराकर वेस्टइंडीज को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया। इरफान पठान, जहीर खान और प्रवीण कुमार ने अच्छी गेंदबाज़ी करते हुए विरोधी बल्लेबाज़ों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

बिन्नी की फायरपावर से आसान हुआ लक्ष्य


145 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंडिया चैंपियंस की शुरुआत तेज रही, लेकिन शुरुआती ओवरों में टीम ने कुछ अहम विकेट गंवा दिए। उस समय स्टुअर्ट बिन्नी ने मोर्चा संभाला और आक्रामक अंदाज़ में बल्लेबाज़ी करते हुए 21 गेंदों में 3 चौकों और 4 छक्कों की मदद से 50 रनों की नाबाद पारी खेली।

सुरेश रैना और रोबिन उथप्पा ने भी उपयोगी योगदान दिया, जिससे टीम ने 13.2 ओवर में ही लक्ष्य को हासिल कर लिया और मैच अपने नाम कर लिया।

युवराज सिंह की कप्तानी में टीम का संतुलित प्रदर्शन


मैच के बाद कप्तान युवराज सिंह ने कहा कि उनकी रणनीति पहले गेंदबाज़ी कर विपक्षी टीम को सीमित स्कोर पर रोकने की थी, जो सफल रही। उन्होंने टीम की जीत का श्रेय सभी खिलाड़ियों को दिया और खासतौर पर स्टुअर्ट बिन्नी की बल्लेबाज़ी की प्रशंसा की।

मैच में इंडिया चैंपियंस ने गेंदबाज़ी, फील्डिंग और बल्लेबाज़ी तीनों विभागों में बेहतर तालमेल दिखाया, जिसने उन्हें जीत दिलाई।

West Indies vs India: संक्षिप्त स्कोर कार्ड:


वेस्टइंडीज चैंपियंस – 144/9 (20 ओवर)

कायरन पोलार्ड – 73 (43 गेंद)

इंडिया चैंपियंस की ओर से: इरफान पठान, जहीर खान और प्रवीण कुमार को 2-2 विकेट


इंडिया चैंपियंस – 145/5 (13.2 ओवर)

स्टुअर्ट बिन्नी – 50* (21 गेंद)

सुरेश रैना – 27 (18 गेंद)

रोबिन उथप्पा – 22 (15 गेंद)

आगे की राह


इंडिया चैंपियंस की यह जीत टूर्नामेंट में उनके आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देगी। इस प्रदर्शन से यह साफ हो गया है कि टीम के अनुभवी खिलाड़ी अब भी मैच का रुख पलट सकते हैं। वहीं, वेस्टइंडीज को अपनी बल्लेबाज़ी को और सुदृढ़ करने की आवश्यकता है, ताकि आगे के मैचों में बेहतर प्रदर्शन किया जा सके।

निष्कर्ष


वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स के इस मुकाबले ने क्रिकेट प्रेमियों को रोमांच से भर दिया। स्टुअर्ट बिन्नी की विस्फोटक पारी और कप्तान युवराज सिंह की सोच-समझ कर बनाई गई रणनीति ने इंडिया चैंपियंस को एक यादगार जीत दिलाई। टूर्नामेंट जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, दर्शकों को और भी रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।

UPSC EPFO भर्ती 2025: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत EPFO में 230 पदों पर निकली भर्ती, ऑनलाइन आवेदन शुरू!

UPSC EPFO भर्ती 2025: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के तहत EPFO में 230 पदों पर निकली भर्ती, ऑनलाइन आवेदन शुरू!


संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने विशेष विज्ञापन संख्या 52/2025 के तहत कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में 230 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। यह संगठन श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन कार्य करता है और देशभर के योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती ग्रुप ‘A’ के गैर-मंत्रालयिक पदों के लिए की जा रही है।

इस लेख में आपको इस भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी सभी आवश्यक जानकारियाँ जैसे पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, महत्वपूर्ण तिथियाँ, चयन प्रक्रिया और अन्य विवरण सरल भाषा में प्रस्तुत किए गए हैं।

🔍UPSC EPFO भर्ती 2025: मुख्य जानकारी



भर्ती संस्था: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)

विभाग: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO)

मंत्रालय: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय

विज्ञापन संख्या: 52/2025

कुल रिक्तियाँ: 230

नौकरी का स्थान: अखिल भारतीय स्तर

आवेदन का माध्यम: ऑनलाइन

आधिकारिक वेबसाइट: www.upsc.gov.in

📅 महत्वपूर्ण तिथियाँ


घटना तिथि

अधिसूचना जारी 30 जुलाई 2025
आवेदन प्रारंभ 1 अगस्त 2025
अंतिम तिथि आवेदन की 30 अगस्त 2025
एडमिट कार्ड जारी जल्द अधिसूचित होगा
परीक्षा तिथि बाद में घोषित की जाएगी

📌 रिक्त पदों का विवरण


भर्ती ग्रुप ‘A’ श्रेणी के गैर-मंत्रालयिक पदों के लिए है। संभावित पदों में प्रवर्तन अधिकारी, लेखा अधिकारी या सहायक भविष्य निधि आयुक्त जैसे पद शामिल हो सकते हैं। विस्तृत पद विवरण आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा।

🎓 पात्रता मापदंड


1. शैक्षणिक योग्यता

उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होनी चाहिए।

विधि, प्रबंधन या वाणिज्य विषय से डिग्रीधारकों को वरीयता दी जा सकती है।


2. आयु सीमा

न्यूनतम आयु: 21 वर्ष

अधिकतम आयु: 30 वर्ष

आरक्षित वर्गों (SC/ST/OBC/PwBD आदि) को सरकार के नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी।


3. राष्ट्रीयता

आवेदक भारत का नागरिक होना चाहिए या नेपाल/भूटान का नागरिक या ऐसा तिब्बती शरणार्थी जो 1 जनवरी 1962 से पहले भारत आया हो।

📝 आवेदन प्रक्रिया


योग्य उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों के माध्यम से UPSC की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:

1. UPSC की आधिकारिक वेबसाइट www.upsc.gov.in पर जाएं।


2. “Recruitment” अनुभाग में “Apply Online” विकल्प पर क्लिक करें।


3. EPFO भर्ती के तहत विज्ञापन संख्या 52/2025 को चुनें।


4. आवेदन फॉर्म को सावधानीपूर्वक भरें।


5. आवश्यक दस्तावेज (फोटो, हस्ताक्षर, आईडी प्रूफ आदि) अपलोड करें।


6. आवेदन शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा करें।


7. आवेदन सबमिट करें और भविष्य के लिए प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।

💸 आवेदन शुल्क


सामान्य/OBC/EWS: ₹25/-

SC/ST/PwBD/महिला उम्मीदवार: कोई शुल्क नहीं

शुल्क का भुगतान डेबिट/क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या SBI की किसी शाखा में चालान के माध्यम से किया जा सकता है।

✅ चयन प्रक्रिया


चयन प्रक्रिया में निम्नलिखित चरण शामिल होंगे:

1. लिखित परीक्षा (ऑब्जेक्टिव टाइप – मल्टीपल चॉइस प्रश्न)


2. साक्षात्कार/पर्सनालिटी टेस्ट



लिखित परीक्षा का वेटेज 75% और इंटरव्यू का वेटेज 25% होगा।

अंतिम चयन मेरिट लिस्ट के आधार पर होगा।

📚 प्रश्न पत्र और पाठ्यक्रम (संभावित)


UPSC EPFO परीक्षा में निम्न विषयों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं:

भारतीय संविधान और राजनीति

श्रम कानून एवं औद्योगिक संबंध

सामान्य विज्ञान और कंप्यूटर ज्ञान

सामान्य अंग्रेज़ी

गणितीय क्षमता

भारतीय अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित मुद्दे

💼 EPFO में करियर क्यों चुनें?


