
यमन में फांसी की सजा का सामना कर रही Kerala nurse Nimisha Priya के मामले में नया मोड़ आया है। हाल ही में उनके पति ने मीडिया से बातचीत में बताया कि भारत सरकार और विदेश मंत्रालय (MEA) इस मामले को लेकर गंभीर प्रयास कर रहे हैं और उन्हें सकारात्मक परिणाम की उम्मीद है।
Kerala nurse Nimisha Priya जो काम करने यमन गई थीं, को 2017 में एक यमनी नागरिक की हत्या के आरोप में दोषी ठहराया गया था और फांसी की सजा सुनाई गई थी। यह मामला समय के साथ मानवाधिकार संगठनों और भारतीय प्रवासी समुदाय का ध्यान आकर्षित करता रहा है, जो सरकार से कूटनीतिक हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
उनके पति ने कहा, “भारत सरकार और विदेश मंत्रालय पूरी गंभीरता से प्रयास कर रहे हैं। उच्च अधिकारियों के बीच यमनी प्रशासन से बातचीत चल रही है और हम आशावादी हैं कि जल्द ही कोई समाधान निकल सकता है।”
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विदेश मंत्रालय कानूनी विशेषज्ञों और यमन स्थित भारतीय दूतावास के साथ मिलकर सभी संभावित रास्तों पर विचार कर रहा है—चाहे वह कूटनीतिक हो या मानवीय।
यमन के कानून में “ब्लड मनी” (खून-बहर) की व्यवस्था है, जिसके तहत पीड़ित के परिवार की सहमति से दोषी की सजा माफ की जा सकती है। रिपोर्ट्स के अनुसार, कई सामाजिक संगठन और एनजीओ इस ब्लड मनी के लिए फंड जुटाने में लगे हैं ताकि पीड़ित परिवार को क्षतिपूर्ति दी जा सके।
Kerala nurse Nimisha Priya की बेटी और परिवार ने सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे हस्तक्षेप कर उनकी सुरक्षित घर वापसी सुनिश्चित करें। पति ने यह भी बताया कि यह स्थिति उनके परिवार, खासकर बच्ची पर भावनात्मक रूप से भारी पड़ रही है।
इस मामले को एक अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक चुनौती के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें मानवीयता, कानून और सरकार की भूमिका बेहद अहम है। सोशल मीडिया पर #SaveNimishaPriya जैसे हैशटैग के ज़रिए जनता भी समर्थन दे रही है।
निष्कर्ष:
केरल की नर्स निमिषा प्रिया की फांसी की सजा को लेकर सरकार की सक्रियता और विदेश मंत्रालय की कूटनीतिक पहल से उनके परिवार को उम्मीद है कि जल्द कोई राहत मिलेगी। आने वाले सप्ताह इस मामले में निर्णायक हो सकते हैं।
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