प्रतिष्ठित सरकारी संस्था में स्थायी नौकरी

7वें वेतन आयोग के अनुसार वेतनमान

सामाजिक सुरक्षा, पेंशन एवं प्रमोशन के अवसर

भारत सरकार के अधीन सम्मानजनक सेवाएँ

देश के सामाजिक सुरक्षा ढांचे को लागू करने में योगदान

📢 निष्कर्ष


UPSC EPFO भर्ती 2025 उन उम्मीदवारों के लिए एक शानदार अवसर है जो सरकारी सेवा में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। 230 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में भाग लेने के इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि 30 अगस्त 2025 से पहले आवेदन कर लें और परीक्षा की तैयारी में लग जाएं।

भविष्य की जानकारी जैसे एडमिट कार्ड, परीक्षा तिथि और सिलेबस के लिए UPSC की वेबसाइट और विश्वसनीय शैक्षणिक पोर्टल्स पर नज़र बनाए रखें।


नागपंचमी पर अनोखी पहल: धार में वन विभाग और पीपुल फॉर एनिमल्स ने 33 सांपों को दिलाई आज़ादी!

नागपंचमी पर अनोखी पहल: धार में वन विभाग और पीपुल फॉर एनिमल्स ने 33 सांपों को दिलाई आज़ादी!


धार (मध्य प्रदेश):
जब पूरे देश में श्रद्धालु नागपंचमी के पर्व पर नागदेवता की पूजा-अर्चना में व्यस्त थे, उसी समय धार जिले में एक सराहनीय कदम उठाया गया। वन विभाग और पीपुल फॉर एनिमल्स (PFA) धार इकाई की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए 33 सांपों को बरामद कर उन्हें सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया। यह मिशन सरस्वती नगर और प्रकाश नगर क्षेत्रों में चलाया गया, जहां नागपंचमी के मौके पर सांपों को बंदी बनाकर रखा गया था।

🌿 जब भक्ति बनी संरक्षण की मिसाल


भारत में नागपंचमी एक श्रद्धा और आस्था का पर्व है, जहां नागों की पूजा कर उनके प्रति सम्मान प्रकट किया जाता है। परंतु, इसी आस्था के नाम पर अक्सर सांपों के साथ क्रूरता भी होती है। कई लोग उन्हें पकड़कर तंग जगहों में रखते हैं, दूध पिलाने की कोशिश करते हैं, या फिर भीड़ में दिखाने के लिए उनका इस्तेमाल करते हैं, जो कि न केवल अनुचित है बल्कि कानून के खिलाफ भी है।

धार में हुई यह पहल इस बात की मिसाल है कि भक्ति के साथ-साथ जीवों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जा सकती है।

🐍 ऑपरेशन की पूरी कहानी


वन विभाग और पीएफए टीम को सूचना मिली कि कुछ इलाकों में नागपंचमी पर सांपों को पकड़ कर उन्हें पूजा और प्रदर्शन के लिए रखा गया है। इस पर कार्रवाई करते हुए टीम ने सरस्वती नगर और प्रकाश नगर में छापा मारा। जांच में पाया गया कि कुल 33 सांप, जिनमें कई विषैले और गैर-विषैले प्रजातियां थीं, बेहद खराब हालात में रखे गए थे। कुछ सांपों को प्लास्टिक की थैलियों और डिब्बों में बंद करके रखा गया था।

टीम ने तुरंत सभी सांपों को सुरक्षित निकाला और स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया।

⚖️ कानून क्या कहता है?


भारत में वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत किसी भी वन्य प्राणी को पकड़ना, रखना, या प्रदर्शन करना अपराध की श्रेणी में आता है। नागपंचमी जैसे त्योहारों पर अक्सर इस कानून की अनदेखी की जाती है, परंतु यह स्पष्ट रूप से गैरकानूनी है और इसके लिए जुर्माना और जेल दोनों हो सकते हैं।

इस मामले में संदिग्ध लोगों की पहचान कर ली गई है और उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।

🌍 पीपुल फॉर एनिमल्स (PFA) की अहम भूमिका


पीपुल फॉर एनिमल्स, जो कि पशु कल्याण के लिए काम करने वाली एक राष्ट्रीय संस्था है, उसकी धार यूनिट ने इस बचाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। न केवल उन्होंने सांपों को पहचानने में मदद की, बल्कि सुरक्षित तरीके से उन्हें पकड़ने और प्राकृतिक स्थानों में छोड़ने की पूरी प्रक्रिया को अंजाम दिया।

संस्था ने कई वर्षों से नागपंचमी जैसे अवसरों पर जनजागरूकता अभियान भी चलाए हैं, जिससे लोगों में यह समझ बढ़े कि सांपों के साथ क्रूरता न की जाए।

📣 समाज के लिए संदेश


इस कार्रवाई के ज़रिए समाज को एक स्पष्ट संदेश दिया गया है — श्रद्धा के नाम पर किसी भी जीव को कष्ट देना सही नहीं है। भगवान शिव के गले का आभूषण माने जाने वाले नाग को पूजना हमारी संस्कृति का हिस्सा है, लेकिन उनका शोषण करना आस्था का अपमान है।

वन विभाग और पीएफए ने जनता से अपील की है कि अगर कहीं सांप दिखाई दे, तो खुद उसे पकड़ने की कोशिश न करें। इसके बजाय, वन विभाग या पशु संरक्षण संगठन से संपर्क करें ताकि सांप को सुरक्षित तरीके से स्थानांतरित किया जा सके।

🔚 निष्कर्ष



धार में नागपंचमी के दिन हुआ यह बचाव अभियान न सिर्फ एक संवेदनशील प्रयास था, बल्कि एक प्रेरक उदाहरण भी है। धार्मिक परंपराओं और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाना आज की आवश्यकता है।

ऐसे अभियानों से यह स्पष्ट होता है कि अगर समाज जागरूक हो जाए, तो भक्ति और प्रकृति संरक्षण एक साथ आगे बढ़ सकते हैं।

₹1,300 करोड़ का Aditya infotech IPO पहले ही दिन हुआ पूरा सब्सक्राइब, रिटेल निवेशकों ने दिखाई जबरदस्त दिलचस्पी!

₹1,300 करोड़ का Aditya infotech IPO पहले ही दिन हुआ पूरा सब्सक्राइब, रिटेल निवेशकों ने दिखाई जबरदस्त दिलचस्पी!


देश की अग्रणी सीसीटीवी और सुरक्षा उत्पाद निर्माता कंपनी का Aditya infotech ipo (CP Plus ब्रांड के तहत) ₹1,300 करोड़ का पहले ही दिन यानी **29 जुलाई 2025** को पूरी तरह सब्सक्राइब हो गया। इस IPO को रिटेल निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली, जिन्होंने अपने आवंटित हिस्से को **3.5 गुना से ज्यादा** सब्सक्राइब किया।

पहला दिन: सब्सक्रिप्शन का हाल


**रिटेल निवेशकों का दबदबा:** IPO के पहले दिन दोपहर तक रिटेल कटेगरी ने 3.5 गुना से लेकर 4.4 गुना तक आवेदन कर दिए। नॉन-इंस्टिट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) की ओर से 1.4x से 1.7x सब्सक्रिप्शन हुआ, जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) की भागीदारी अभी तक केवल 1% ही रही।

**ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP):** ग्रे मार्केट में Aditya infotech IPO के प्रति काफी उत्साह देखा जा रहा है, जहां शेयर का प्रीमियम **₹240 से ₹263** तक चल रहा है। यह प्रीमियम ऊपरी प्राइस बैंड **₹675** के मुकाबले देखा गया है, जिससे लिस्टिंग के समय करीब **39% तक** का मुनाफा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

**एंकर निवेशकों से शानदार रिस्पॉन्स:** Aditya infotech IPO खुलने से पहले ही कंपनी ने **₹582 करोड़** जुटा लिए थे। इनमें नाम शामिल हैं – **Government of Singapore, Goldman Sachs, HDFC Mutual Fund**, और **Abu Dhabi Investment Authority** जैसे दिग्गज निवेशकों का।

✅ Aditya infotech IPO की मुख्य विशेषताएं


**कुल आकार:** ₹1,300 करोड़
अ – ₹500 करोड़ — नया इक्विटी इश्यू
ब – ₹800 करोड़ — प्रोमोटर की ओर से ऑफर फॉर सेल (OFS)

**प्राइस बैंड:** ₹640–₹675 प्रति शेयर
**लॉट साइज:** 22 शेयर (लगभग ₹14,850 न्यूनतम निवेश)
**बोली की अवधि:** 29 जुलाई से 31 जुलाई तक
**लिस्टिंग की संभावित तारीख:** 5 अगस्त 2025
**लीड मैनेजर:** ICICI सिक्योरिटीज और IIFL कैपिटल

📈 निवेशकों के लिए क्यों खास है यह IPO?


**बाजार में अग्रणी स्थिति:** CP Plus ब्रांड के तहत आदित्य इंफोटेक सिक्योरिटी और निगरानी उत्पादों में भारत की प्रमुख कंपनी है। इसके उत्पादों का उपयोग सरकारी से लेकर व्यक्तिगत व औद्योगिक क्षेत्रों में व्यापक रूप से होता है।

**मजबूत वित्तीय प्रदर्शन:** कंपनी का मुनाफा पिछले कुछ वर्षों में लगातार बढ़ा है और इसके पास खुद की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को समर्थन देती है।

**भविष्य की संभावनाएं:** भारत में सुरक्षा की मांग बढ़ रही है – खासकर शहरीकरण, स्मार्ट सिटी योजनाओं और संवेदनशील इंफ्रास्ट्रक्चर में निगरानी बढ़ने के कारण।

**इरादा साफ – कर्ज घटाना:** Aditya infotech IPO से जुटाई गई राशि का अधिकांश हिस्सा कंपनी अपने कर्ज को कम करने में लगाएगी, जिससे बैलेंस शीट मजबूत होगी और विकास के लिए अधिक संसाधन मिलेंगे।

👥 निवेशकों के लिए ज़रूरी बातें


**मांग ज्यादा, शेयर सीमित:** रिटेल श्रेणी में 3.5x से ज्यादा की सब्सक्रिप्शन के चलते कई छोटे निवेशकों को आंशिक या शायद कोई अलॉटमेंट न मिले।

**मूल्यांकन पर नज़र:** बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि कंपनी की स्थिति मजबूत है, लेकिन कुछ चेतावनी दे रहे हैं कि मूल्यांकन (Valuation) थोड़ा ऊँचा हो सकता है।

**ब्रोकरेज की राय:** ज़्यादातर वित्तीय सलाहकारों ने ‘**लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब करें**’ की सलाह दी है।

🧾 निष्कर्ष


Aditya infotech IPO दिन की शुरुआत में ही ओवरसब्सक्राइब होना भारतीय निवेशकों के बीच सुरक्षा तकनीकी कंपनियों के प्रति भरोसे को दर्शाता है। मजबूत वित्तीय स्थिति, बाजार में स्पष्ट लीडरशिप और उच्च GMP इस IPO को एक आकर्षक निवेश अवसर बना रहा है। 5 अगस्त को सूचीबद्ध होने से पहले यह IPO खुद ही एक सफल मुद्दा बन चुका है।

**निवेश से पहले, आवश्यक वित्तीय सलाह अवश्य लें।**